राम मंदिर के बाद केदारनाथ-बद्रीनाथ से चढ़ावा चोरी का आरोप:भैरव सेना बोली-मंदिर का कर्मचारी कर रहा चोरी; अध्यक्ष बोले-कार्रवाई करेंगे, CCTV सुरक्षित रखा
अयोध्या के राम मंदिर के बाद अब केदारनाथ और बद्रीनाथ से भी चढ़ावा चोरी का आरोप लग रहा है। धार्मिक संगठन भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) को पत्र लिखकर BKTC अध्यक्ष के निजी सहायक पर चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत मिलने के बाद BKTC के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने निजी सहायक समेत सभी ड्यूटी कर्मचारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है। इसके अलावा मंदिर की सीसीटीवी फुटेज को भी जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। वहीं, BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर समिति इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। जिन कर्मचारियों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच पूरी होने के बाद यदि कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले पर सीएम पुष्कर सिंह धामी की तरफ से अभी कोई बयान सामने नहीं आया है। सरकार मामले में मंदिर समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। 5 पॉइंट में पूरी खबर… 1. सोशल मीडिया से उठाई आवाज- यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें मंदिर की दान व्यवस्था और दानपात्रों से निकाली जाने वाली राशि को लेकर सवाल उठाए गए। इसके बाद धार्मिक संगठन भैरव सेना के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने BKTC को एक पत्र सौंपा। इसमें BKTC अध्यक्ष के कथित निजी सहायक (PA) और अन्य ऑन-ड्यूटी कर्मचारियों पर दान के रुपए में गड़बड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए गए। 2. अंदर से ही हुई मुखबिरी- भैरव सेना के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री के मुताबिक, इस कथित गड़बड़ी की खबर मंदिर समिति के ही किसी अंदरूनी सूत्र ने भैरव सेना संगठन तक पहुंचाई थी। सूचना यह थी कि पिछले कुछ समय से दान की गिनती के दौरान हेरफेर किया जा रहा है। 2 जुलाई 2026 को जैसे ही सीसीटीवी कैमरे में एक कर्मचारी की स्थिति संदिग्ध दिखाई दी, इसकी सूचना तुरंत भैरव सेना को दी गई, जिसके बाद संगठन ने तुरंत एक्शन लेते हुए BKTC के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंप दिया। 3. BKTC के कर्मचारियों को नोटिस जारी- बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने संज्ञान लेते हुए आरोपी निजी सहायक समेत सभी ड्यूटी पर तैनात 4 कर्मचारियों को नोटिस जारी कर 3 दिन के अंदर जवाब मांगा है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच के लिए एक विशेष जांच समिति (कमेटी) गठित करने के आदेश दे दिए हैं। 2 जुलाई की संदिग्ध सीसीटीवी फुटेज को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। हालांकि, प्रबंधन के अनुसार फुटेज को जूम करने पर तस्वीर धुंधली होने के कारण फिलहाल पहचान पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पा रही है। 4. BKTC अध्यक्ष बोले- मेरे पास कोई निजी सचिव नहीं- हल्द्वानी पहुंचे बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि सोशल मीडिया पर जिस कर्मचारी को अध्यक्ष का 'निजी सचिव' या 'निजी सहायक' बताया जा रहा है, वह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। अध्यक्ष ने साफ किया कि उनका कोई पर्सनल पीए नहीं है। संबंधित कर्मचारी बीकेटीसी का एक नियमित (परमानेंट) सरकारी कर्मचारी है, जो पूर्व में भी तीन अलग-अलग अध्यक्षों के कार्यकाल में वैयक्तिक सहायक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुका है। अध्यक्ष ने आगे कहा कि यदि जांच के बाद आरोप सही पाए जाते हैं और कोई भी कर्मचारी दोषी मिलता है, तो उसे बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अयोध्या मामले के बाद से ही BKTC पहले से सतर्क थी और परिसर में हाई-रेजॉल्यूशन (उच्च क्षमता) के कैमरे लगाए गए हैं ताकि पूरे परिसर की साफ रिकॉर्डिंग हो सके। 5. निष्पक्ष जांच की मांग और दान की प्रक्रिया- बद्रीनाथ धाम के पूर्व रक्षा प्रवक्ता एवं तीर्थ पुरोहित समाज के अध्यक्ष अमित सती ने मांग की है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। केवल कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि दान-चढ़ावे की पूरी व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास न टूटे। मंदिर समिति के अनुसार, दानपात्रों से चढ़े हुए रुपए को निकालने और गिनने की एक तय पारदर्शी प्रक्रिया है। इस दौरान मंदिर के अधिकारी, बैंक के कर्मचारी और अन्य अधिकृत लोग मौजूद रहते हैं और यह पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी में होती है। गिनती के बाद पूरी राशि को बैंक में जमा कराया जाता है और रसीदों का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। BKTC का विवादों से पुराना नाता नए मामले ने BKTC की विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ समय से समिति लगातार कई अन्य प्रमुख विवादों को लेकर भी चर्चा में रही है- क्या है BKTC और क्यों हुआ था गठन