संजीव गोयनका की टीम का कमाल, पहली बार जीता द हंड्रेड का खिताब
The Hundred 2026 Final: टिम साइफर्ट की तूफानी पारी से मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने पहली बार द हंड्रेड खिताब जीता. जानिए कैसे रचा इतिहास.
The post संजीव गोयनका की टीम का कमाल, पहली बार जीता द हंड्रेड का खिताब appeared first on Prabhat Khabar.
Nag Panchami 2026: आज मनाई जाएगी नाग पंचमी, कालसर्प दोष से राहत पाने के लिए करें ये उपाय
Nag Panchami 2026: श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। आज सोमवार, 17 अगस्त 2026, को नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। नाग पंचमी के साथ इस बार सावन सोमवार का संयोग भी बन रहा है, जिसके चलते नाग देवता के साथ भगवान शिव की आराधना का भी विशेष महत्व माना जा रहा है।
ज्योतिषीय मान्यताओं में नाग पंचमी को राहु-केतु से संबंधित दोषों की शांति के लिए भी महत्वपूर्ण बताया गया है। खासकर कालसर्प योग से जुड़ी चिंताओं से परेशान लोग इस दिन कुछ धार्मिक उपाय करते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में।
क्या होता है कालसर्प योग?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कुंडली में सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि समेत सातों ग्रह राहु और केतु की धुरी के एक तरफ स्थित होते हैं, तो ऐसी स्थिति को कालसर्प योग कहा जाता है। इसके प्रभाव को लेकर ज्योतिष में अलग-अलग मत मिलते हैं। कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ऐसे योग की स्थिति में व्यक्ति को जीवन में बार-बार रुकावट, मानसिक बेचैनी, करियर में उतार-चढ़ाव या आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि कुंडली में किसी योग का वास्तविक प्रभाव व्यक्ति की पूरी जन्मकुंडली और अन्य ग्रह स्थितियों पर निर्भर माना जाता है।
चांदी के नाग-नागिन की पूजा
नाग पंचमी पर चांदी या तांबे से बनी नाग-नागिन की प्रतिमा अथवा जोड़े की पूजा करने की परंपरा कुछ स्थानों पर प्रचलित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नाग-नागिन के जोड़े का जल और कच्चे दूध से अभिषेक किया जा सकता है। पूजा के दौरान अपनी मनोकामना भगवान के सामने रखने के बाद श्रद्धानुसार दान या धार्मिक विधि पूरी की जाती है। कुछ परंपराओं में पूजा के बाद प्रतिमा को जल में प्रवाहित करने का उल्लेख मिलता है, लेकिन पर्यावरण की दृष्टि से धातु की प्रतिमा को नदी या तालाब में डालने के बजाय मंदिर में अर्पित करना या सुरक्षित रखना बेहतर विकल्प है।
शिवलिंग पर करें जलाभिषेक
नाग पंचमी के दिन भगवान शिव की पूजा भी विशेष मानी जाती है। शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय श्रद्धालु जल में काले तिल, गंगाजल या थोड़ी मात्रा में दूध मिलाकर अभिषेक कर सकते हैं। इस दौरान 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करना शुभ माना जाता है। जो लोग महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करते हैं, वे अपनी श्रद्धा के अनुसार उसका जाप भी कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव की आराधना से मन को शांति मिलती है और नकारात्मकता से बचाव की भावना मजबूत होती है।
8 मुखी रुद्राक्ष से जुड़ी मान्यता
कालसर्प योग से संबंधित उपायों में 8 मुखी रुद्राक्ष का भी उल्लेख मिलता है। ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे राहु से संबंधित माना जाता है। श्रद्धालु इसे विधि-विधान से पूजा करने के बाद धारण करते हैं। हालांकि रुद्राक्ष धारण करने से पहले अपनी व्यक्तिगत धार्मिक परंपरा या किसी योग्य आचार्य की सलाह लेना उचित माना जा सकता है।
घर में रखें मोर पंख
मोर पंख को हिंदू धर्म में शुभ प्रतीकों में से एक माना जाता है। भगवान श्रीकृष्ण से इसके संबंध के कारण भी इसका धार्मिक महत्व है। कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं में मोर पंख को राहु से जुड़े नकारात्मक प्रभावों को कम करने वाला माना जाता है। नाग पंचमी के दिन पूजा स्थल या घर के किसी स्वच्छ स्थान पर मोर पंख रखना श्रद्धा के अनुसार किया जा सकता है।
आज के दिन जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल, काले उड़द, वस्त्र या अपनी क्षमता के अनुसार दक्षिणा का दान करना भी धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है। दान का उद्देश्य किसी दिखावे के बजाय श्रद्धा और सेवा की भावना रखना बेहतर है।
नाग पंचमी पर इन बातों का रखें ध्यान
नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करते समय जीवित सांपों को दूध पिलाने से बचना चाहिए। सांपों के लिए दूध प्राकृतिक आहार नहीं है और इससे उन्हें नुकसान पहुंच सकता है। पूजा में प्रतिमा या तस्वीर का इस्तेमाल करना सुरक्षित और उचित विकल्प है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किए जाने वाले इन उपायों का उद्देश्य आस्था और मानसिक शांति से जुड़ा है। इन्हें वैज्ञानिक रूप से सिद्ध उपचार या किसी समस्या का निश्चित समाधान नहीं माना जाना चाहिए। किसी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प योग है या नहीं, इसका निर्णय पूरी जन्मकुंडली के विश्लेषण के बाद ही किया जाना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हरिभूमि.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi








.jpg)

