राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार CEO की नियुक्ति, SIT की रिपोर्ट ने खड़े किए कई सवाल
Ram Mandir Trust: अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे की गिनती में सामने आई अनियमितताओं के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है. अब मंदिर के पूरे प्रबंधन और वित्तीय व्यवस्था की निगरानी के लिए पहली बार एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया जाएगा. ट्रस्ट का मानना है कि इससे मंदिर की व्यवस्था पहले से ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनेगी.
CEO चुनने के लिए बनी हाई लेवल कमेटी
नए CEO के चयन के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है. इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली करेंगे. उनके साथ भारतीय सेना के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत और लेफ्टिनेंट जनरल सुरेश हावड़े भी सदस्य होंगे. यह समिति सभी योग्य उम्मीदवारों की जांच के बाद मंदिर के पहले CEO का चयन करेगी.
SIT रिपोर्ट में सामने आईं गंभीर खामियां
यह फैसला उस समय लिया गया है जब उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी गई एसआईटी (विशेष जांच दल) की शुरुआती रिपोर्ट में दान-चढ़ावे के प्रबंधन में कई गंभीर खामियां सामने आईं. रिपोर्ट के मुताबिक मामला सिर्फ कुछ कर्मचारियों की चोरी तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरी व्यवस्था में निगरानी की कमी और सुरक्षा में बड़ी चूक मिली.
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में कुछ कर्मचारी नोटों की गड्डियों से पैसे निकालते, खुले नोट छिपाते और संदिग्ध गतिविधियां करते दिखाई दिए. एसआईटी ने माना कि चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में कई स्तरों पर नियमों का पालन नहीं किया गया.
सीसीटीवी में दिखीं कई संदिग्ध घटनाएं
एसआईटी ने अप्रैल और मई महीने की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की जांच की. इसमें करीब 70 ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिनमें कर्मचारियों का व्यवहार संदिग्ध पाया गया. जांच में यह भी सामने आया कि गिनती के दौरान कर्मचारियों की तलाशी नहीं ली जाती थी और उन्हें निजी सामान अंदर ले जाने की भी अनुमति थी.
प्रारंभिक जांच में 6 लोगों की भूमिका संदिग्ध मानी गई है. इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रामाशंकर मिश्रा उर्फ टिन्नू शामिल हैं. एसआईटी का कहना है कि इनके खिलाफ शुरुआती स्तर पर सबूत और बरामदगी भी हुई है.
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा
पूरे मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट में भी हलचल मच गई. निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दे दिया. ट्रस्ट ने दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं. इसके अलावा गोपाल राव को विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची से भी हटा दिया गया है. ट्रस्ट का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी.
मंदिर को अब तक कितना मिला दान?
ट्रस्ट ने बैठक के दौरान मंदिर के दान और खर्च का पूरा हिसाब भी सार्वजनिक किया. मंदिर निर्माण अभियान और अन्य माध्यमों से अब तक 3,264 करोड़ रुपये का दान मिला है. इसमें से 2,370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण और अन्य पूंजीगत कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं.
वहीं ट्रस्ट की स्थापना से लेकर 31 मार्च 2026 तक श्रद्धालुओं ने 582 करोड़ रुपये का नकद चढ़ावा दिया. इसमें से 389 करोड़ रुपये मंदिर के संचालन और अन्य खर्चों में इस्तेमाल किए गए, जबकि बाकी राशि बैंक खातों में सुरक्षित रखी गई है.
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कीमती भेंटों का भी रखा जा रहा पूरा रिकॉर्ड
नकद दान के अलावा श्रद्धालुओं ने भगवान रामलला को बड़ी संख्या में आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं भी भेंट की हैं. ट्रस्ट के अनुसार अब तक 2,926 कीमती वस्तुएं मंदिर को दान में मिली हैं. इन सभी को सुरक्षित लॉकर में रखा गया है और हर वस्तु का विवरण, वजन और प्राप्ति की तारीख विशेष रजिस्टर में दर्ज की जाती है.
इन उपहारों का हर साल एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म द्वारा भौतिक सत्यापन भी कराया जाता है. ट्रस्ट ने यह भी कहा है कि यदि कोई दानदाता अपनी भेंट की जानकारी या सत्यापन करना चाहता है, तो वह समय लेकर अयोध्या आकर इसकी पुष्टि कर सकता है.
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जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम का ऐलान, 4 नए खिलाड़ियों की एंट्री, वैभव सूर्यवंशी की जगह बरकरार
भारतीय टीम इस समय इंग्लैंड के साथ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेल रही है। दो मुकाबले हो चुके हैं तीसरा मुकाबला मंगलवार को खेला जाएगा। इस बीच, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए 3 मैचों की टी20 अंतर्राष्ट्रीय सीरीज के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। श्रेयस अय्यर को कप्तान और तिलक वर्मा को उप कप्तान बनाया है।
बता दें कि जिम्बाब्वे दौरे के लिए टी20 सीरीज के लिए टीम में बड़े बदलाव किए गए हैं। संज सैमसन के खराब प्रदर्शन के चलते उनको बाहर का रास्ता दिखाया गया है। संजू सैमसन को टीम से बाहर किए जाने के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। हाल ही में टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले इस खिलाड़ी को टीम प्रबंधन द्वारा इतनी जल्दी बाहर किए जाने पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों का मानना है कि उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए चयन पर फिर से किया जाना चाहिए।
वैभव सूर्यवंशी टीम में बरकरार
भारतीय टीम की लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी को लेकर हो रही है। वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ हुए दूसरे टी20 मैच में अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू कर लिया है। वैभव का नाम आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में भी था लेकिन खेलने का मौका नहीं मिला। हालांकि उन्होंने आईपीएल 2026 और घरेलू क्रिकेट में इतना शानदार प्रदर्शन किया कि जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में भी सिलेक्टर्स को उनका नाम शामिल करना पड़ा।
4 नए खिलाड़ियों को मिला मौका
चयनकर्ताओं ने इस बार आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले चार अनकैप्ड खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है। तेज गेंदबाज यश ठाकुर और अशोक शर्मा को पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है। इसके अलावा ऑलराउंडर हर्ष दुबे और विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को भी पहली बार सीनियर भारतीय टीम में शामिल किया गया है। वहीं, अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी के लिए चर्चित मयंक यादव की भी एक बार फिर भारतीय टीम में वापसी हुई है।
जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारत की T20I टीम
श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (उपकप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव और प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर)।
???? News ????#TeamIndia squad announced for the 3️⃣-match T20I series against Zimbabwe.
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— BCCI (@BCCI) July 6, 2026
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