Nag Panchami 2026: नाग पंचमी के दिन बनाएं गुड़ की पूरी का प्रसाद, नोट करें कम सामग्रियों वाली आसान रेसिपी
Nag Panchami 2026: सनातन धर्म का प्रमुख पर्व नाग पंचमी का त्योहार आज मनाया जा रहा है. यह त्योहार नागों और सर्पों को समर्पित होता है. आज के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि नाग भगवान शिव के आभूषणों में से एक है. इसे उनका प्रमुख हिस्सा भी माना जाता है. उनके गले में सुशोभित वासुकि नाग, नागों के राजा है. वहीं, भगवान शिव की मानस पुत्री देवी मनसा भी एक शक्तिशाली नागिन मानी जाती है. नाग पंचमी के दिन शिव जी की पूजा करने के साथ नागों की पूजा का भी उल्लेख है. उनकी पूजा करने से भय, डर, सर्प दंश और सांपों से जुड़े दोषों से मुक्ति मिलती है. मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन तवे का प्रयोग घर में नहीं करना चाहिए. इसके साथ चाकु-छुरी जैसी धारदार चीजों का भी इस्तेमाल वर्जित होता है. नाग पंचमी के दिन खेतों में खुदाई करने का काम भी नहीं किया जाता है. लेकिन आज के दिन नाग-नागिन की पूजा के साथ प्रसाद चढ़ाने का वर्णन भी मिलता है. उन्हें खीर-पूरी और हलवे का भोग लगाते हैं. ऐसे में जब आप न ही तवे का इस्तेमाल कर सकते हैं और न ही चाकु का, तो क्या बनाएं? गुड़ की पूरी एक खास व्यंजन है जिसे आसानी से बनाया जा सकता है और इनमें वर्जित चीजों का भी इस्तेमाल नहीं होगा. चलिए जानते हैं गुड़ वाली पूरी बनाने की संपूर्ण विधि.
गुड़ की पूरी बनाने के लिए सामग्रियां
- गुड़- 1 कप
- पानी- आधा गिलास
- घी- 1 चम्मच
- गेहूं का आटा- 2 कप
- सौंफ- आधा चम्मच
- तलने के लिए तेल या देसी घी
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गुड़ की पूरी बनाने की विधि
- सबसे पहले तो आप गुड़ को हाथों की ही मदद से तोड़कर छोटे टुकड़ों में कांट लें या फिर उन्हें बेलन की मदद से तोड़ दें.
- अब एक पैन में गुनगुना पानी तैयार करें और उसमें गुड़ डाले. इसके बाद अच्छे से घुलने दें.
- अब एक बर्तन में गेंहू का आटा लें और इसमें थोड़ी सौंफ और थोड़ा घी डालकर मिला लें. अब इसे गुड़ वाले पानी की सहायता से गूंथ लें. पूरियों का आटा न बहुत ज्यादा नरम और न ही बहुत सख्त होना चाहिए.
- गूथें हुए आटे को करीब 15 मिनट तक ढककर रखें. ऐसा करने से पूरियां आसानी से बेली जाएगी.
- अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें हल्का मोटा बेल लें.
- बहुत ज्यादा पतली पूरियों में स्वाद नहीं आएगा और वह सही से तली नहीं जाएंगी.
- कढ़ाई में घी या तेल गर्म करके उसमें एक-एक करके पूरियां डालें.
- गैस की आंच को हल्का करके पूरियों को दोनों तरफ से गोल्डन होने तक फ्राई करें.
- दरअसल, गुड़ से इन पूरियों का रंग जल्दी भूरा हो जाता है, इसलिए इन्हें हल्की आंच पर ही तलना चाहिए.
पहले भोग लगाएं और फिर खाएं
नाग पंचमी के दिन गुड़ की पूरी को प्रसाद के रूप में भी अर्पित किया जा सकता है. इसलिए, पूरियों को तैयार करने के बाद सबसे पहले नाग-नागिन और भगवान शिव को भोग लगाएं. इसके बाद परोसे व खाएं. इसका स्वाद मीठा और बेहद स्वादिष्ट होता है. आप चाहें तो इन पूरियों के साथ खीर, दही या किसी मीठे व्यंजन को भी परोस सकते हैं. गुड़ की वजह से पूरियों में प्राकृतिक मिठास आ जाती है और सौंफ इसका स्वाद और खुशबू बढ़ा देती है. इस तरह नाग पंचमी के दिन बिना तवे और चाकू का इस्तेमाल किए घर पर स्वादिष्ट गुड़ की पूरियां आसानी से बना सकते हैं.
