Responsive Scrollable Menu

अमरनाथ यात्रा: बिना रजिस्ट्रेशन कश्मीर पहुंचे श्रद्धालु, प्रशासन ने जारी की ये अहम सलाह

कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना रजिस्ट्रेशन के ही अमरनाथ यात्रा के लिए घाटी पहुंच गए हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन तय सीमा के भीतर और पहले से रजिस्ट्रेशन कराने वाले यात्रियों को ही दर्शन की अनुमति दे रहा है, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके.

Continue reading on the app

Explainer: ट्रंप-पुतिन की पोती से लेकर मस्क के बेटे तक…आखिर क्यों अरबपतियों के बच्चे सीख रहे हैं चीनी? क्या होगा फायदा?

दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क का पोस्ट इन दिनों वायरल हो रहा है, जिसमें वे लिखते हैं कि मेरा बेटा चाइनीज भाषा सीख रहा है. मई 2026 में मस्क जब अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ चीन गए थे, तब भी उनके बेटे ने पारंपरिक चीनी जैकेट पहनी थी. बता दें, उनका बेटा महज 6 साल का है. 

खास बात है कि सिर्फ मस्क का बेटा ही नहीं ट्रंप-पुतिन की पोटी से लेकर मार्क जकरबर्ग की बेटी तक, चाइनीज सीखने वाले अरबपतियों के बच्चों की लिस्ट बहुत लंबी है. अब सवाल आता है कि आखिर बच्चों को मैंडरिन भाषा क्यों सिखा रहे हैं अरबपति? जानें इसी अहम सवाल का जवाब…

सबसे पहले जानें, कौन-कौन सीख रहा है चाइनीज

डोनाल्ड ट्रंप की पोती- 2026 में जब चीनी राष्ट्रपति अमेरिका गए थे, तब ट्रंप की 6 साल की पोती और 4 साल के पोते ने उन्हें चाइनीज में गाना सुनाया था. खास बात है कि ट्रंप की बेटी इवांका भी चाइनीज बोल और समझ लेती हैं.

व्लादिमीर पुतिन की पोती- रूसी राष्ट्रपति ने साल 2024 में कहा था कि उनके घर के बच्चे चीनी बोलते हैं. पुतिन के प्रेस सेक्रेटरी दिमित्री पेस्कोव की बेटी भी रूसी से पहले चाइनीज भाषा बोलने लगी थी. ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी नैनी (बच्चों की देखभाल करने वाली महिला) चीनी मूल की हैं.

जेफ बेजोस के चारों बच्चे- अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस की पूर्व पत्नी मैकेंजी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके घर के चारों बच्चे मैंडरिन यानी चाइनीज सीखते हैं. जेफ बेजोस के 3 बेटे और एक बेटी हैं. 

किंग चार्ल्स का पोता- ब्रिटेन के किंग चार्ल्स के पोते और राजगद्दी के दूसरे वारिस प्रिंस जॉर्ज स्कूल में चाइनीज सिखते हैं. प्रिंस जॉर्ज अभी 12 साल के हैं. 

मार्क जुकरबर्ग की बेटी- 2014 में फेसबुक के फाउंडर ने बीजिंग की सिंगहुआ यूनिवर्सिटी में छात्रों से चाइनीज में बात की थी. उनकी पत्नी प्रिसिला चैन चीनी मूल की हैं. उनकी तीनों बेटियों को शुरुआत से ही अंग्रेजी और चाइनीज सिखाई गई है। बड़ी बेटी मैक्स का तो नाम भी चीनी है.

ये तो कुछ ही नाम है, लिस्ट तो बहुत लंबी है.

ये भी पढ़ें- बॉलीवुड फिल्मों के भव्य सेट, महंगे कॉस्ट्यूम और शानदार लुक के पीछे कौन लोग करते हैं काम? जानिए पूरा सिस्टम

आखिर अरबपतियों के बच्चे चाइनीज क्यों सीख रहे हैं?

लंदन के किंग्स कॉलेज में चाइनीज स्टडीज के प्रोफेसर केरी ब्राउन के अनुसार, इसकी वजह सिर्फ और सिर्फ स्वार्थ है. दरअसल, चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. वह मैनुफैक्चरिंग हब भी है. चीन तेज इनोवेशन्स के साथ ग्लोबल डॉमिनेंस बढ़ा रहा है. अरबपतियों का मानना है कि आने वाला दौर चीन का है, जिस वजह से वे अपने बच्चों को चीनी सिखा रहे हैं. इतिहास भी गवाह है कि जैसे ही कोई देश ताकतवर होता है, वैसे ही उसके देश की भाषा भी फैलने लगती है. 

फ्रांस ने 16वीं सदी तक दुनियाभर में अपनी कॉलोनियां फैलाईं थी, जिसके बाद अगली दो सदी तक दुनिया में सिर्फ फ्रेंच का ही दबदबा रहा था. खास बात है कि रूस की तत्कालीन महारानी कैथरीन द ग्रेट की कई निजी चिट्ठियां फ्रेंच भाषा में है. ऑस्ट्रिया और जर्मनी के शाही दरबारों में भी राजा और मंत्रियों के बीच फ्रेंच में बातचीत के सबूत मिलते हैं. भारत के मैसूर शहर के राजा टीपू सुल्तान भी फ्रेंच जानते थे. साल 1919 में जैसे ही पहला विश्व युद्ध खत्म हुआ, उसके बाद वर्साय की संधि भी फ्रेंच और अंग्रेजी में लिखी गई थी. जानकार कहते हैं कि यहां से फ्रेंच का दबदबा खत्म होने लगा था. 

