Responsive Scrollable Menu

एनालॉग पनीर क्या है? असली और मिलावटी पनीर से कितना अलग, किन राज्यों में बैन और नकली मिले तो कहां कर सकते हैं शिकायत?

पनीर का नाम सुनते ही शाही पनीर, टिक्का, रोल या पनीर की कोई स्वादिष्ट सब्जी याद आ जाती है. लेकिन क्या बाजार से खरीदा गया हर पनीर दूध से ही बना होता है? इस सवाल का जवाब जानना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि डाइटिंग के नाम पर भी पनीर खाने की सलाह दी जाती है. लोग इसे हेल्दी और प्रोटीन का सोर्स मानकर जम कर कंज्यूम करते हैं. ऐसे में जब ये पता चले कि आप जो पनीर खा रहे हैं वो दूध से नहीं तेल से बना है तो सदमा लगना लाजमी है. एनालॉग पनीर भी ऐसा ही पनीर है जो सेहतमंद होने से ज्यादा नुकसानदायी है. इसलिए इस तरह के पनीर पर बैन लगाया गया है. छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात के बाद मध्य प्रदेश में भी एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लागू किया जा चुका है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि एनालॉग पनीर आखिर होता क्या है, असली पनीर से कैसे अलग है, इसे लेकर चिंता क्यों है और अगर दुकानदार आपको असली पनीर के नाम पर एनालॉग पनीर बेच दे तो आप क्या कर सकते हैं?

एनालॉग पनीर आखिर होता क्या है?

नाम थोड़ा तकनीकी है. लेकिन इसे समझना काफी आसान है. एनालॉग पनीर ऐसा प्रोडक्ट है जो देखने, काटने और इस्तेमाल करने में सामान्य पनीर जैसा लग सकता है. लेकिन इसे पारंपरिक तरीके से सिर्फ दूध से नहीं बनाया जाता. असली डेयरी पनीर दूध को फाड़कर बचने वाले सॉलिड हिस्से से तैयार किया जाता है. वहीं एनालॉग पनीर में वनस्पति फैट या पाम ऑयल, स्टार्च, पानी, केसिन यानी दूध का प्रोटीन और दूसरे कंपोनेंट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है.

असली पनीर और एनालॉग पनीर में क्या अंतर है?

दोनों को देखकर पहली नजर में फर्क करना हमेशा आसान नहीं होता. क्योंकि दोनों दिखने में एक ही जैसे लगते हैं. असली पनीर मुख्य रूप से दूध से बनता है. इसमें मिल्क फैट और प्रोटीन होते हैं. इसकी बनावट आमतौर पर मुलायम और थोड़ी दानेदार होती है तथा इसमें दूध जैसी हल्की खुशबू और मलाईदार स्वाद भी आता है.

एनालॉग पनीर की बनावट कभी-कभी ज्यादा चिकनी या रबड़ जैसी लग सकती है. हालांकि केवल देखकर, छूकर या चखकर ये तय करना मुश्किल है कि पनीर एनालॉग है या नहीं.

आखिर इसे बैन करने की जरूरत क्यों पड़ी?

सबसे बड़ी समस्या तब पैदा होती है जब कोई दुकानदार या कारोबारी एनालॉग पनीर को असली दूध से बना पनीर बताकर ग्राहक को बेचता है. ग्राहक पैसे असली पनीर के देता है. लेकिन उसे मिलता कुछ और है. ये कंज्यूमर को गुमराह करने वाला मामला बन सकता है और खाद्य सुरक्षा व उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के तहत कार्रवाई का आधार बन सकता है. दूसरी चिंता प्रोडक्ट की क्वालिटी को लेकर है. अगर किसी प्रोडक्ट में घटिया, मिलावटी या नियमों के खिलाफ सामग्री का इस्तेमाल किया गया हो तो वो हेल्थ के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

कैसे पहचानें एनालॉग पनीर?

अब सबसे काम की बात अगर पनीर खरीदकर घर ले आए हैं तो क्या आप खुद इसकी जांच कर सकते हैं? सिर्फ देखकर 100 फीसदी पक्की पहचान करना संभव नहीं है. फिर भी कुछ तरीकों से अंदाजा तो लगाया ही जा सकता है.

पैकेट वाला पनीर खरीदते समय सबसे पहले सामग्री की सूची पढ़ें. अगर उसमें वनस्पति वसा, स्टार्च या दूसरे नॉनडेयरी कंपोनेंट्स लिखे हैं तो समझें कि ये पारंपरिक दूध वाला पनीर नहीं हो सकता. खुले पनीर में बहुत ज्यादा चिकनापन, असामान्य बनावट, अजीब स्मेल या स्वाद लगे तो सावधानी बरतें.