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Disclaimer: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.
'विकसित भारत 2047' विजन में बैंकिंग सेक्टर की भूमिका तय करने को लेकर जल्द बनेगी उच्च स्तरीय कमेटी: वित्त मंत्री सीतारमण
नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि जल्द ही एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा, जो यह तय करेगी कि विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में देश का बैकिंग सेक्टर क्या भूमिका निभा सकता है।
राष्ट्रीय राजधानी में पब्लिक सेक्टर बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा, एक बार जब समिति अपनी रिपोर्ट सौंप देगी, तो हम उसकी सिफारिशों पर तेजी से काम करेंगे।
वित्त मंत्री सीतारमण ने 2026-27 के केंद्रीय बजट को पेश करते हुए बैंकिंग सेक्टर के लिए एक उच्च स्तरीय कमिटी बनाने का प्रस्ताव रखा था, ताकि भारत के विकास लक्ष्यों के साथ इस सेक्टर के तालमेल की समीक्षा की जा सके।
वित्त मंत्री ने कहा, यह कमिटी विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में बैंकों की भूमिका पर विचार करेगी। 2047 का लक्ष्य बहुत दूर नहीं है। अभी 2026 चल रहा है, यानी हमारे पास 20 साल से भी कम समय बचा है।
उन्होंने बैंकिंग सेक्टर में एसेट क्वालिटी में आए मजबूत सुधार का भी जिक्र किया और कहा कि यह सुधार अब बैंकिंग सेक्टर में सुधारों को आगे बढ़ाने का एक बेहतरीन मौका देता है।
उन्होंने सरकारी बैंकों से कहा कि वे अपनी मजबूत बैलेंस शीट का इस्तेमाल आर्थिक विकास के अगले चरण को सहारा देने और बैंकिंग सुधारों की तैयारी के लिए करें। इन सुधारों का मकसद एक ऐसी वित्तीय प्रणाली बनाना है जो सरकार के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप हो।
वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर मजबूत स्थिति के साथ अगले चरण में प्रवेश कर रहा है, क्योंकि नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) अपने सबसे निचले स्तर पर हैं।
उन्होंने बताया कि एनपीए के अब तक के सबसे निचले स्तर पर होने के कारण, बैंकों के लिए सुधारों को आगे बढ़ाने की इससे बेहतर मजबूत स्थिति नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग लीडरशिप से मिलने वाले सुझाव कमेटी के लिए अहम इनपुट साबित हो सकते हैं और सरकार को उनकी सिफारिशों पर तेजी से काम करने में मदद कर सकते हैं।
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि बैंकों को देश की युवा आबादी पर खास ध्यान देना चाहिए, क्योंकि 29 प्रतिशत भारतीय 15-29 आयु वर्ग में आते हैं। सीतारमण ने कहा कि बैंकों को युवाओं के लिए वित्तीय सेवाओं - जैसे एजुकेशन लोन, एंटरप्रेन्योरशिप फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स - तक पहुंच बढ़ानी चाहिए।
उन्होंने बैंकिंग सेक्टर से फाइनेंसिंग की नई जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यावहारिक और लागू करने योग्य आइडिया लाने को भी कहा। उन्होंने कहा कि बैंकिंग कमेटी की सिफारिशें आने के बाद सेक्टर को भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए तैयार रहना चाहिए।
वहीं, वित्तीय सेवा विभाग के संजय लोहिया ने बताया कि पब्लिक सेक्टर के बैंकों की एसेट क्वालिटी में जबरदस्त सुधार हुआ है। ग्रॉस एनपीए मार्च 2018 में 14.6 प्रतिशत के उच्चतम स्तर से घटकर मार्च 2026 में 1.93 प्रतिशत के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए, जबकि इसी दौरान नेट एनपीए 8 प्रतिशत से घटकर 2.39 प्रतिशत हो गया है।
--आईएएनएस
एबीएस
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