Disproportionate Assets Case: आय से अधिक संपत्ति के मामले में SC पहुंचे राहुल गांधी, इलाहाबाद HC के आदेश को दी चुनौती
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच द्वारा दिए गए निर्देशों के खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसियों को उनके खिलाफ मिली शिकायतों का सत्यापन करने और प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा था।
सुप्रीम कोर्ट की कॉज लिस्ट के मुताबिक, प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्या कांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ 17 अगस्त को इस मामले की सुनवाई कर सकती है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, 17 अगस्त को सुनवाई संभव
राहुल गांधी ने अपनी याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 20 जुलाई के आदेश को चुनौती दी है। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो के जवाब पर असंतोष व्यक्त किया था और सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से नया हलफ़नामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।
शीर्ष अदालत की कॉज लिस्ट के अनुसार, सीजेआई सूर्या कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ 17 अगस्त को इस याचिका पर सुनवाई कर सकती है।
सीबीआई के पुराने हलफनामे पर हाईकोर्ट ने जताई थी सख्त नाराजगी
दरअसल, इससे पहले सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया था कि सीबीआई द्वारा दाखिल किया गया जवाब कोर्ट के पिछले निर्देशों के अनुरूप नहीं था। अदालत ने टिप्पणी की थी कि सीबीआई के हलफनामे से यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि शिकायत पर अब तक क्या प्रगति हुई है।
इसके बाद कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सीबीआई के भ्रष्टाचार निरोधक मुख्यालय के संयुक्त निदेशक या जोन प्रमुख को खुद नया हलफनामा दायर करने का आदेश दिया था।
कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता की याचिका पर शुरू हुआ था कानूनी विवाद
यह पूरा मामला कर्नाटक के निवासी और बीजेपी कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई एक आपराधिक रिट याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के पास उनकी घोषित आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति मौजूद है। इस याचिका पर इन-कैमरा सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई और ईडी को कानून के मुताबिक जांच आगे बढ़ाने और साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई करने की छूट दी थी।
राहुल गांधी और कांग्रेस पक्ष की दलील, राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया
सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में राहुल गांधी के वकीलों ने तर्क दिया है कि हाईकोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका याचिका कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है और यह पूरी तरह से राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है।
कांग्रेस लीगल सेल का कहना है कि चुनाव आयोग और अन्य वैधानिक अथॉरिटीज के समक्ष पहले ही आय और संपत्तियों का पूरा ब्योरा पेश किया जा चुका है, ऐसे में केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने का हाईकोर्ट का निर्देश अनुचित है।
Sukhbir Singh Badal Attacked: नांदेड़ के गुरुद्वारे में अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल पर हमला, सुरक्षाकर्मी भी घायल; आरोपी गिरफ्तार
Sukhbir Singh Badal Attacked: शिरोमणि अकाली दल (SAD) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित तख्त सचखंड श्री हजूर अचलनगर साहिब गुरुद्वारे में हमला किया गया। हमले में बादल के हाथ में चोट आई, जबकि उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर भी घायल हुए हैं। पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद सुखबीर बादल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
हमले में सुरक्षाकर्मी घायल, हमलावर गिरफ्तार
इस हमले के दौरान सुखबीर सिंह बादल की सुरक्षा में तैनात एक सुरक्षाकर्मी, जिनकी पहचान इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे के रूप में हुई है, वे भी घायल हो गए हैं। हालांकि, सुरक्षाकर्मी की चोटों के संबंध में अभी कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
हमलावर कौन था, इस बारे में अभी पूरी स्पष्टता नहीं है, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच के बाद इस मामले से जुड़े अन्य सभी तथ्य और विवरण सामने आएंगे।
Nanded, Maharashtra – Former Punjab Deputy Chief Minister and Shiromani Akali Dal (SAD) leader Sukhbir Singh Badal was the target of a life-threatening attack pic.twitter.com/LuWF68jQX3
— Shakti Ojha???????? (@imShaktiojha) August 13, 2026
PM मोदी ने हरसिमरत कौर से फोन पर की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुखबीर बादल की पत्नी और SAD नेता हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बात कर उनकी सेहत की जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
फडणवीस ने दिए जांच के आदेश
घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली और नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी।
सुखबीर बादल की हालत स्थिर
हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल को अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है। फिलहाल पुलिस हमले की परिस्थितियों, आरोपी और उसके मकसद की जांच कर रही है।
कौन है हमलावर जसपाल सिंह तेजपाल?
सुखबीर सिंह बादल पर हमले के आरोपी जसपाल सिंह तेजपाल को घटना के कुछ ही देर बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और हमले के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
जानकारी के मुताबिक, 62 वर्षीय जसपाल सिंह तेजपाल पुणे के रहने वाले वकील हैं और पिछले करीब दो वर्षों से नांदेड़ के माता साहिब गुरुद्वारे में सेवा कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने सुखबीर सिंह बादल पर उस समय हमला किया, जब SAD प्रमुख गुरुद्वारे में मत्था टेकने के बाद बाहर निकल रहे थे।
हमला गुरुद्वारा परिसर के अंदर हुआ। घटना के दौरान सुखबीर सिंह बादल की सुरक्षा में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर भी घायल हुए हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर हमले की वजह और पूरी घटना के क्रम की जांच कर रही है।
सुखबीर सिंह बादल पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के बेटे और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख हैं।
दो साल में सुखबीर बादल पर दूसरा हमला
SAD प्रमुख और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर पिछले लगभग दो सालों में यह दूसरा हमला है। इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर सुखबीर पर हमला किया गया था।
उस समय हमलावर की पहचान डेरा बाबा के निवासी और 'दल खालसा' के सदस्य नारायण सिंह चौरा के रूप में हुई थी। आपको बता दें कि इस आरोपी को साल 2013 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया था।
अमृतसर की उस घटना से पहले, अकाल तख्त ने साल 2007 में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का समर्थन करने का दोषी मानते हुए सुखबीर सिंह बादल को 'तन्खाह' (धार्मिक सजा) सुनाई थी।
PM मोदी से मुलाकात के कुछ दिन बाद हुआ हमला
सुखबीर सिंह बादल पर यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ दिन पहले ही उन्होंने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद से यह कयास लगाए जा रहे थे कि अकाली दल आगामी वर्ष होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ हाथ मिला सकता है।
यह बैठक पिछले हफ्ते संसद भवन परिसर स्थित पीएम मोदी के कार्यालय में हुई थी। इस मुलाकात के ठीक एक दिन बाद, सुखबीर सिंह बादल की पार्टी ने महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक को तुरंत लागू करने की जोरदार मांग उठाई थी।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखते हुए बादल ने कहा था कि शिरोमणि अकाली दल ने संसद के पटल पर भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत उस प्रस्ताव का समर्थन किया था जिसमें सभी राज्यों की सीटों में एकसमान रूप से 50 प्रतिशत की वृद्धि की बात कही गई थी। साथ ही, पार्टी ने इस बात पर जोर दिया था कि महिलाओं के लिए आरक्षण और परिसीमन की प्रक्रिया को बिना किसी देरी के तुरंत पूरा किया जाना चाहिए।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi








