Explainer: आखिर क्यों जवानी में झड़ने लगते हैं बाल? जानिए 7 बड़ी वजहें, समय रहते ऐसे करें बचाव
आज से कुछ साल पहले तक बाल झड़ने की समस्या को बढ़ती उम्र से जोड़कर देखा जाता था. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. 20 से 35 साल की उम्र के युवा भी तेजी से हेयर फॉल का सामना कर रहे हैं. कई लोग सुबह उठते ही तकिए पर टूटे बाल देखते हैं, तो कुछ लोगों को नहाते समय या कंघी करते वक्त मुट्ठीभर बाल निकलते दिखाई देते हैं. शुरुआत में इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन समय के साथ यही समस्या बालों के पतले होने और गंजेपन तक पहुंच सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना 50 से 100 बाल झड़ना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है. पुराने बाल झड़ते हैं और उनकी जगह नए बाल उगते हैं. लेकिन जब बाल सामान्य से अधिक मात्रा में झड़ने लगें, नए बाल न उगें या हेयरलाइन पीछे जाने लगे, तो यह चिंता का विषय हो सकता है. आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर कम उम्र में बाल क्यों झड़ने लगते हैं और इससे बचने के लिए क्या किया जा सकता है.
कम उम्र में बाल क्यों झड़ने लगते हैं?
आनुवंशिक कारण सबसे बड़ी वजह
अगर आपके परिवार में माता-पिता, दादा-दादी या अन्य करीबी रिश्तेदारों को कम उम्र में बाल झड़ने या गंजेपन की समस्या रही है, तो इसकी संभावना आपके अंदर भी हो सकती है. इसे एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया (Pattern Hair Loss) कहा जाता है. इस स्थिति में बाल धीरे-धीरे पतले होने लगते हैं. पुरुषों में हेयरलाइन पीछे जाने लगती है, जबकि महिलाओं में सिर के बीच वाले हिस्से के बाल कम घने दिखाई देने लगते हैं.
क्या करें?
शुरुआती लक्षण दिखने पर त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें.
समय पर इलाज शुरू करने से बालों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
शरीर में पोषण की कमी
बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने के लिए शरीर को पर्याप्त पोषण चाहिए. अगर खानपान संतुलित नहीं है, तो इसका असर सबसे पहले बालों पर दिखाई देता है. इन पोषक तत्वों की कमी से हेयर फॉल बढ़ सकता है जैसे- आयरन, प्रोटीन, विटामिन D, विटामिन B12, जिंक, बायोटिन और ओमेगा-3 फैटी एसिड. आजकल वजन कम करने के लिए क्रैश डाइट या भोजन छोड़ने की आदत भी बाल झड़ने की बड़ी वजह बन रही है.
क्या करें?
दाल, दूध, अंडे, पनीर और सोया जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ खाएं.
हरी सब्जियां, फल और मेवे नियमित रूप से लें.
बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट न लें.
तनाव और खराब लाइफस्टाइल
लंबे समय तक मानसिक तनाव शरीर के कई हिस्सों की तरह बालों पर भी असर डालता है. तनाव के दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे हेयर ग्रोथ साइकिल प्रभावित हो जाती है. इसके अलावा देर रात तक जागना, पर्याप्त नींद न लेना, लगातार स्क्रीन देखना और शारीरिक गतिविधि की कमी ये सभी कारण भी बालों को कमजोर बना सकते हैं.
बचाव के उपाय
रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लें.
योग और मेडिटेशन करें.
नियमित व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.
हार्मोनल बदलाव भी बन सकते हैं कारण
महिलाओं और पुरुषों दोनों में हार्मोनल असंतुलन बाल झड़ने की वजह बन सकता है. महिलाओं में PCOS, थायरॉयड, गर्भावस्था के बाद हार्मोनल बदलाव और मेनोपॉज जैसी समस्या हो सकती है, जबकि पुरुषों में DHT हार्मोन का प्रभाव पैटर्न हेयर लॉस का कारण बन सकता है. अगर हेयर फॉल के साथ वजन बढ़ना, अनियमित पीरियड्स या अत्यधिक थकान जैसी समस्याएं भी हों, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.
गलत हेयर केयर और केमिकल्स का ज्यादा इस्तेमाल
आजकल हेयर स्टाइलिंग का चलन तेजी से बढ़ा है. बार-बार हेयर कलर, स्मूदनिंग, स्ट्रेटनिंग, ब्लीचिंग और हीट टूल्स का उपयोग बालों की प्राकृतिक मजबूती को कम कर देता है. इसके अलावा बहुत गर्म पानी से बाल धोना, रोजाना शैंपू करना, गीले बालों में जोर से कंघी करना और बालों को बहुत कसकर बांधना ये आदतें भी नुकसान पहुंचा सकती हैं.
क्या करें?
माइल्ड शैंपू का उपयोग करें.
जरूरत पड़ने पर ही हीट स्टाइलिंग करें.
गीले बालों को धीरे-धीरे सुलझाएं.
