ट्रंप का बड़ा दावा- 'ईरान को अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते का समय दिया', खामेनेई को लेकर फिर दिया विवादित बयान
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार की शुरुआत के साथ ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है. ट्रंप ने हालिया अमेरिका-ईरान संघर्ष का जिक्र करते हुए दावा किया कि अमेरिका ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ईरान को अंतिम संस्कार की तैयारियों के लिए एक सप्ताह का समय दिया. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में लाखों लोग खामेनेई को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं.
स्वतंत्रता दिवस समारोह में ईरान पर साधा निशाना
अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता वर्ष के अवसर पर साउथ डकोटा स्थित माउंट रशमोर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने ईरान पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की स्थिति काफी कमजोर हो गई है और अब वह बातचीत तथा समझौते की कोशिश कर रहा है.
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने सख्ती के साथ-साथ संवेदनशीलता भी दिखाई. उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से ईरान को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया.
Trump on Iran:
— Clash Report (@clashreport) July 4, 2026
We knocked the hell out of Iran. They're dying to settle. They want to settle so badly.
We gave them a week off for a funeral because we're nice. It's true. pic.twitter.com/sRO86QqkdW
ईरान में सप्ताहभर चलेगा अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रम
दूसरी ओर, ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के सम्मान में सप्ताहभर चलने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है. विभिन्न शहरों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं और लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है.
ईरानी प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. राजधानी तेहरान से लेकर अन्य प्रमुख शहरों तक शोक सभाओं और अंतिम यात्रा की व्यापक तैयारियां की गई हैं.
युद्ध के चलते टल गया था अंतिम संस्कार
बता दें कि ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर की मौत चार महीने बाद उनका अंतिम संस्कार किया है. दरअसल ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले के दौरान खामेनेई की मौत हुई थी. इस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए थे. लगातार जारी सैन्य तनाव और सुरक्षा जोखिमों के कारण तत्काल अंतिम संस्कार नहीं कराया जा सका.
इस्लामी परंपरा के अनुसार किसी व्यक्ति को आमतौर पर 24 घंटे के भीतर दफनाया जाता है, लेकिन युद्ध जैसी असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए यह प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी. संघर्षविराम लागू होने के बाद अब राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार आयोजित किया जा रहा है.
ट्रंप के बयान से फिर बढ़ी राजनीतिक बहस
ट्रंप का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं. उनके बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान अमेरिका की सख्त विदेश नीति का संदेश देने की कोशिश है, जबकि अन्य इसे राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देख रहे हैं.
आने वाले दिनों में खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान विभिन्न देशों की प्रतिक्रियाएं और ईरान की आगे की रणनीति पर दुनिया की नजर बनी रहेगी. वहीं, ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर अमेरिका-ईरान संबंधों और हालिया संघर्ष को वैश्विक बहस के केंद्र में ला दिया है.
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