Samastipur Thaneshwar Sthan: समस्तीपुर का ऐतिहासिक थानेश्वर स्थान मंदिर भगवान शिव की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र है. 1901 से जुड़ा इसका इतिहास है, जहां शिव पीपल के नीचे प्रकट हुए थे. सावन में यहां अपार श्रद्धा उमड़ती है और यह विवाह सहित मांगलिक कार्यों के लिए भी प्रसिद्ध है. जानें इस मंदिर की अद्भुत कहानी.
Prashant Kishor Vs Samrat Choudhary Bankipur Bypoll : बीजेपी के गढ़ में जन सुराज ने बड़ा दांव चला है. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर जीवन में पहली बार चुनावी मैदान में उतर गए हैं. बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव राज्य की भावी सियासत की दिशा तय करने जा रहा है. पीके ने खुद चुनावी मैदान में उतरकर इसे सीएम सम्राट चौधरी की दो महीने पुरानी सरकार की लोकप्रियता पर 'जनमत संग्रह' करार दिया है. प्रशांत किशोर की हार-जीत से क्या सीएम सम्राट चौधरी का भविष्य तय होगा?
इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टी20 टीम की सबसे बड़ी परेशानी बल्लेबाजी नहीं, बल्कि गेंदबाजी बन गई। नए कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही गेंदबाजी कॉम्बिनेशन तैयार करने की है। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में मिली हार ने साफ कर दिया कि सिर्फ अर्शदीप के दम पर मैच जीतना आसान नहीं होगा।
इससे पहले, रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव के पास जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव जैसे मैच जिताने वाले गेंदबाज थे। लेकिन मौजूदा टीम में श्रेयस के पास वैसा कोई भरोसेमंद विकल्प नजर नहीं आ रहा। बुमराह टी20 टीम का हिस्सा नहीं, जबकि मोहम्मद सिराज भी इस फॉर्मेट की योजनाओं में शामिल नहीं हैं। ऐसे में अर्शदीप ही तेज गेंदबाजी की अगुआई कर रहे।
इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में अर्शदीप ने पहले ही ओवर में दो विकेट लेकर शानदार शुरुआत दिलाई। लेकिन इसके बाद हैरी ब्रूक ने उनके अगले ओवर में 27 रन ठोक दिए। यही मुकाबले का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ और भारत की पकड़ मैच पर ढीली पड़ गई।
इस दबाव में श्रेयस को पावरप्ले में ही स्पिनरों का सहारा लेना पड़ा। रवि बिश्नोई और अक्षर पटेल से तीन ओवर कराए गए। हालांकि बिश्नोई की बैक-फुट नो-बॉल भी टीम पर भारी पड़ी। दूसरी ओर वरुण चक्रवर्ती हाल के समय में अपनी लय में नहीं दिखे और बीच के ओवरों में इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके। पूरे मैच में सिर्फ अक्षर पटेल ही किफायती गेंदबाजी करते नजर आए।
भारत के पास हर्षित राणा भी हैं, लेकिन वह लंबे समय बाद चोट से लौटे और अभी पूरी लय हासिल नहीं कर पाए हैं। वहीं हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की गैरमौजूदगी में श्रेयस के पास अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प के तौर पर शिवम दुबे और अभिषेक शर्मा थे, लेकिन दोनों का इस्तेमाल नहीं किया गया।
रवि बिश्नोई का फॉर्म भी चिंता का विषय है। आईपीएल में उन्होंने सिर्फ 9 मैच खेले और 11 विकेट लिए, जबकि उनका इकॉनमी रेट 9.88 रहा। इसके बावजूद उन्हें कुलदीप यादव की जगह इंग्लैंड दौरे के लिए चुना गया। माना जा रहा है कि कुलदीप इंग्लैंड की परिस्थितियों में ज्यादा असरदार साबित हो सकते थे।
श्रेयस पहले पंजाब किंग्स में अर्शदीप, दिल्ली कैपिटल्स में अक्षर और कोलकाता नाइट राइडर्स में वरुण चक्रवर्ती की कप्तानी कर चुके हैं, लेकिन राष्ट्रीय टीम में इन गेंदबाजों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाना अभी उनके लिए चुनौती बना हुआ है। इंग्लैंड दौरे पर लगातार मिली हार के बाद अब भारत को जल्द ऐसा गेंदबाजी कॉम्बिनेशन तैयार करना होगा जो मुश्किल समय में विकेट भी दिलाए और रन भी रोके।