अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट बैठक: चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर, कृष्ण मोहन बने कार्यकारी महासचिव
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सोमवार, 6 जुलाई 2026 को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की बैठक अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हो चुकी है। यह बैठक करीब तीन घंटे तक चली। बैठक से संबंधित बड़ी खबर यह है कि मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे को मंजूर कर लिया गया है। वहीं मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन को कार्यकारी महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसकी जानकारी मंदिर ट्रस्ट के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी गई।
मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने कार्यकारी महासचिव की जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब तक नया महासचिव नियुक्त नहीं हो जाता तब तक मुझे कार्यकारी के तौर पर यह जिम्मेदारी संभालने का आदेश दिया गया। वहीं राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर उन्होंने कहा कि जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। राम भक्तों समेत सभी लोगों को इस घटना से आघात पहुंचा है। प्रबंधन और संचालन संचालन में कुछ खामियां थीं जिनका दूसरों ने गलत तरीके से फायदा उठाया है। इसलिए मेरी पहली कोशिश रहेगी कि इन खामियों को दूर किया जाए और गलतियों को सुधारा जाए।
कृष्ण मोहन ने आगे कहा कि वह पूरी कोशिश करेंगे कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने स्वीकार किया कि मौजूदा घटनाक्रम से ट्रस्ट की छवि को कुछ हद तक नुकसान पहुंचा है, जिससे समाज में अविश्वास का माहौल बना है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट इस नकारात्मक धारणा को दूर करने और लोगों का विश्वास दोबारा कायम करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।
मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बाद स्वामी गोविंद देव गिरी का बयान
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर हम सभी दुखी हैं। चोरी बड़ी थी या छोटी, यह दूसरी चिंता है। हम सबसे ज़्यादा इस बात से दुखी हैं कि यहां ऐसा माहौल बनने दिया गया। हालांकि, असलियत हमारे सामने है और इस पर सोचना हमारा कर्तव्य है। इसलिए, तय तारीख से पहले ही, हम आज गहरी सोच और दुख की हालत में एकत्रित हुए है।
उन्होंने बताया कि मौजूदा हालातों को देखते हुए एक मुश्किल स्थिति पैदा हो गई है। महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। चंपत राय को भी इस घटना से बहुत दुख हुआ है। उन्हें लगा कि जब तक इंसाफ पूरी तरह से नहीं हो जाता तब तक पद पर बने रहना ठीक नहीं है। इसी भावना से उन्होंने इस्तीफा दिया है। फिलहाल कार्यकारी महासचिव के पद पर कृष्ण मोहन को नियुक्त किया गया है।
स्वामी गोविंद देव गिरी ने गायब हुए चीजों को लेकर भी पर्दा उठा दिया है। उन्होंने बताया कि ऐसे आरोप है कि अच्छी गुणवत्ता की चढ़ावे में चीजें और दान की गई चीजें किसी निशान के गायब हो गई है। इसका पूरा रिकॉर्ड वाला रजिस्टर भी सामने लाया गया है। हमारे पास ऐसी 2800 चीजों का एक ऐसा रजिस्टर है और बताना चाहूंगा कि कोई भी चीज गायब नहीं हुई है सब सुरक्षित है। इसके लिए स्वामी गोविंद देव गिरी ने कुछ सैंपल भी दिखाए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट आगे जो भी काम करेगा कि कोई भी जरा सी भी गलती नहीं निकाल पाएगा। हमारा ट्रस्ट ऐसे काम को पूरी तरह से पक्का करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, और हमने इस मकसद के लिए खास अधिकारियों को नियुक्त करने के लिए एक छोटी समीति गठित की है।
22 जुलाई को होगी मंदिर ट्रस्ट की अगली बैठक
स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने बताया कि हम 22 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक करने जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि तब तक एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट हमारे पास आ जाएगी। बैठक में उस रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और ट्रस्ट से जुड़े अन्य विषयों, जिनमें नए ट्रस्टी की नियुक्ति भी शामिल है, पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा, हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि चोरी, चोरी ही होती है और इसकी जांच एसआईटी कर रही है। मामले की जांच और कार्रवाई प्रशासन की जिम्मेदारी है। हम भी यही चाहते हैं कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों, जिनमें अभी फरार लोग भी शामिल हैं, को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और कानून के अनुसार उन्हें उनके अपराध की उचित सजा मिले।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की एक बैठक आज न्यास के अध्यक्ष पूज्य नृत्य गोपाल दास जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के पश्चात जारी वक्तव्य
A meeting of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) was held today under the chairmanship of the Trust’s… pic.twitter.com/Sv7Gi9GWQv
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) July 6, 2026
चीतल को केला खिलाना पड़ा महंगा, वायरल वीडियो के बाद पर्यटक पर केस, आरोपी गिरफ्तार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीव को भोजन खिलाने का मामला एक व्यक्ति के लिए मुश्किल बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने जांच की और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया।
जानकारी के मुताबिक, मगधी गेट के सामने एक व्यक्ति चीतल को केला खिलाता दिखाई दिया था। इस दौरान पचपेढ़ी पर्यटन जोन से सफारी कर लौट रहे एक पर्यटक ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन के संज्ञान में आया।
प्रबंधन ने वीडियो की जांच शुरू करते हुए संबंधित व्यक्ति की पहचान अनूप मिश्रा, पिता रमाकांत मिश्रा, निवासी ग्राम बेलिया बड़ी, तहसील कोतमा, जिला अनूपपुर के रूप में की। जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई और न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
वन्यजीव को भोजन खिलाना प्रतिबंधित
वन अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व में किसी भी वन्यजीव को भोजन खिलाना प्रतिबंधित है। इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में बदलाव आता है और वे अपने प्राकृतिक भोजन की बजाय इंसानों पर निर्भर होने लगते हैं। साथ ही बाहरी खाद्य पदार्थ उनके स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक साबित हो सकते हैं।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने पर्यटकों से अपील की है कि जंगल भ्रमण के दौरान सभी नियमों का पालन करें। वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उन्हें किसी भी प्रकार का खाद्य या अखाद्य पदार्थ न दें। ऐसा करना कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण के लिए भी गंभीर खतरा है।
प्रबंधन ने जारी किये सख्त निर्देश
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यदि कोई व्यक्ति वन्यजीवों को भोजन खिलाते, उनके साथ छेड़छाड़ करते या पार्क के नियमों का उल्लंघन करते पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास को संरक्षित रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।




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