अहमदाबाद के सरखेज में एम्बरग्रीस बेचने आए तीन स्टूडेंट्स गिरफ्तार, कीमत 1.82 करोड़ रुपये
अहमदाबाद के सरखेज में एम्बरग्रीस (व्हेल की उल्टी) बेचने आए तीन स्टूडेंट्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया. तीनों स्टूडेंट्स मोरबी के एक आदमी से मिले 1.82 करोड़ रुपये के एम्बरग्रीस के साथ सरखेज रिंग रोड पर खड़े थे, तभी जोन 7 LCB ने तीनों को पकड़ लिया. पकड़े गए तीनों आरोपी BA, LLB और BCom के स्टूडेंट हैं.
पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया
जोन 7 LCB के PSI एच. डी. वाघेला की टीम को एक जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर विश्वराजसिंह चूड़ासमा, दर्शन सभाद और वीरपालसिंह राठौड़ नाम के तीन युवक सरखेज SP रिंग रोड पर सनाथल ब्रिज के नीचे खड़े थे,और उन्हें हिरासत में लिया गया. तीनों की जांच करने पर उनके बैग में एम्बरग्रीस मिला. तीनों युवक 1.82 करोड़ रुपये के 1.82 kg एम्बरग्रीस के साथ खड़े थे, जिसकी कीमत 1.82 करोड़ रुपये थी, जिसे वे किसी को बेच रहे थे. हालांकि, इससे पहले कि युवक यह क्वांटिटी बेच पाते, पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया.
एजुकेशनल बैकग्राउंड
DCP शिवम वर्मा ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपियों का एजुकेशनल बैकग्राउंड हायर है. जिसमें वीरपाल सिंह राठौड़ (B.Com.) चांदखेड़ा में पान पार्लर चलाता है, और दर्शन सबद (B.A. थर्ड ईयर) उसकी दुकान पर काम करता था. इसके अलावा, लिंबडी का रहने वाला विश्वराज चूड़ासमा L.L.B. (LL.B.) की पढ़ाई कर रहा है और चूंकि वह इन दोनों का दोस्त है, इसलिए तीनों एक-दूसरे के संपर्क में आए.
पिछला क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं
शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी दर्शन सबद के खेत में काम करने वाले एक मजदूर के जरिए ये तीनों युवक मोरबी के हसमुख पटेल नाम के एक व्यक्ति के संपर्क में आए और बेचने के लिए क्वांटिटी लाए, जिसने उन्हें यह कीमती क्वांटिटी बेचने के लिए दी. पता चला है कि तीनों मौज-मस्ती के लिए पैसे कमाने के लिए यह क्वांटिटी बेचने लाए थे. फिलहाल, तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है. हालांकि, गिरफ्तार आरोपियों का कोई पिछला क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि उनके बीच एडवांस में पैसे बांटने को लेकर कोई लिखा हुआ या खास एग्रीमेंट नहीं था, बल्कि सामान बिकने के बाद ही रकम तय करने का फैसला हुआ था. फिलहाल, मुख्य साजिशकर्ता हसमुख पटेल को गिरफ्तार किया जाना बाकी है और पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है.
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने अपने कार्यालयों और विद्युत आपूर्ति क्षेत्रों में राष्ट्रीय विद्युत सुरक्षा सप्ताह का किया आयोजन
मुंबई, 2 जुलाई (आईएएनएस)। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने 26 जून से 2 जुलाई 2026 के बीच अपने सभी कार्यालयों और विद्युत आपूर्ति क्षेत्रों में राष्ट्रीय विद्युत सुरक्षा सप्ताह 2026 मनाया।
इस दौरान कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के लिए विद्युत सुरक्षा से संबंधित विभिन्न जागरूकता कार्यशालाओं एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इस वर्ष की थीम दक्षता, अनुपालन और सावधानी -विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करना थी।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने सुरक्षित कार्यप्रणालियों, कुशल कार्यबल और सतर्क अनुपालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्रत्येक घर और कार्यस्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी के साथ ऊर्जा आपूर्ति करने का संकल्प व्यक्त किया।
बीते महीने अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने आपदा प्रबंधन तैयारियों को और मजबूत किया है। यह कदम मानसून सीजन के दौरान संभावित चुनौतियों और बिजली आपूर्ति में व्यवधान से अपने 3.2 मिलियन उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है।
मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने सेंट्रल डिजास्टर कंट्रोल सेंटर (सीडीसीसी) को सक्रिय कर दिया है। यह केंद्र चौबीसों घंटे काम करेगा और पूरे मानसून के दौरान त्वरित कार्रवाई, समन्वय और संचार सुनिश्चित करेगा।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि बिजली वितरण नेटवर्क में सात क्विक रिस्पॉन्स टीमों (क्यूआरटी) को रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है। इन टीमों को मानसून से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए विशेष प्रतिक्रिया, रिकवरी और सेवा बहाली योजनाओं से सुसज्जित किया गया है।
बाढ़ जैसी परिस्थितियों पर नजर रखने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर 98 अत्याधुनिक जल स्तर सेंसर लगाए गए हैं, जिन्हें एडवांस्ड डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा गया है। इससे जलभराव से संबंधित विद्युत समस्याओं का पूर्वानुमान लगाने और समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
सेंट्रल डिजास्टर कंट्रोल सेंटर (सीडीसीसी) अत्याधुनिक सैटेलाइट और वायरलेस तकनीकों, वॉकी-टॉकी और रिमोट डिवाइसेज की मदद से विभिन्न विभागों तथा बाहरी एजेंसियों के साथ निर्बाध संचार सुनिश्चित करेगा। इससे सेवा बाधित होने की अवधि कम होगी और घटनाओं का प्रभावी प्रबंधन संभव हो सकेगा।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि मानसून से पहले अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने व्यापक निरीक्षण और रखरखाव कार्य पूरे किए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थित उपकरणों को ऊंचे स्थानों पर स्थापित किया गया है ताकि पानी से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। इसके अलावा आवश्यक सामग्री, आपातकालीन वाहन और डीजल जनरेटर विभिन्न स्थानों पर पहले से तैनात किए गए हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
--आईएएनएस
एबीएस
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