याददाश्त कमजोर होने से पहले मस्तिष्क देता है यह संकेत, अल्जाइमर पर नई रिसर्च में खुलासा
नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। अल्जाइमर बीमारी को आमतौर पर लोग भूलने की समस्या के तौर पर जानते हैं। जब किसी को नाम याद न रहे, चीजें रखकर भूल जाए या जगहों को पहचानने में दिक्कत हो, तब अक्सर कहा जाता है कि यह अल्जाइमर का असर हो सकता है, लेकिन अब वैज्ञानिकों की एक नई रिसर्च ने में खुलासा हुआ है कि दिमाग में बदलाव सिर्फ याददाश्त कमजोर होने के बाद ही नहीं, बल्कि उससे कई साल पहले भी शुरू हो सकते हैं।
यह अध्ययन अमेरिका की टेक्सास ए एंड एम हेल्थ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने किया है और इसके नतीजे एक मशहूर वैज्ञानिक जर्नल नेचर कम्युनिकेशन्स में प्रकाशित हुए हैं। रिसर्च में बताया गया है कि अल्जाइमर की शुरुआत में ही दिमाग की नई परिस्थितियों में ढलने की क्षमता, यानी कॉग्निटिव फ्लेक्सिबिलिटी, प्रभावित हो सकती है।
कॉग्निटिव फ्लेक्सिबिलिटी का मतलब होता है, जब कोई स्थिति बदल जाए तो उसके हिसाब से अपनी सोच और व्यवहार को बदल लेना। जैसे अगर आप किसी काम को एक तरीके से कर रहे हैं और अचानक नियम बदल जाए तो तुरंत नए नियम के हिसाब से खुद को ढाल लेना। यही क्षमता दिमाग की एक बहुत जरूरी ताकत मानी जाती है।
रिसर्च में वैज्ञानिकों ने चूहों पर अध्ययन किया, जिन्हें अल्जाइमर जैसी स्थिति के लिए विकसित किया गया था। इन चूहों का एक खास टेस्ट दिया गया, जिसे रिवर्सल लर्निंग कहा जाता है। इसमें पहले चूहों को एक तरीका सिखाया गया जिससे उन्हें इनाम मिलता था, लेकिन बाद में नियम बदल दिए गए और इनाम पाने का तरीका भी बदल गया।
दिलचस्प बात यह रही कि सामान्य चूहों ने जल्दी समझ लिया कि नियम बदल गए हैं और उन्होंने अपना तरीका भी बदल लिया, लेकिन अल्जाइमर वाले चूहों ने पुरानी आदत नहीं छोड़ी। वे बार-बार वही गलत तरीका अपनाते रहे, भले ही उससे कोई फायदा नहीं हो रहा था।
सबसे हैरानी की बात यह थी कि इन चूहों के याददाश्त टेस्ट में कोई बड़ी कमी नहीं दिखी। यानी वे जगहें और चीजें याद रखने में ठीक थे, लेकिन नई स्थिति के हिसाब से खुद को बदल नहीं पा रहे थे। इससे वैज्ञानिकों को लगा कि अल्जाइमर सिर्फ भूलने की बीमारी नहीं है, बल्कि इससे पहले सोचने और समझने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
दिमाग के अंदर जब जांच की गई तो एक खास हिस्सा, जिसे मीडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स कहा जाता है, उसमें ज्यादा गतिविधि देखी गई। यह हिस्सा दिमाग का वह भाग है जो प्लानिंग, निर्णय लेने और बदलते हालात में सोचने में मदद करता है। इसके अलावा स्ट्रिएटम नाम के दूसरे हिस्से से भी इसका संबंध देखा गया, जो व्यवहार को नियंत्रित करता है।
वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि कुछ खास तंत्रिका कोशिकाएं, जिन्हें कोलिनेर्जिक इंटरन्यूरॉन्स कहा जाता है, उनकी गतिविधि कम हो गई थी। ये कोशिकाएं दिमाग को सीखने और नई चीजें अपनाने में मदद करती हैं। जब ये ठीक से काम नहीं करतीं तो दिमाग के लिए नई परिस्थितियों में ढलना मुश्किल हो जाता है।
इस रिसर्च में एक और दिलचस्प प्रयोग किया गया। वैज्ञानिकों ने दिमाग के उस हिस्से की ज्यादा गतिविधि को थोड़ी देर के लिए कम किया। इसके बाद चूहों में सुधार देखा गया। उन्होंने नई चीजें जल्दी सीखनी शुरू कर दीं और उनका व्यवहार पहले से बेहतर हो गया। यहां तक कि कुछ मामलों में अल्जाइमर के लक्षण भी कम होते दिखे।
हालांकि, यह शोध अभी सिर्फ जानवरों पर हुआ है, लेकिन इसके नतीजे काफी उम्मीद जगाने वाले हैं। अगर आगे चलकर इंसानों पर भी यही पैटर्न साबित होता है तो डॉक्टर अल्जाइमर को बहुत पहले पहचान सकेंगे।
--आईएएनएस
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Bhadra Rajyog 2026: 7 जुलाई बुध बनाएंगे भद्र राजयोग, इन राशियों की लगेगी लॉटरी, खुलेंगे किस्मत के द्वार
Bhadra Rajyog 2026: जुलाई 2026 में बुध ग्रह का गोचर होने वाला है. इस गोचर को बेहद खास माना जा रहा है. इस दौरान बुध ग्रह स्वयं की राशि यानी मिथुन राशि में प्रवेश करने वाले हैं. यह एक शुभ खगोलिय घटना मानी जाती है. इससे बेहद खास और दुर्लभ भद्रा राजयोग बन रहा है. भद्रा के नाम से शायद आप इसे सही नहीं मान रहे होंगे लेकिन इसके विपरित इस बार का राजयोग राशियों के लिए लॉटरी का पिटारा बनकर आ रहा है. ज्योतिषों के अनुसार, बता दें कि जब बुध अपनी राशि में मजबूत स्थिति पकड़ते हैं तो इसका सकारात्मक प्रभाव राशियों पर पड़ता है. इस आर्टिकल में जानिए बुध का यह गोचर क्यों कितना खास है और किन राशियों के लिए भाग्यशाली होगा.
