PM Modi Rajasthan Visit: देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, पेट्रोल-डीजल और गैस पर कही ये बड़ी बात
राजस्थान दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बालोतरा के पचपदरा में देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, घरेलू गैस, भारत की वैश्विक कूटनीति और राजस्थान के विकास को लेकर कई अहम बातें कहीं। पीएम ने कहा कि वैश्विक युद्ध और ऊर्जा संकट के बावजूद भारत ने बेहतर प्रबंधन के जरिए आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया।
पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर करीब 12 बजे बालोतरा के पचपदरा पहुंचे, जहां उन्होंने रिफाइनरी के कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और विशेषज्ञों से चर्चा की। इसके बाद देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी का औपचारिक उद्घाटन किया। इसी कार्यक्रम में जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला भी वर्चुअल माध्यम से रखी गई।
#WATCH | Balotra, Rajasthan | On fuel shortages in India amid the West Asia conflict, Prime Minister Narendra Modi says, "The country did not recover from such an unexpected challenge merely by chance. The success of the visionary policies we have been implementing for a decade… pic.twitter.com/kubGOCQYGP
— ANI (@ANI) July 4, 2026
ऊर्जा संकट पर बोले पीएम मोदी
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हाल के वैश्विक संघर्षों के कारण दुनिया ऊर्जा संकट से गुजरी। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सही निर्णय नहीं लिए जाते तो घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें 2,000 रुपये तक पहुंच सकती थीं। हालांकि भारत सरकार के बेहतर प्रबंधन और रणनीति के कारण उपभोक्ताओं को राहत मिली और गैस की कीमतें नियंत्रित रहीं।
भारत की कूटनीति की सराहना
प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय भारत की विदेश नीति और वैश्विक संबंध बेहद उपयोगी साबित हुए। उन्होंने बताया कि भारत पहले जहां लगभग 25-26 देशों से ऊर्जा आयात करता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 40 देशों तक पहुंच चुकी है। इससे ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद मिली।
राजस्थान के विकास पर जोर
पीएम मोदी ने राजस्थान में जल संकट और बुनियादी ढांचे के विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल परियोजनाओं की घोषणा नहीं करती, बल्कि उन्हें समय पर पूरा भी करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई रिफाइनरी और अन्य विकास परियोजनाएं राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देंगी और रोजगार के अवसर बढ़ाएंगी।
रिफाइनरी हादसे का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने अप्रैल में रिफाइनरी में हुई आग की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद परियोजना को तेजी से तैयार किया गया। उन्होंने इसे नए भारत की कार्य संस्कृति और संकल्प शक्ति का उदाहरण बताया।
Chandrima Bhattacharya Resigns: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को सबसे बड़ा झटका, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने टीएमसी के सभी पदों से दिया इस्तीफा
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी के राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा सांगठनिक संकट गहरा गया है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद पार्टी के भीतर सुलग रही बगावत अब पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट द्वारा कोलकाता स्थित केंद्रीय मुख्यालय पर ताला तोड़े जाने और दफ्तर पर पूर्ण कब्जा जमाए जाने के ठीक एक दिन बाद, ममता बनर्जी खेमे को एक और क्षति हुई है।
ममता बनर्जी की सबसे वफादार, बेहद भरोसेमंद और राजनीतिक गलियारों में उनकी 'राइट हैंड' मानी जाने वालीं टीएमसी की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अचानक पार्टी के अपने सभी सांगठनिक पदों से आधिकारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। इस इस्तीफे ने ममता बनर्जी को पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है।
चंद्रिमा ने ममता बनर्जी को पत्र लिखकर दी जानकारी, वित्तीय और प्रशासनिक 'साइनिंग अथॉरिटी' के पद भी छोड़े
चंद्रिमा भट्टाचार्य लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का एक बेहद मजबूत और प्रभावशाली चेहरा रही हैं, जिनकी पकड़ सरकार से लेकर संगठन तक के प्रत्येक विंग पर मानी जाती थी। उन्होंने शनिवार दोपहर पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को एक औपचारिक पत्र प्रेषित कर फैसले की जानकारी दी है।
चंद्रिमा ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वे न केवल सांगठनिक पदों और प्रदेश अध्यक्षता की जिम्मेदारियों से खुद को पूरी तरह मुक्त कर रही हैं, बल्कि पार्टी के सबसे महत्वपूर्ण सांगठनिक, वित्तीय और प्रशासनिक फैसलों से जुड़ी अपनी 'साइनिंग अथॉरिटी' के पद से भी तत्काल प्रभाव से कदम पीछे खींच रही हैं।
58 विधायकों और 20 सांसदों की बगावत के बाद चंद्रिमा के जाने से पूरी तरह बिखरा ममता बनर्जी का कुनबा
तृणमूल कांग्रेस के भीतर मची इस उथल-पुथल के बीच चंद्रिमा भट्टाचार्य का इस तरह अचानक साथ छोड़ जाना ममता बनर्जी के लिए एक बहुत बड़ा सियासी आघात माना जा रहा है। ज्ञात हो कि पार्टी के कुल 80 विधायकों में से 58 पहले ही बगावत कर ऋतब्रत बनर्जी के पाले में जा चुके हैं, जिन्हें विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस ने सदन में विपक्ष के नए नेता के रूप में आधिकारिक मंजूरी भी दे दी है।
इसके अतिरिक्त 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसदों ने भी ममता का साथ छोड़ दिया है। ऐसी विकट परिस्थितियों में भी चंद्रिमा मजबूती से ममता बनर्जी के साथ खड़ी नजर आ रही थीं, लेकिन अब उनके भी हाथ खींच लेने से पार्टी का मुख्य सांगठनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चंद्रिमा के हटने के बाद अब ममता बनर्जी के खेमे में कोई बड़ा और अनुभवी रणनीतिकार शेष नहीं बचा है।
सोमवार को चुनाव आयोग के फैसले पर टिकीं नजरें, बागी गुट का दावा- अब हमारा है असली टीएमसी
इस पूरे सांगठनिक फेरबदल और इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल का सियासी पारा अचानक अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। कोलकाता स्थित विभिन्न पार्टी कार्यालयों और ममता बनर्जी के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत कड़ा कर दिया गया है। फिलहाल इस बड़े घटनाक्रम पर ममता बनर्जी या उनकी कोर कमेटी की तरफ से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वहीं दूसरी तरफ, मुख्यालय पर कब्जा जमाए बैठे बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के खेमे में उत्साह का माहौल है। बागी गुट के प्रमुख प्रवक्ताओं का दावा है कि चंद्रिमा भट्टाचार्य का इस्तीफा इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि पार्टी का वास्तविक और विधिक नेतृत्व अब बदल चुका है। चूंकि बागी गुट ने एक दिन पहले ही केंद्रीय चुनाव आयोग के समक्ष दो-तिहाई बहुमत के दस्तावेज सौंपकर पार्टी के नाम और 'सिंबल' पर अपना मुख्य दावा ठोक दिया था, इसलिए अब सोमवार, 6 जुलाई को चुनाव आयोग की तरफ से आने वाले फैसले को ही बंगाल की इस सियासी लड़ाई का अंतिम और निर्णायक विधिक मोड़ माना जा रहा है।
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