Agriculture Tips: तिल की खेती से होगी बंपर कमाई! इन उन्नत किस्मों को अपनाकर बढ़ाएं उत्पादन और मुनाफा
Agriculture Tips: खरीफ सीजन में तिल की खेती किसानों के लिए कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल मानी जाती है. यदि किसान उन्नत किस्मों का चयन करें और वैज्ञानिक तरीके से खेती करें, तो उत्पादन और आय दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है. कृषि विशेषज्ञ किसानों को आरटी-46 (RT-46), आरटी-351 (RT-351), टीकेजी-22 (TKG-22), गुजरात तिल-2 और प्रगति जैसी उन्नत किस्में अपनाने की सलाह देते हैं. ये किस्में बेहतर उत्पादन क्षमता, रोग प्रतिरोधक क्षमता और अनुकूल मौसम में अच्छी पैदावार के लिए जानी जाती हैं. बुवाई से पहले खेत की उचित तैयारी, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और समय पर खरपतवार नियंत्रण करने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बेहतर होते हैं. सही तकनीक और उन्नत बीजों के उपयोग से किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं.
एम्बुलेंस न मिली तो बाइक पर पत्नी की डेडबॉडी लेकर लौटा लाचार, किस राज्य से आई झकझोरने वाली तस्वीर?
ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले से स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलती एक बेहद झकझोर देने वाली और अमानवीय तस्वीर सामने आई है. यहां मुंद्राजोरे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में शव वाहन न मिलने के कारण एक बेबस पति को अपनी पत्नी के शव को मोटरसाइकिल पर घर ले जाना पड़ा. जानकारी के मुताबिक, लायकैरा ब्लॉक के ओडियापाली गांव की रहने वाली जमुना छतरिया अचानक बीमार हो गई थीं. उनके पति नरेश छतरिया उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने न तो शव वाहन दिया और न ही एम्बुलेंस की व्यवस्था की. कोई और रास्ता न देख नरेश ने पत्नी के शव को बाइक पर बांधा और गांव के लिए निकल पड़ा. इस घटना पर मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (CDMO) ने सफाई देते हुए कहा कि परिजनों ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया था और लिखित अंडरटेकिंग देकर खुद शव ले गए. अस्पताल के पास अपना शव वाहन नहीं है इसलिए दूसरी जगह से गाड़ी मंगवाई जा रही थी लेकिन उससे पहले ही परिवार वाले चले गए. फिलहाल प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले से स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलती एक बेहद झकझोर देने वाली और अमानवीय तस्वीर सामने आई है. यहां मुंद्राजोरे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में शव वाहन न मिलने के कारण एक बेबस पति को अपनी पत्नी के शव को मोटरसाइकिल पर घर ले जाना पड़ा. जानकारी के मुताबिक, लायकैरा ब्लॉक के ओडियापाली गांव की रहने वाली जमुना छतरिया अचानक बीमार हो गई थीं. उनके पति नरेश छतरिया उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने न तो शव वाहन दिया और न ही एम्बुलेंस की व्यवस्था की. कोई और रास्ता न देख नरेश ने पत्नी के शव को बाइक पर बांधा और गांव के लिए निकल पड़ा. इस घटना पर मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (CDMO) ने सफाई देते हुए कहा कि परिजनों ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया था और लिखित अंडरटेकिंग देकर खुद शव ले गए. अस्पताल के पास अपना शव वाहन नहीं है इसलिए दूसरी जगह से गाड़ी मंगवाई जा रही थी लेकिन उससे पहले ही परिवार वाले चले गए. फिलहाल प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.





















