शेयर बाजार में Circuit Limit क्यों है जरूरी? जानिए यह कैसे करता है निवेशकों की सुरक्षा
Share Market के निवेशकों को पता होता है कि एक छोटी सी गलती से भी भारी नुकसान हो सकता है. अगर आप शेयर बाजार में नए हैं तो छोटी से छोटी जानकारी भी आपके काम आ सकती है. यहां आप जानेंगे कि जब किसी कंपनी के शेयर की कीमत अचानक बहुत बढ़ या घट जाए, तो क्या करना चाहिए. ऐसी स्थितियों को संभालने के लिए "सर्किट लिमिट" (Circuit Limits) के कॉन्सेप्ट को समझना जरूरी है. जब बाजार में अचानक तेजी से उतार-चढ़ाव आता है तो निवेशकों को भारी नुकसान से बचाने और बाजार में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करने के लिए सर्किट लिमिट लगाई जाती है.
Circuit Limit क्या है?
सर्किट लिमिट एक दिन में शेयर की कीमत में होने वाली अधिकतम बढ़ोतरी या गिरावट पर पहले से तय की गई सीमा है. जब किसी शेयर की कीमत इस लिमिट तक पहुंच जाती है तो उस स्टॉक में ट्रेडिंग रोक दी जाती है या तो कुछ समय के लिए या फिर उस दिन के बाकी समय के लिए. इसका मुख्य मकसद निवेशकों को अचानक और बड़े उतार-चढ़ाव से बचाना है ताकि बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाले भारी नुकसान को रोका जा सके. इसे एक Safety Mechanism भी कहा जाता है.
Circuit Limit कैसे काम करती हैं?
स्टॉक एक्सचेंज किसी स्टॉक के लिए एक खास प्रतिशत लिमिट जैसे 2%, 5%, 10% या 20% तय करते हैं. उदाहरण के लिए अगर किसी स्टॉक की पिछली क्लोजिंग कीमत ₹100 है और उस पर 10% की सर्किट लिमिट लागू है, तो अपर सर्किट (Upper Circuit) ₹110 और लोअर सर्किट (Lower Circuit) ₹90 होगा. जब स्टॉक की कीमत ₹110 या ₹90 तक पहुंचती है, तो तय नियमों के अनुसार उस स्टॉक में ट्रेडिंग रोकी जा सकती है.
Upper Circuit और Lower Circuit क्या हैं?
अपर सर्किट तब लगता है जब किसी स्टॉक की कीमत एक दिन के लिए तय अधिकतम लिमिट तक बढ़ जाती है. ऐसे समय में बेचने वालों की तुलना में खरीदने वाले ज्यादा होते हैं. स्टॉक की कीमत इस तय लिमिट से ज्यादा नहीं बढ़ सकती और कई मामलों में ट्रेडिंग को कुछ समय के लिए या पूरे दिन के लिए रोक दिया जाता है.
लोअर सर्किट तब लगता है जब किसी स्टॉक की तय कीमत उस दिन अधिकतम गिरावट की लिमिट तक गिर जाती है. कीमत इससे ज्यादा नहीं गिर सकती और कई मामलों में, ट्रेडिंग को कुछ समय के लिए या बाकी दिन के लिए रोक दिया जाता है.
Circuit Limit क्यों लगाई जाती है?
शेयर की कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव को रोकने या निवेशकों को कीमतों में बहुत ज्यादा तेजी या भारी गिरावट से बचाने जैसे कई कारणों से सर्किट लिमिट लगाई जा सकती हैं. ऐसे उपाय निवेशकों को सोच-समझकर फैसला लेने का समय देते हैं. ये बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने में भी मदद करते हैं और बहुत ज्यादा सट्टेबाजी व कीमतों में हेर-फेर के जोखिम को कम करने में काफी फायदेमंद साबित होते हैं.
Circuit Limit के फायदे
सर्किट लिमिट शेयर बाजार में शामिल लोगों को बड़े नुकसान से बचाने में मदद कर सकती हैं. ये शेयर की कीमतों में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव को रोकने में भी फायदेमंद हैं. इन्हें लागू करने से बाजार में स्थिरता बनी रहती है और बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव की वजह से घबराहट में की जाने वाली खरीद-बिक्री कम होती है.
क्या Circuit Limit हमेशा एक जैसी होती है?