बुध ग्रह का प्रभाव और उसका महत्व
ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को वाणी, तर्क, व्यापार और शिक्षा का कारक ग्रह माना जाता है. बुध संचार का ग्रह भी होता है. यह व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को बेहतर बनाता है. इससे बातचीत में स्पष्टता आती है और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है. खासतौर पर जो लोग मीडिया, कला, मार्केटिंग, सेल्स और क्रिएटिव सेक्टर्स से जुड़े हुए हैं. उन्हें इसका ज्यादा लाभ मिलने वाला है.
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कब और क्यों हो रहा है गोचर?
बुध ग्रह का मिथुन राशि में प्रवेश जून के अंत में ही हो गया था. जुलाई में इसका प्रभाव और भी ज्यादा मजबूत हो गया है. 7 जुलाई के बाद बुध के इस गोचर का असर ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई देगा. क्योंकि मिथुन राशि के स्वामी ही बुध ग्रह होते हैं. इसलिए, यह स्थिति अत्यंत शुभ और फलदायी होने वाली है.
भद्रा राजयोग क्या है?
बुध जब अपनी ही उच्च राशि में केंद्र भाव में स्थित होता है तो भद्रा राजयोग बनता है. यह योग व्यक्ति को बुद्धिमान, प्रभावशाली और इंसान को वक्त बनाता है. इस योग के प्रभाव से लोगों को करियर में, बिजनेस में और शिक्षा के क्षेत्र में खूब सफलताएं मिलती हैं.
किन लोगों को मिलेगा फायदा?
कई राशियों पर इस गोचर का असर होने वाला है, जिनमें से लकी राशियां ये हैं-
1.कर्क राशि
कर्क राशि के लिए बुध के गोचर से बन रहे भद्रा राजयोग में कार्यक्षेत्र में सफलता देखने को मिलेगी. ये लोग बातचीत करने में स्पष्ट होंगे और इनकी निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ेगी. इससे इन लोगों को लाभ मिलेगा.
2.धनु राशि
धनु राशि के लोगों को भी व्यापार और साझेदारी के मामलों में फायदा होने के पूरे योग बन रहे हैं. भद्रा राजयोग के प्रभाव से इन्हें कोई अच्छी डील मिलेगी.
3.मीन राशि
मीन राशि के लोगों को घर-परिवार और संपत्ति से जुड़े मामलों में बड़ी सफलता हासिल होने वाली है. इन्हें प्रमोशन या कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है.
भद्रा राजयोग के लाभ
द्रिक पंचांग के अनुसार, भद्रा राजयोग को अत्यंत शुभ और प्रभावशाली राजयोगों में से एक माना जाता है. जब भी आकाश मंडल में यह योग बनता है, तो जातक की बुद्धि, वाणी, निर्णय क्षमता और कार्यकुशलता में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं. खासकर करियर, व्यापार, शिक्षा और आर्थिक मामलों में इसके शुभ परिणाम मिलने की संभावना रहती है.
इस राजयोग के प्रभाव से नौकरीपेशा लोगों की पदोन्नति होती है, नई जिम्मेदारियों और बेहतर अवसर प्राप्त होते हैं. वहीं, व्यापारियों के लिए नए ग्राहकों से जुड़ने, लाभ बढ़ने और महत्वपूर्ण व्यावसायिक समझौते होने के भी योग बनते हैं. छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ने और अच्छे परिणाम मिलने की संभावना रहती है.
भद्रा राजयोग का लाभ प्राप्त करने के उपाय
- बुधवार को गणेश पूजन करें.
- बुधवार के दिन ऊं बुं बुधाय नमः, मंत्र का 108 बार जाप करें.
- बुधवार के दिन हरी वस्तुओं जैसे हरी मूंग, हरी सब्जियों का दान करें.
- इस दिन गायों को हरा चारा खिला सकते हैं.
- बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहन सकते हैं.


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