कुछ बीमारियां और दवाइयों का असर
हेयर फॉल कई बार किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है. इन स्थितियों में बाल झड़ सकते हैं एनीमिया, थायरॉयड रोग, डायबिटीज, ऑटोइम्यून बीमारियां, तेज बुखार के बाद और कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट. अगर अचानक बालों का झड़ना बहुत ज्यादा बढ़ जाए, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय मेडिकल जांच करानी चाहिए.
प्रदूषण, धूम्रपान और अस्वस्थ खानपान
शहरों में बढ़ता प्रदूषण बालों और स्कैल्प दोनों को प्रभावित करता है. धूल, धुआं और केमिकल्स स्कैल्प पर जमा होकर बालों की जड़ों को कमजोर कर सकते हैं. इसके अलावा जंक फूड, अधिक चीनी, धूम्रपान, शराब और कम पानी पीना ये सभी आदतें बालों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं.
बचाव कैसे करें?
रोजाना पर्याप्त पानी पिएं.
ताजे फल और सब्जियां खाएं.
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं.
बाहर से आने के बाद स्कैल्प की सफाई करें.
बाल झड़ने के शुरुआती संकेत को न करें नजरअंदाज
कंघी करते समय जरूरत से ज्यादा बाल निकलना.
तकिए पर रोज काफी बाल दिखाई देना.
हेयरलाइन पीछे जाना.
बालों का पतला होना.
सिर की त्वचा अधिक दिखाई देना.
बालों का टूटना और चमक कम होना.
बालों को स्वस्थ रखने के आसान उपाय
संतुलित और पौष्टिक भोजन करें.
रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं.
नियमित व्यायाम करें.
तनाव कम करने की कोशिश करें.
स्कैल्प को साफ रखें.
पर्याप्त नींद लें.
डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा या सप्लीमेंट न लें
त्वचा एवं बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?
अगर रोजाना 100 से ज्यादा बाल झड़ रहे हों, सिर के किसी हिस्से में गोल पैच बन रहे हों, अचानक बाल बहुत तेजी से गिरने लगें या हेयर फॉल के साथ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी दिखाई दें, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है. सही कारण की पहचान के बाद ही उचित उपचार शुरू किया जाना चाहिए.
FAQs
Q1. क्या रोज 100 बाल झड़ना सामान्य है?
हां, सामान्य तौर पर रोजाना 50 से 100 बाल झड़ना सामान्य माना जाता है. इससे अधिक हेयर फॉल होने पर जांच करानी चाहिए.
Q2. क्या तनाव से बाल झड़ सकते हैं?
हां, लंबे समय तक मानसिक तनाव हेयर ग्रोथ साइकिल को प्रभावित करता है और बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है.
Q3. क्या खानपान का असर बालों पर पड़ता है?
बिल्कुल, प्रोटीन, आयरन, विटामिन D, B12 और जिंक की कमी से बाल कमजोर होकर तेजी से झड़ सकते हैं.
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या, अत्यधिक हेयर फॉल या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर या त्वचा एवं बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें.
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आधार ऐप पर नई सुविधा शुरू होने के बाद पहले दो दिनों में अपडेट हुए 2.5 लाख से अधिक ईमेल : केंद्र
नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि आधार ऐप पर ईमेल आईडी निशुल्क अपडेट होने की सुविधा एक जुलाई से शुरू होने के बाद पहले दो दिनों में 2.5 से अधिक ईमेल अपडेट हुए हैं।
सरकार ने कहा कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने निवासियों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अब लोगों को आधार ऐप के माध्यम से सीधे आधार में अपनी ईमेल आईडी जोड़ने या अपडेट करने की अनुमति दे दी है, जिससे आधार केंद्र जाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
यूआईडीएआई के मुताबिक, यह सेवा केवल आधार ऐप के माध्यम से निःशुल्क उपलब्ध है, जो 1 जुलाई, 2026 से छह महीने की अवधि के लिए प्रभावी होगी। इससे निवासियों के लिए अपनी आधार जानकारी को अपडेट रखना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। भौतिक रूप से आने-जाने की आवश्यकता को समाप्त करके, यह पहल डिजिटल इंडिया के अंतर्गत विकसित भारत की दिशा में लोगों के अनुकूल डिजिटल सेवा प्रदान करने के लिए यूआईडीएआई की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
सरकार ने कहा कि जीवन को सुगम बनाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया नया आधार ऐप लोगों को अपने स्मार्टफोन से ही मोबाइल नंबर अपडेट और पता अपडेट सहित कई सेवाओं का आसानी से लाभ उठाने में सक्षम बना रहा है।
अब तक 40 लाख से अधिक लोगों ने नए आधार ऐप का उपयोग करके अपने मोबाइल नंबर अपडेट किए हैं। वहीं, लगभग 10 लाख लोगों ने इस ऐप का उपयोग करके अपना पता भी अपडेट किया है।
यूआईडीएआई ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने आधार में ईमेल आईडी जोड़ने और अपडेट करने की सुविधा का लाभ उठा सकता है। इसे आधार ऐप डाउनलोड या अपडेट करके आसानी से किया जा सकता है।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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