Ali Khamenei Funeral: जनाजा, कफन और ईरानियों का वलवला, अली खामेनेई को अंतिम विदाई, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने दी श्रद्धांजलि
एक मंच जिसे फूलों से सजाया गया है। काले कपड़ों में उमड़ा लोगों का हुजूम उस मंच की ओर टकटकी लगाए देख रहा है और नारे ऐसे लग रहे हैं जैसे बेसब्री से किसी का इंतजार किया जा रहा हो। कुछ देर के बाद मंच पर एक ताबूत को लाया जाता है और ताबूत के आते ही लोग सिर्फ उसे छूने मात्र के लिए आगे की ओर बढ़ते हैं। अपने हाथ लंबे करते हैं और बैकग्राउंड में बज रहा है एक शोक संगीत। यह ताबूत किसी और का नहीं बल्कि ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर इमाम सैयद अयातुल्लाह अली खामनेई का है। खामेनेई की मौत के बाद पहली बार उनके ताबूत को सार्वजनिक स्थान पर लाया गया है। यह देखते ही उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ पड़ी और अपने दिवंगत रहबर के ताबूत की एक झलक पाने के लिए वे बेताब हैं। जिस शख्स की आवाज दशकों तक ईरान की पहचान बनी रही, आज उसी खामोशी पर पूरा मुल्क नम आंखों से पहरा दे रहा है। आयातुल्लाह अली खामई अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन अपने चाहने वालों की यादों, दुआओं और दिलों में वह आज भी जिंदा हैं। तेहरान के सड़कों पर उमड़ा जन सैलाब सिर्फ एक जनाजा नहीं बल्कि अपने रहनुमा को आखिरी सलाम देने के लिए निकला है। हर आंख नम है। हर जुबान पर एक ही दुआ है और हर दिल में बस एक ही एहसास। कुछ शख्सियतें रुखसत होकर भी कभी रुखसत नहीं होती। 9 जुलाई को खामने के सुपुर्दे खाक की तैयारियों को लेकर ईरान में अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं। राजधानी तेहरान में सुरक्षा के कड़े इंतजामात किए गए हैं और हजारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। शुक्रवार को तेहरान के ग्रैंड मोसाला में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के आधिकारिक राजकीय अंतिम संस्कार समारोह से पहले, भारत के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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अंतिम संस्कार के जुलूसों के लिए तेहरान का एयरस्पेस कुछ समय के लिए बंद रहेगा
खामेनेई का अंतिम संस्कार (लाइव): अधिकारियों ने तेहरान में सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों को शनिवार से सोमवार तक बंद रखने का आदेश दिया है। साथ ही, ट्रैफिक पाबंदियों की वजह से शहर के बीच का ज़्यादातर हिस्सा प्राइवेट गाड़ियों के लिए बंद रहेगा। तेहरान का एयरस्पेस शुक्रवार से कुछ समय के लिए और सोमवार को पूरी तरह से बंद रहेगा। तेहरान में अंतिम संस्कार की रस्मों के बाद, खामेनेई के शव को इराक के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा। इसके बाद उन्हें 9 जुलाई को उत्तर-पूर्वी ईरान में उनके जन्मस्थान मशहद में इमाम रज़ा की दरगाह में दफनाया जाएगा।
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ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता का अंतिम संस्कार कई दिनों तक चलेगा
दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर शनिवार और रविवार को तेहरान की ग्रैंड मोसाल्ला मस्जिद में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। उनके पार्थिव शरीर को तेहरान की सड़कों पर एक अंतिम यात्रा (फ्यूनरल प्रोसेशन) के ज़रिए ले जाया जाएगा और फिर शिया धार्मिक शिक्षा के केंद्र शहर 'कोम' ले जाया जाएगा, जो राजधानी से लगभग 120 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। वहाँ मंगलवार को अंतिम संस्कार की रस्में जारी रहेंगी। खामेनेई का पार्थिव शरीर इराक के कर्बला ले जाया जाएगा। कर्बला में पैगंबर मुहम्मद के नवासे इमाम हुसैन का मज़ार है, जिन्हें शिया मुसलमान प्रतिरोध का प्रतीक मानते हैं। इसी दिन खामेनेई के शासन के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों की बरसी भी है, जिनके दौरान सुरक्षा बलों ने हज़ारों लोगों की जान ले ली थी। कर्बला में रस्मों के बाद, खामेनेई का पार्थिव शरीर ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद ले जाया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के गार्ड्स प्रमुख युद्ध के बाद पहली बार सबके सामने आए
ईरानी मीडिया द्वारा शुक्रवार को दिखाए गए फुटेज के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख अहमद वाहिदी ने तेहरान में अली खामेनेई के पार्थिव शरीर के सामने श्रद्धांजलि अर्पित की। मध्य पूर्व में युद्ध शुरू होने के बाद यह उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी। युद्ध की शुरुआत से ही वाहिदी ने खुद को चर्चा से दूर रखा था - शायद इसलिए ताकि वे अपने पूर्ववर्ती की तरह हत्या का शिकार न बनें। फार्स समाचार एजेंसी द्वारा साझा की गई एक तस्वीर में उन्हें ताबूत पर हाथ रखकर प्रार्थना करते हुए देखा गया।
An honour for me to be here in Tehran to express my deepest condolences & solidarity on the martyrdom of Iran’s Supreme Leader Ayatollah Sayyed Ali Khamenei- a revered leader who dared to stand against the tide & fought for the oppressed. pic.twitter.com/dyfRbNXhsr
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) July 3, 2026
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