चमकदार बॉडी देखकर न खरीदें पुरानी कार! डील फाइनल करने से पहले ऐसे करें चेक; बच जाएगी आपकी गाढ़ी कमाई
पुरानी कार खरीदते समय सिर्फ चमकदार एक्सटीरियर देखकर फैसला करना भारी पड़ सकता है. कई बड़ी खामियां गाड़ी की अंडरबॉडी में छिपी होती हैं, जो बाद में हजारों नहीं बल्कि लाखों रुपये का खर्च करा सकती हैं. इंजन लीकेज, जंग, सस्पेंशन और दुर्घटना के निशान जैसी अहम चीजें खरीदने से पहले जरूर जांचें. जानिए वे 5 जरूरी चेक, जो आपकी अगली सेकंड हैंड कार डील को सुरक्षित और फायदे का बना सकते हैं.
Ladakh Leh Earthquake: सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटकों से कांपी लद्दाख की धरती, रिक्टर पैमाने पर 5.5 मापी गई तीव्रता
लद्दाख में गुरुवार सुबह जब लोग सोकर उठ ही रहे थे, तभी अचानक जमीन हिलने लगी। लेह और आसपास के बड़े इलाके में 5.5 की तीव्रता से आए इस भूकंप ने लोगों को डरा दिया। झटके इतने तेज थे कि घरों में रखे बर्तन, पंखे और खिड़कियां जोर-जोर से हिलने लगीं।
हालांकि, राहत की बात यह है कि इतने तेज झटकों के बावजूद अभी तक कहीं से भी किसी बड़े नुकसान या किसी के घायल होने की खबर नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें पूरे इलाके में मुस्तैद हैं।
सुबह 6:05 बजे लगे झटके, जमीन से 10 किमी नीचे था केंद्र
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, यह भूकंप सुबह ठीक 6:05 बजे आया। इसका केंद्र जमीन से केवल 10 किलोमीटर की गहराई में था। केंद्र ज्यादा गहराई में न होने के कारण ही जमीन के ऊपर झटके बहुत तेज महसूस हुए। डर के मारे लोग अपने बच्चों और परिवार के साथ तुरंत खुले मैदानों की तरफ भागे।
किसी नुकसान की खबर नहीं, प्रशासन ने ली राहत की सांस
भूकंप आते ही लेह और कारगिल जिला प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गया। पुलिस और आपदा प्रबंधन (SDRF) की टीमों ने इलाकों का जायजा लेना शुरू कर दिया। शुरुआती रिपोर्ट में राहत की खबर मिली है कि कहीं कोई मकान नहीं गिरा है और न ही किसी को चोट आई है। फिर भी दूर-दराज के पहाड़ी गांवों से जानकारी जुटाई जा रही है।
क्यों बार-बार कांपती है लद्दाख की धरती?
वैज्ञानिकों का कहना है कि लद्दाख का इलाका पहाड़ों के ऐसे हिस्से में आता है जहां जमीन के नीचे की चट्टानें आपस में टकराती रहती हैं। इसी वजह से यहां अक्सर छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं। 5.5 तीव्रता का झटका काफी तेज माना जाता है, इसलिए एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले कुछ घंटों में हल्के झटके आ सकते हैं, जिससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।
आपातकालीन टीमों को अलर्ट रहने का आदेश
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी आपातकालीन सेवाओं को तैयार रहने को कहा है। पहाड़ों और दूर-दराज के इलाकों में फोन और मैसेज के जरिए संपर्क किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी अफवाह पर ध्यान न दें और शांत रहें।
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