ये भी पढ़ें- Explainer: एक फिल्म के बनने से लेकर रिलीज होने तक कितना होता है खर्च? यहां जान लीजिए इसकी पूरी डिटेल

पहले विश्व युद्ध के बाद ब्रिटिश साम्राज्य का दौर आया. ब्रिटिश कॉलोनियों में अंग्रेजी बोली जाती थी. 1930 के दशक में चीन के सबसे प्रभावशाली सोंग परिवार की तीनों बेटियों ने अमेरिका में पढ़ाई की और फर्राटे से अंग्रेजी बोलती थी. भारतीय राजघरानों के बच्चे भी अमेरिका और इंग्लैंड पढ़ाई के लिए जाते थे. 

दूसरे विश्वयुद्ध के बाद ब्रिटिश साम्राज्य नीचे आया और अमेरिका सुपर पावर बनकर सामने आया, जिस वजह से अंग्रेजी को ग्लोबल भाषा कहा जाने लगा. अंग्रेजी आज दुनिया में सबसे अधिक बोली जाने वाला भाषा बन गई है. दुनिया की टॉप 1 करोड़ वेबसाइट्स् में से अधिकांश अंग्रेजी में हैं. प्रोग्रामिंग और कोडिंग में 90 प्रतिशत अंग्रेजी का ही इस्तेमाल होता है. 

1980 के दशक में जापानी अर्थव्यवस्था का दौर आया, हालांकि, ये दौर बहुत छोटा था लेकिन जितना था प्रभावी था. 1970 से लेकर 1980 के बीच अमेरिका में जापानी भाषा के एक्सपर्ट्स दोगुने हो गए. जापानी इकोनॉमी के क्रैश होते ही जापानी सीखने का ट्रेंड खत्म हो गया.

ये भी पढ़ें- Explainer: क्यों खामेनेई के जनाजे में नहीं जा रहे PM मोदी? आखिर क्या है भारत की रणनीति?

अरबपतियों के बच्चों के चाइनीज सीखने से क्या फायदा होगा?

एलीट नेटवर्किंग- चाइनीज जानने की वजह से इंटरनेशनल स्कूलों में चीनी रईस और डिप्लोमैट्स के बच्चों से घुल-मिल पाएंगे. बचपन से ही उनका एक 'ग्लोबल एलीट नेटवर्क' तैयार होगा, जो भविष्य में काम आएगा.

चीनी संस्कृति की समझ बनना- चीन में सिर्फ पैसों का बिजनेस नहीं होता, बल्कि निजी रिश्तों और सम्मान का भी होता है.  चीन में इसे 'गुआंशी' कहते हैं. चीनी संस्कृति की इस बारीकी की समझ को बचपन से ही अपना ली जाती है.

कारोबार में बढ़त- जब ये बच्चे भविष्य में अरबों डॉलर के बिजनेस या फंड संभालेंगे, तो चीनी अधिकारियों और डीलमेकर्स से उनकी भाषा में बात करके आसानी से ये लोग सौदे कर पाएंगे, जो दूसरे नहीं कर पाएंगे.

ग्लोबल डिप्लोमेसी में फायदा- बड़े देशों के बीच चीन एक बड़ा फैक्टर है. ऐसे में जो बच्चे इंटरनेशनल लॉ, पॉलिटिक्स या डिप्लोमेसी में करियर बनाना चाहेंगे, उनके लिए चाइनीज भाषा आना एक बड़ा प्लस पॉइंट होगा.

मैनहैटन के कैरोसेल ऑफ लैंग्वेजेज की फाउंडर पैट्रिजिया कॉर्मन का कहना है कि ये बच्चों के भविष्य में एक बड़ा इनवेस्टमेंट है. बच्चे इसे सीखना पसंद करते हैं, क्योंकि इसमें ध्वनियां हैं.

ये भी पढ़ें- Explainer: जंग के बीच ईंधन का संकट, जानें कैसे भारत के भविष्य का ईंधन बन सकता है इथेनॉल?

 

 

Continue reading on the app

  Sports

Samson Gambhir Video: इधर वैभव का कराया डेब्यू, उधर संजू सैमसन को तसल्ली देते रहे कोच गंभीर, वीडियो देखा क्या?

sanju samson gautam gambhir video: वैभव सूर्यवंशी एक डेब्यू करने के बाद सोशल मीडिया पर गौतम गंभीर और संजू सैमसन का एक वीडियो बड़े तेजी से वायरल हुआ. इस वीडियो को लेकर तमाम तरह की चीजें सोशल मीडिया पर कही जा रही हैं. बता दें कि वैभव को डेब्यू संजू सैमसन की जगह प्लेइंग-11 में मौका देकर ही कराया गया. Sat, 4 Jul 2026 22:53:23 +0530

  Videos
See all

Siya Goyal Snapchat: सिया गोयल के स्नैपचैट ने सबको चौंकाया | #Shorts #SiyaGoyal #Viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-04T21:30:31+00:00

Sushant Sinha: PM Narendra Modi का सबसे बड़ा एक्शन शुरु... | Modi Strategy | BJP | N18V #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-04T21:30:30+00:00

Kanpur Crime News: फर्जी डिग्री गैंग का बड़ा खुलासा! 16 आरोपी गिरफ्तार | Fake Marksheet Racket #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-04T21:30:10+00:00

Murder Case Update: मर्डर के बाद 45 दिनों तक पुलिस को घुमाया | #Shorts #Crime #BreakingNews #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-04T21:10:03+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers