इन कर्मचारियों-पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में 2% की वृद्धि, नई दरें जनवरी 2026 से होंगी लागू, एरियर का भी मिलेगा लाभ
सिक्किम के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने रक्षाबंधन से पहले राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी सौगात दी है। शनिवार को गंगटोक के पलजोर स्टेडियम में 80वें स्वतंत्रता दिवस के राज्य-स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की।
इस वृद्धि के बाद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है। नई दरें जनवरी 2026 से लागू होंगी। बढ़े हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का बकाया दशैन (दशईं)2026 से पहले दिया जाएगा, जिससे राज्य भर के हजारों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक राहत मिलेगी। यह वृद्धि 1 जनवरी से जून 2026 तक के समय के लिए लागू होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र के DA और DR में बदलाव को फॉलो करने का फैसला किया है, और भारत सरकार के बदलावों के अनुसार ही सिक्किम के फायदे बदलने और बांटने के तरीके को बनाए रखा है।
बता दें कि सिक्किम में दशैन (Dashain) का त्योहार हर साल आश्विन शुक्ल पक्ष (सितंबर-अक्टूबर) में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह 11 अक्टूबर (घटस्थापना) से शुरू होकर 21 अक्टूबर 2026 (विजया दशमी/टीका) तक मनाया जाएगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा साल में 2 बार केंद्रीय कर्मचारियों महंगाई भत्ते की दरों में संशोधन किया जाता है। यह दरें श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के छमाही (जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर) आंकड़ों पर निर्भर करती हैं। जनवरी 2026 से केंद्र सरकार ने 2 प्रतिशत DA में वृद्धि की थी, जिसका ऐलान अप्रैल 2026 में किया गया। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत की दर से DA का लाभ मिल रहा है।
अब जुलाई 2026 की नई दरों का ऐलान होना है। श्रम ब्यूरो द्वारा जारी जून 2026 के आंकड़ों में AICPI-IW इंडेक्स 151.9 और डीए स्कोर 63.76% दर्ज किया गया है, इस आधार DA में 3% वृद्धि तय मानी जा रही है, जिसके बाद डीए की दर 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत होने की प्रबल संभावना है। चुंकी अबतक 8वां वेतन आयोग लागू नहीं हुआ है, ऐसे में यह वृद्धि 7वें वेतन आयोग के तहत मानी जाएगी।
नीमच में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 51 लाख की अफीम के साथ राजस्थान का तस्कर गिरफ्तार
नीमच में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में नीमच कैंट पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए राजस्थान के एक कथित तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से कपड़े के बैग में छिपाकर रखी गई 10 किलो 150 ग्राम अफीम बरामद हुई है।
पुलिस के अनुसार जब्त अफीम की कीमत करीब 51 लाख रुपये है। कार्रवाई के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में अफीम आरोपी तक कहां से पहुंची और इसे आगे कहां ले जाया जाना था।
नीमच में 10 किलो से ज्यादा अफीम बरामद
नीमच कैंट पुलिस के मुताबिक 16 अगस्त 2026 को उप निरीक्षक जाकिर हुसैन मंसूरी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अफीम लेकर राजस्थान जाने वाली बस का इंतजार कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर निगरानी शुरू की।
पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने के बाद घेराबंदी की और उसे हिरासत में लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद कपड़े के बैग की जांच की गई। बैग के अंदर चार अलग-अलग थैलियां मिलीं। इनमें अफीम रखी हुई थी।
बस का इंतजार कर रहा था आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी राजस्थान जाने वाली बस का इंतजार कर रहा था। मुखबिर से मिली सूचना में उसके पास अफीम होने की जानकारी दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना देर किए टीम को मौके पर भेजा।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास मौजूद कपड़े के बैग की तलाशी ली गई। बैग में अफीम छिपाकर रखी गई थी। पुलिस ने मौके से मादक पदार्थ बरामद करने के बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमेर राम, पिता अन्नाराम विश्नोई, उम्र 43 वर्ष के रूप में हुई है। वह डेलु मनाडा की ढाणी, थाना झंवर, जिला जोधपुर, राजस्थान का निवासी बताया गया है।
51 लाख की अफीम मिलने के बाद पुलिस ने शुरू की पूछताछ
नीमच कैंट पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 425/2026 दर्ज किया है। मामले में धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
अफीम की बरामदगी के बाद पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। खास तौर पर अफीम के स्रोत और उसके आगे के संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अकेले ही इस काम में शामिल था या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।
मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में पुलिस के लिए सिर्फ नशीला पदार्थ बरामद करना ही पर्याप्त नहीं होता। जांच के दौरान यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होता है कि माल कहां से आया, किसे दिया जाना था और इसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की पूरी व्यवस्था कैसे की गई।
एसपी से लेकर थाना प्रभारी तक के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल और नगर पुलिस अधीक्षक किरण चौहान के मार्गदर्शन में की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जिस तरह से मौके पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ा, उससे कार्रवाई में सूचना तंत्र की भूमिका भी सामने आती है। पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने के बाद उसकी तलाशी ली और उसके बैग से अफीम बरामद की।
नीमच में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान
नीमच और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जाती रही है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच आवाजाही भी काफी रहती है। ऐसे में पुलिस के सामने मादक पदार्थों की तस्करी पर नजर रखना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है।
नीमच कैंट पुलिस की कार्रवाई में 10 किलो 150 ग्राम अफीम की बरामदगी इस मामले को इसलिए भी गंभीर बनाती है क्योंकि यह मात्रा व्यक्तिगत उपयोग से कहीं अधिक है। पुलिस अब इसके पीछे काम कर रहे संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
चार थैलियों में रखी थी अफीम
पुलिस के अनुसार आरोपी के कपड़े के बैग की तलाशी लेने पर अफीम चार थैलियों में मिली। कुल वजन 10 किलो 150 ग्राम बताया गया है। अफीम को बैग में रखकर आरोपी बस के जरिए राजस्थान जाने की तैयारी में था। पुलिस की कार्रवाई के बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
इस बरामदगी के बाद पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने मादक पदार्थ कहां से हासिल किया था। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो पुलिस उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।
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