सोशल मीडिया पर आयोडीन डालकर या दूसरे घरेलू तरीकों से पनीर जांचने के दावे खूब मिलते हैं. आयोडीन से स्टार्च की मौजूदगी का संकेत मिल सकता है. लेकिन इससे ये साबित नहीं होता कि एनालॉग पनीर है. इसलिए लैब टेस्ट करवाना ही सबसे बेहतर तरीका माना जाता है.

अगर असली पनीर के नाम पर एनालॉग पनीर बेच दिया जाए तो क्या करें?

मान लीजिए आपने दुकान से पनीर खरीदा और बाद में पता चला कि वो असली डेयरी पनीर नहीं है. ऐसे में सिर्फ दुकानदार से बहस करके मामला खत्म करने की जरूरत नहीं है.

सबसे पहले सबूत संभालकर रखें. खरीद की रसीद या बिल, पैकेट और लेबल को सुरक्षित रखें. अगर संभव हो तो प्रोडक्ट का थोड़ा नमूना भी सुरक्षित रखा जा सकता है.

इसके बाद दुकानदार से शिकायत करके रिफंड या बदलने की मांग कर सकते हैं. अगर प्रोडक्ट को असली दूध वाला पनीर बताकर बेचा गया है, तो ये कंज्यूमर को गुमराह करने वाले काम की केटेगरी में आ सकता है.

उपभोक्ता शिकायत कहां करें?

अगर दुकानदार सहयोग नहीं करता या आपको लगता है कि गलत तरीके से एनलॉग पनीर बेचा गया है, तो आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं. इसके लिए 1915 पर संपर्क किया जा सकता है. राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज की जा सकती है.

मामला फूड सेफ्टी से जुड़ा होने पर राज्य के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के पास भी शिकायत की जा सकती है. जरूरत पड़ने पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई की शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है.

पनीर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

पनीर खरीदते समय सिर्फ कीमत और सफेदी देखकर फैसला न करें. पैकेट वाला प्रोडक्ट है तो लेबल और सामग्री जरूर पढ़ें. खुले पनीर के मामले में भरोसेमंद दुकानदार से खरीदारी करें और असामान्य गंध, स्वाद या बनावट महसूस होने पर उसे खाने से बचें. और सबसे जरूरी बात एनालॉग पनीर और मिलावटी पनीर को एक ही चीज न समझें. किसी प्रोडक्ट में वनस्पति वसा या स्टार्च होना अपने आप उसे मिलावटी साबित नहीं करता. असली समस्या तब है जब प्रोडक्ट के सभी इंग्रेडिएंट्स छुपा कर या गलत बता कर उसे बेचने की कोशिश की जाए.

Continue reading on the app

“सुनना नहीं चाहती सरकार, हम इन्हें पागल कर देंगे..” रचनात्मक कांग्रेस अधिवेशन में बोले राहुल गांधी, जानें और क्या कहा

दिल्ली के लुटियंस जोन से लेकर देश के सुदूर कोनों तक जब हुक्मरानों के कान जनता की आवाज सुनने से कतराने लगें, तो फिर लोकतंत्र के मंचों से तीखे और सीधे हमलों का सिलसिला शुरू होना तय माना जाता है। रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर करारे प्रहार किए। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि आज की सरकार लोगों की बात बिल्कुल भी सुनना नहीं चाहती है, और इसी जिद के खिलाफ उन्होंने ऐलान किया कि हम इन्हें पागल कर देंगे। राहुल गांधी ने जंतर-मंतर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के छात्र अपनी आवाज उठाना चाहते थे, लेकिन सरकार ने साफ कह दिया कि आप ऐसा नहीं कर सकते। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड की उस बलात्कार पीड़िता के परिवार का भी जिक्र किया, जिन्हें तमाम कोशिशों के बाद भी न्याय नहीं मिल सका।

सरकार के बड़े चेहरों पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रात को नहीं सोते हैं और इसके पीछे कई ऐसे कारण हैं जो अभी तक छुपे हुए हैं। गृह मंत्री अमित शाह को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि खुद को तथाकथित चाणक्य और सरदार पटेल समझने वाले अमित शाह भाग खड़े हुए और संसद में पैर तक नहीं रख पाए। राहुल के मुताबिक, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वे पहली बार वास्तविक भारत की अभिव्यक्ति का सामना कर रहे हैं। देश में फैले डर के माहौल पर बात करते हुए कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाया कि आखिर डरने की बात ही क्या है। उन्होंने कहा कि अगर मैं आदेश देने वाले से ही डर जाऊंगा, तो अपनी अभिव्यक्ति कैसे दे पाऊंगा। आज देश में बहुत से लोग उन कायरों की फौज के सामने खुद भी कायरों की तरह व्यवहार कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि आप सिर्फ जोकरों के एक समूह से लड़ रहे हैं, तो फिर डरने की कोई बात ही नहीं रह जाती।

