शहजाद पूनावाला ने भाजपा से की इस्तीफा मंजूर करने की अपील, कहा-‘व्यवस्था छोड़ रहा हूं, व्यक्ति या विचार नहीं’
शहजाद पूनवाला ने एक्स पर इस्तीफा पोस्ट करते हुए एक बार फिर बीजेपी और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन से इस्तीफा मंजूर करने की अपील की है. उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ व्यवस्था छोड़ रहा हूं, व्यक्ति या विचार नहीं.
Himachal Monsoon Havoc: हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त; 110 सड़कें बंद, 91 ट्रांसफार्मर ठप
हिमाचल प्रदेश में मानसूनी बारिश का कहर लगातार जारी है। पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन, मलबा गिरने और नदी-नालों के उफान पर आने से राज्य के कई हिस्सों में सड़क संपर्क, विद्युत आपूर्ति और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था चरमरा गई है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) द्वारा 17 अगस्त सुबह जारी आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और प्रभावित क्षेत्रों में बहाली कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं।
मंडी जिले में सबसे ज्यादा 39 सड़कें बंद, सराज में संपर्क टूटा
बारिश और भूस्खलन से सड़क व्यवस्था सबसे अधिक मंडी जिले में प्रभावित हुई है, जहां कुल 39 सड़कें बंद हैं। इनमें अकेले सराज उपमंडल में 25 सड़कें मलबे की चपेट में आने से बंद पड़ी हैं। इसके अलावा पधर उपमंडल में सात, थलौट में पांच, जबकि सुंदरनगर और जोगिंद्रनगर में एक-एक मुख्य मार्ग अवरुद्ध है। सड़कों के बंद होने से दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो रही है।
कुल्लू में 33 सड़कें और बिजली नेटवर्क प्रभावित
मंडी के बाद कुल्लू जिला भी बारिश के भारी असर से जूझ रहा है। कुल्लू में 33 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हैं, जिसके चलते ग्रामीण और ऊपरी इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। जिले के विभिन्न उपमंडलों में ट्रांसफार्मर खराब होने से कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें बुलडोजर व जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्गों को बहाल करने में जुटी हैं।
217 पेयजल योजनाएं और 91 ट्रांसफार्मर ठप
भारी बारिश के कारण पहाड़ी स्रोतों में गाद भरने और पाइपलाइन टूटने से राज्यभर की 217 पेयजल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे स्थानीय आबादी को पीने के पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बिजली के खंभे गिरने और तकनीकी खराबी के चलते 91 वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) ठप हैं, जिससे सैकड़ों घरों में बिजली गुल है। जल शक्ति विभाग और हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के कर्मचारी आपूर्ति को सामान्य करने के लिए लगातार फील्ड में कार्य कर रहे हैं।
मानसून से अब तक ₹973 करोड़ से अधिक का भारी नुकसान
राज्य सरकार की संचयी मानसून क्षति रिपोर्ट के अनुसार, इस मानसून सीजन के दौरान सरकारी व निजी संपत्तियों को मिलाकर 973 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया जा चुका है। इसमें लोक निर्माण विभाग की सड़कों व पुलों, जल शक्ति विभाग की पेयजल लाइनों और विद्युत बोर्ड के बुनियादी ढांचे को सबसे अधिक क्षति पहुंची है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों व उफनते नदी-नालों से दूर रहने की एडवाइजरी जारी की है।
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