नहीं, सभी शेयरों पर एक ही Circuit Limit लागू नहीं होती है. स्टॉक एक्सचेंज शेयर के प्रकार और उसकी ट्रेडिंग एक्टिविटी के आधार पर ये लिमिट तय करते हैं जो 2% से 20% तक हो सकती हैं. शेयर खरीदते समय आपको कई बातों का ध्यान रखना चाहिए जैसे सिर्फ इसलिए कोई शेयर न खरीदें कि वह 'Upper Circuit' पर पहुंच गया है, और अगर वह 'Lower Circuit' पर पहुंच जाए तो घबराहट में जल्दबाजी में कोई फैसला न लें. इसके अलावा कंपनी के फंडामेंटल्स और उससे जुड़ी खबरों का एनालिसिस करना भी जरूरी है. लंबे समय के निवेश के लिए सिर्फ सर्किट लिमिट पर ध्यान देने के बजाय कंपनी की क्वालिटी को परखना चाहिए.
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
FIFA World Cup 2026: मेक्सिको के खिलाफ ‘वियाग्रा’ खाकर मैदान में उतरेंगे इंग्लैंड के खिलाड़ी, सामने आई ये वजह
FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में इंग्लैंड का मुकाबला मेजबान मेक्सिको से होगा. यह मैच मेक्सिको सिटी के ऐतिहासिक एज्टेका स्टेडियम में 6 जुलाई को खेला जाएगा. यह स्टेडियम समुद्र तल से करीब 2,240 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इतनी ऊंचाई पर हवा में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है, जिससे खिलाड़ियों को जल्दी थकान, सांस लेने में परेशानी और चक्कर जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. इसलिए इंग्लैंड की टीम इस चुनौती से निपटने के लिए खास तैयारी कर रही है.
वियाग्रा के इस्तेमाल पर हो रहा विचार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंग्लैंड की मेडिकल टीम खिलाड़ियों की फिटनेस बनाए रखने के लिए सभी वैध विकल्पों पर विचार कर रही है. इसी वजह से सिल्डेनाफिल (वियाग्रा) के इस्तेमाल की भी चर्चा है. कुछ रिसर्च में माना गया है कि यह दवा ऊंचाई वाले इलाकों में शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाने में मदद कर सकती है. हालांकि, इसका इस्तेमाल केवल टीम डॉक्टरों की सलाह और खिलाड़ी की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर ही किया जाएगा. वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) ने सिल्डेनाफिल को प्रतिबंधित दवाओं की सूची में शामिल नहीं किया है. यानी अगर इसका इस्तेमाल मेडिकल नियमों के तहत किया जाए, तो यह डोपिंग नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा.
BREAKING: England players will be allowed to use Viagra for their match against Mexico to help with Estadio Azteca's altitude, per @TheSunFootball. pic.twitter.com/wCpf8sQBmh
— Underdog (@Underdog) July 3, 2026
कोच ट्यूशेल ने जताई चिंता
इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस ट्यूशेल पहले ही कह चुके हैं कि उनकी टीम को मेक्सिको की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने के लिए ज्यादा समय नहीं मिलेगा. ऐसे में खिलाड़ियों को फिट और तरोताजा रखना टीम की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी.
खिलाड़ियों की नींद का भी रखा जा रहा खास ध्यान
इंग्लैंड ने मैदान के बाहर की चुनौतियों से निपटने के लिए भी खास योजना बनाई है. हाल ही में मेक्सिको पहुंचे इक्वाडोर के खिलाड़ियों को फैंस ने रातभर शोर मचाकर परेशान किया था. इसे देखते हुए इंग्लैंड ने अपने होटल की लोकेशन गुप्त रखी है. इसके अलावा खिलाड़ियों के कमरों में व्हाइट नॉइज मशीनें लगाई जाएंगी, ताकि बाहर का शोर कम सुनाई दे. जिन खिलाड़ियों के पास ईयर प्लग या स्लीप बैंड नहीं हैं, उनके लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है. जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों की निगरानी में नींद से जुड़ी दवाओं का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
???????????????????????????????? ????????????: England players would be allowed to use Viagra to help cope with the high altitude in Mexico City, as the drug is not on WADA's list of banned substances.
— The Touchline | ???? (@TouchlineX) July 3, 2026
Studies suggest it can reduce fatigue and dizziness at high altitude by improving blood flow in the lungs.
—… pic.twitter.com/mJrUr4d0mY
रोमांचक मुकाबले पर रहेंगी सभी की नजरें
इंग्लैंड और मेक्सिको के बीच यह मुकाबला राउंड ऑफ 16 के सबसे बड़े मैचों में गिना जा रहा है. मेक्सिको को घरेलू दर्शकों का पूरा समर्थन मिलेगा, जबकि इंग्लैंड अपनी रणनीति, फिटनेस और अनुभव के दम पर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने की कोशिश करेगा. ऐसे में सभी की नजर इस बात पर होगी कि इंग्लैंड इस मुश्किल चुनौती का सामना किस तरह करता है.
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