Kashmera Shah: गोविंदा- सुनीता आहूजा के चल रहे झगड़े के बीच कश्मीरा शाह का बयान वायरल, बोलीं- टूटती शादियों और धोखेबाजी को देख काफी निराश' हूं
Kashmera Shah: गोविंदा और सुनीता आहूजा के बीच धोखेबाजी को लेकर हुई सार्वजनिक बहस के बीच कश्मीरा शाह ने सच्चे प्यार और शादी पर सवाल उठाए। एक्ट्रेस का पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मुरैना में खाद के लिए रात 3 बजे से लाइन, ई-टोकन नहीं मिला तो किसानों ने बंद किया मंडी गेट
मुरैना में खाद और ई-टोकन की व्यवस्था को लेकर किसानों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आ गया। दो दिन की छुट्टी के बाद खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान रात 2 से 3 बजे के बीच ही कृषि उपज मंडी पहुंच गए थे।
किसानों को उम्मीद थी कि सुबह समय पर ई-टोकन मिलना शुरू हो जाएगा और उन्हें खाद के लिए ज्यादा देर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। लेकिन सुबह करीब 10 बजे तक मौके पर ई-टोकन बांटने के लिए कर्मचारी और अधिकारी नहीं पहुंचे।
रात 3 बजे से खाद के लिए लाइन में लगे किसान
सोमवार को कृषि उपज मंडी में सुबह होने से पहले ही किसानों की भीड़ जुटने लगी थी। शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान मंडी पहुंचे। कई किसान रात 2 से 3 बजे के बीच ही वहां पहुंच गए थे, ताकि सुबह ई-टोकन मिलने के समय उनकी बारी पहले आ सके।
किसानों को लगा था कि इतनी सुबह पहुंचने के बाद वे समय पर अपना ई-टोकन ले सकेंगे और खाद लेकर वापस लौट जाएंगे। लेकिन जैसे-जैसे सुबह होती गई, लाइन बढ़ती गई और इंतजार भी लंबा होता गया। किसान घंटों मंडी में खड़े रहे।
ई-टोकन नहीं मिला तो किसानों ने बंद कर दिया मंडी गेट
लंबे इंतजार के बाद किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कृषि उपज मंडी का गेट बंद कर दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान मंडी गेट के सामने बैठ गए और जिला प्रशासन तथा प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
किसानों का कहना था कि खाद की जरूरत खेती के लिए बेहद जरूरी है और इसके लिए उन्हें पहले ही काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में अगर ई-टोकन लेने के लिए भी रात से लाइन लगानी पड़े और सुबह तक कर्मचारी नहीं आएं, तो समस्या और बढ़ जाती है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रशासन से खाद वितरण की व्यवस्था सुधारने की मांग की। उनका कहना था कि किसानों को खाद लेने के लिए घंटों लाइन में खड़े होने के बजाय ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें ई-टोकन समय पर मिले और खाद वितरण भी व्यवस्थित तरीके से हो।
कलेक्टर के निर्देश के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
किसानों के प्रदर्शन की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
इसके बाद कृषि विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में ई-टोकन की प्रक्रिया शुरू कराई गई और किसानों को खाद का वितरण भी शुरू हुआ। इससे लंबे समय से इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिली।
देर से पहुंचने वाले कर्मचारियों पर हो सकती है कार्रवाई
कर्मचारियों की देरी को प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया है। मामले की जांच के निर्देश कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अनंत सड़गैया को दिए गए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि ई-टोकन वितरण के लिए जिम्मेदार कर्मचारी समय पर मंडी क्यों नहीं पहुंचे। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किसानों को खाद लेने में किस स्तर पर परेशानी हुई और आगे ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए क्या व्यवस्था की जा सकती है।
अगर जांच में कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता किसानों को खाद उपलब्ध कराना और मंडी में व्यवस्था सामान्य बनाए रखना है।
दो दिन की छुट्टी के बाद बढ़ी किसानों की भीड़
मुरैना मंडी में सोमवार को किसानों की भीड़ बढ़ने की एक बड़ी वजह शनिवार और रविवार की छुट्टी भी रही। दो दिन तक खाद और ई-टोकन की प्रक्रिया प्रभावित रहने के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में किसान एक साथ मंडी पहुंच गए।
किसानों को पहले से अंदाजा था कि सोमवार को भीड़ ज्यादा होगी। इसी कारण कई किसान रात में ही मंडी पहुंचकर लाइन में लग गए। उनका मकसद सिर्फ इतना था कि सुबह ई-टोकन वितरण शुरू होते ही उन्हें अपनी बारी मिल जाए।
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