राहुल गांधी ने आरएसएस पर भी बोला हमला

इस मंच से राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोगों को भारत की वास्तविक समझ ही नहीं है। उन्हें तीन हजार साल पुराने भारत के बजाय आज के आधुनिक भारत को समझने की जरूरत है। भाषण के दौरान उन्होंने मंच पर मौजूद कुछ लोगों को आरएसएस को सैल्यूट करने का इशारा भी किया। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस का केवल इस्तेमाल किया गया है, और अगर कभी भी आरएसएस को दबाने की कोशिश की जाएगी, तो हम उसकी रक्षा करने के लिए पूरी तरह से तैयार खड़े हैं। प्रधानमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने की आदत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने एक पुराना वाकया साझा किया। राहुल ने कहा कि पहले मुझे लगता था कि यह कोई बड़ी मार्केटिंग स्ट्रेटजी है, लेकिन जब मैं उनके साथ सिर्फ पांच मिनट के लिए एक कमरे में बैठा, तो मुझे असलियत समझ आ गई कि वे बहुत देर तक बोल ही नहीं सकते।

दिल की बात खुलकर बोलिए, अभिव्यक्ति से न डरें, बोले राहुल गांधी

अधिवेशन में मौजूद कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आपके दिल में जो कुछ भी है, उसे खुलकर बोलिए। अगर आप हिंदू हैं तो शिव के बारे में बात कीजिए और अगर आप मुस्लिम हैं तो अल्लाह के बारे में बोलिए। अगर कोई गलत भी बोलेगा, तो हम उसे प्यार से समझाएंगे कि भैया इसे ऐसे बोलिए। अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जब वे बारह साल के थे, तब अपनी दादी इंदिरा गांधी, बहन प्रियंका और मां सोनिया गांधी के साथ अमेरिका गए थे। उस समय इंदिरा जी देश की प्रधानमंत्री थीं और एक ऑफिशियल डिनर में मां और दादी गई थीं, जबकि बच्चे होने के कारण वे लोग खेल रहे थे। तब दादी ने मां से कहा था कि ये अमेरिकन आखिर हमें क्या समझते हैं, हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री वहां किसी से दोस्ती करने नहीं जाता बल्कि अपने देश के हितों की रक्षा करने जाता है।

वर्तमान विदेश नीति पर असंतोष व्यक्त करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अगर आज देश का नेतृत्व इंदिरा गांधी जैसा मजबूत होता, तो हमारे सामने एक बड़ा अवसर था। ईरान और अमेरिका दोनों हमारे दोस्त हैं, लेकिन हमारी निष्क्रियता के कारण पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थ बन गया और हमारे प्रधानमंत्री केवल देखते रह गए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से यह सूचना मिलती है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन ने भारतीय सेना को अपनी ही जमीन पर पेट्रोलिंग करने से रोक दिया है, और इस मुद्दे पर राजनाथ सिंह, अमित शाह और खुद प्रधानमंत्री की हवा निकल चुकी है।

Continue reading on the app

  Sports

स्टेट टी20 लीग पर फिक्सिंग का साया, एक्शन मोड में BCCI की एंटी करप्शन यूनिट, TNPL में खिलाड़ी का मोबाइल जब्त!

तमिलनाडु प्रीमियर लीग में एक खिलाड़ी मोबाइल जब्त होने के बाद बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट एक्शन मोड में है. बीसीसीआई की ये टीम अब इंटरनेशनल और आईपीएल मैचों के अलावा स्टेट लेवल पर होने वाले सभी तरह के टी20 लीग पर भी नजर बनाए हुए हैं. बीसीसीआई को स्टेट टी20 लीग में कुछ टीम के मालिकों, आयोजक और खिलाड़ियों पर शक है. Mon, 17 Aug 2026 09:44:21 +0530

  Videos
See all

Lakhisarai Temple Stampede: लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़, 7 की मौत, कैसे हुआ दर्दनाक हादसा? #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-17T04:38:06+00:00

रांची में छात्रों का आंदोलन 24वें दिन जारी, आज सोरेन सरकार से होगी अहम वार्ता | Jharkhand News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-17T04:38:03+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers