इस दिन लगेगी स्पेशल लोक अदालत, 80% तक कम हो सकता है ट्रैफिक चालान
How will the traffic invoice be reduced? वाहन चालकों के लिए अच्छी खबर है, दिल्ली में स्पेशल लोक अदालत लगने वाली है जिसमें आप अपनी गाड़ी गाड़ी का कोई भी पुराना ट्रैफिक चालान जो लंबे समय से पेंडिंग हो उसका निपटारा कर सकते हैं. दरअसल, दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) 12 जुलाई 2026 को एक स्पेशल लोक अदालत लगाने जा रहा है.
यह कोर्ट पूरे दिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी. DSLSA अधिकारियों के अनुसार इस विशेष कोर्ट में कोर्ट और ट्रैफिक पुलिस के पास जमा हुए लाखों पुराने चालानों का जल्द निपटारा किया जाएगा.
Special Lok Adalat to be held on 12.07.2026@NALSALegalAid pic.twitter.com/8cu39iv9QN
— Delhi State Legal Services Authority (DSLSA) (@DSLSA_DELHI) July 5, 2026
लोक अदालत में कौन से चालान निपटेंगे?
DSLSA के मुताबिक हर चालान इस अदालत में नहीं भरा जा सकेगा. इस कोर्ट में सिर्फ वही मामले लिए जाएंगे जो 'कंपाउंडेबल' होंगे यानी समझौते के लायक माने जाते हैं। इस कोर्ट में शराब पीकर गाड़ी चलाने, एक्सीडेंट या किसी बड़े आपराधिक मामले से जुड़ा चालान यहां नहीं सुलझया जा सकेगा. ऐसे मामलों की सुनवाई नियमित अदालत में ही होती है.
कंपाउंडेबल मामले कौन से होते हैं...
- रेड लाइट जंप करना
- हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनना
- तय सीमा से ज्यादा स्पीड में गाड़ी चलाना
- गलत जगह पार्किंग करना
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डिजिटल दौर में आंखों का रखें ख्याल, आयुर्वेद के ये आसान उपाय आएंगे काम
नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। आज के समय में मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है। लगातार स्क्रीन देखने की वजह से आंखों में थकान, जलन, सूखापन और रोशनी से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में आंखों की सही देखभाल करना बेहद जरूरी हो गया है। आयुर्वेद में आंखों को शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग माना गया है और इन्हें स्वस्थ रखने के लिए कई आसान उपाय बताए गए हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, आंखों की समस्याओं के पीछे मुख्य रूप से तीन कारण हो सकते हैं। पहला, आंखों का जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से इस्तेमाल करना। दूसरा, अपनी जीवनशैली और आदतों में लापरवाही करना। तीसरा, मौसम में होने वाले असामान्य बदलाव। इनसे बचने के लिए सही खानपान, अच्छी दिनचर्या और कुछ प्राकृतिक उपायों को अपनाने की सलाह दी गई है।
आंखों की देखभाल के लिए पादाभ्यंग (पैरों की तेल से मालिश) को भी लाभकारी बताया गया है। रोजाना गुनगुने तेल से पैरों की मालिश करने से शरीर को आराम मिलता है और आंखों की थकान कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा ठंडे पानी से आंखों को धोना भी एक आसान उपाय है। दिन में कुछ बार आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारने से ताजगी महसूस होती है।
आयुर्वेद और योग में आंखों के लिए कई तरह के अभ्यास बताए गए हैं। इनमें पामिंग एक सरल तरीका है। इसमें आंखें बंद करके हथेलियों से उन्हें ढककर कुछ देर आराम किया जाता है। इससे आंखों को आराम मिलता है और तनाव कम महसूस होता है। इसी तरह आंखों को धीरे-धीरे दाएं-बाएं घुमाने जैसे अभ्यास भी आंखों की मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद कर सकते हैं।
सूर्य की हल्की रोशनी में बैठना, मोमबत्ती की लौ पर ध्यान केंद्रित करना और त्राटक जैसे योग अभ्यास भी पारंपरिक रूप से आंखों के लिए उपयोगी माने जाते हैं।
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए कुछ बुरी आदतों से बचना भी जरूरी है। ज्यादा देर तक स्क्रीन देखने से बचें, पर्याप्त नींद लें और आंखों पर अनावश्यक दबाव न डालें।
इसके अलावा, पढ़ते समय पर्याप्त रोशनी का ध्यान रखें और किताब या स्क्रीन को आंखों से उचित दूरी पर रखें। समय-समय पर आंखों को आराम देना भी जरूरी है। लंबे समय तक आंखों में परेशानी, धुंधला दिखाई देना या दर्द जैसी समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
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