श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का गठन द यूपी श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ टेंपल एक्ट 1939 के तहत किया गया था। यह कानून मंदिरों के बेहतर प्रशासन और प्रबंधन के लिए बनाया गया था। इस अधिनियम में समिति की संरचना, उसके अधिकार, मंदिर संचालन, व्यवस्था बनाए रखने और नियम बनाने से जुड़ी बातें तय की गई हैं। यानी समिति के पास मंदिरों के प्रशासन और व्यवस्था को लेकर निर्णय लेने का अधिकार इसी कानून के तहत आता है। --------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी का भूमि विवाद हाईकोर्ट पहुंचा:लोगों को हटाने, महिलाओं-बच्चों को रोकने का आरोप; SDM-SHO तलब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी सायरा वाड्रा से जुड़ा किच्छा का चर्चित 8 एकड़ खान फार्म भूमि विवाद अब उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुंच गया है। जबरन कब्जे और प्रशासन की कथित मिलीभगत के आरोपों वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित एसडीएम और किच्छा कोतवाली के थानाध्यक्ष को 6 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। साथ ही सिविल कोर्ट के 11 जून के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
'उसकी प्लेइंग-11 में जगह नहीं है...' वैभव सूर्यवंशी को पूर्व क्रिकेटर ने दिखाया आईना, कहा उसे सच बता दो
Vaibhav Sooryavanshi : भारत के 15 साल के बाएं हाथ के तूफानी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू के इंतजार के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने बड़ा बयान दिया है. उनका ये बयान भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले से पहले आया है. पार्थिव ने भारतीय टीम मैनेजमेंट से वैभव सूर्यवंशी को धैर्य से संभालने की बात कही है. उन्होंने कहा है कि उन्हें वैभव के साथ बातचीत करनी चाहिए और उन्हें मौका न मिल पाने का कारण सच-सच बता देना चाहिए.
आपको बात दें कि, भारत और इंग्लैडं के बीच दूसरा टी20 मैच आज .यानी 4 जुलाई को खेला जाने वाला है. शनिवार को इन दोनों टीमों के बीच टक्कर मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रेफर्ड स्टेडियम में होने वाली है. इस मुकाबले की शुरुआत शाम 7:30 बजे से होने वाली है. उससे पहले पार्थिव पटेल ने जियोहॉटस्टार पर बात करते हुए वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है.
वैभव सूर्यवंशी पर पार्थिव पटेल ने बोली बड़ी बात
पार्थिव पटेल ने कहा कि, 'मुझे लगता है कि वैभव सूर्यवंशी को इस सीरीज में कभी न कभी जरूर मौका मिलेगा. हालांकि, इस समय बातचीत बहुत जरूरी है. जब आप कोचिंग स्टाफ का हिस्सा होते हैं, तो आपको यह पक्का करना होता है कि आप खिलाड़ियों से साफ-साफ बात करें. भले ही आप उन्हें नहीं खिला रहे हों, आपको उसे यह बताना होगा'.
पार्थिव पटेल ने आगे कहा कि, 'वह 15 साल का बच्चा है, इसलिए आपको उनके साथ बहुत सावधान रहने और उसे सब्र रखने की सलाह देने की जरूरत है. बहुत सारे खिलाड़ी हैं जिन्होंने सच में बहुत अच्छा किया है. संजू सैमसन टी20 वर्ल्ड कप में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' थे. नंबर तीन पर खेल रहे ईशान किशन आईसीसी रैंकिंग में दुनिया के नंबर एक टी20 बल्लेबाज हैं, जबकि अभिषेक शर्मा नंबर 2 पर हैं. इस समय वैभव के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं है और यह बात उन्हें बहुत अच्छे से बताने की जरूरत है'.
Parthiv Patel advice to Vaibhav Sooryavanshi ????
— Venky Mama (@venkymama100) July 3, 2026
“I feel that at some point in this series, Vaibhav Sooryavanshi will definitely get an opportunity. But at this point in time, communication is something which is very important. You know, when you are part of a coaching staff, you… pic.twitter.com/z2CO9NIitm
बीसीसीआई और भारतीय चयनकर्ताओं ने आईपीएल 2026 के प्रदर्शन के आधार पर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ 2 टी20 मैच और इंग्लैंड के खिलाफ 5 टी20 मैचों की सीरीज के लिए चुना था. उनको आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू मिलने का इंतजार सभी को था. लेकिन ऐसा हुआ है, वैभव को पहले और दूसरे किसी भी टी20 मैच में मौका नहीं दिया गया.
इसके बाद टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में शामिल करने की उम्मीद की जा रही थी. यहां भी वैभव सूर्यवंशी और उनके फैंस को निराशा हाथ लगी और उनको प्लेइंग-11 में नहीं रखा गया. अब आज दूसरे टी20 मुकाबले से पहले भी भारतीय फैंस उनके डेब्यू का इंतजार कर रहे हैं लेकिन ऐसा मुश्किल ही होता हुआ नजर आ रहा है.
— BCCI (@BCCI) July 4, 2026
वैभव सूर्यवंशी का बल्ले से धमाल
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में 16 मुकाबलों में 237 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 776 रन बनाए थे. वो आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बने और ऑरेंज कैप अपने नाम किया. इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले में सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था.
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