अफगानिस्तान ने आयरलैंड को 42 रन से हराया:अटल-जादरान में 231 रन की साझेदारी, 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा
अफगानिस्तान ने बुधवार को बेलफास्ट में आयरलैंड पर 42 रन की जीत दर्ज की। टीम ने 5 मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। सीरीज का आखिरी मैच 15 अगस्त को बेलफास्ट में ही खेला जाएगा। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 343 रन बनाए। सेदिकुल्लाह अटल ने 143 और इब्राहिम जादरान ने 107 रन बनाए। जवाब में आयरलैंड 48 ओवर में 301 रन पर ऑलआउट हो गई। एंडी बालबर्नी ने 109 और कर्टिस कैम्फर ने 84 रन बनाए। अफगानिस्तान से यमीन अहमदजई ने 4 विकेट और राशिद खान ने 3 विकेट लिए। आयरलैंड के मैकडोनफ ने 3 और गेविन होई ने 2 विकेट चटकाए। अटल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। गुरबाज जल्दी आउट, अटल-जादरान ने पारी संभाली अफगानिस्तान को शुरुआत में ही झटका लगा। पिछले मैच के टॉप स्कोरर रहमानुल्लाह गुरबाज दूसरे ओवर में आउट हो गए। इसके बाद अटल और जादरान ने दूसरे विकेट के लिए 231 रन की साझेदारी करके पारी संभाली। यह वनडे में अफगानिस्तान के लिए इस विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है। दोनों ने 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। यह रिकॉर्ड करीन सादिक और मोहम्मद शहजाद के नाम था, जिन्होंने स्कॉटलैंड के खिलाफ 218 रन की साझेदारी की थी। अटल का 25वें जन्मदिन पर शतक, जादरान ने 7वीं सेंचुरी लगाई अटल ने अपने 25वें जन्मदिन पर शतक लगाया। उन्होंने पारी के बीच के ओवरों में समझदारी से बल्लेबाजी की और जब भी पारी धीमी पड़ने लगी, खासकर स्पिन के खिलाफ बाउंड्री लगाकर फिर से गति बढ़ाई। अटल ने लगातार बाउंड्री लगाकर गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। वे 150 रन के करीब पहुंचते दिख रहे थे, लेकिन लॉन्ग ऑन पर गलत टाइमिंग वाले शॉर्ट पर आउट हो गए। जादरान ने भी अटल का पूरा साथ दिया। उन्होंने वनडे करियर का 7वां शतक लगाया। जादरान की पारी में 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा। आयरलैंड की शुरुआत धीमी रही बड़े लक्ष्य के जवाब में आयरलैंड ने धीमी शुरुआत की। शुरुआती पहले 8 ओवर में टीम केवल 25 रन बना सकी। यमीन अहमदजई और अजमतुल्लाह उमरजई ने शुरुआती स्पेल में स्विंग गेंदबाजी से आयरिश ओपनर्स को परेशान किया। पॉल स्टर्लिंग लगातार गेंदों से चूकते रहे, जबकि बालबर्नी ने संभलकर बल्लेबाजी की। कैम्फर ने 46 गेंदों में 84 रन बनाए मैच हाथ से निकलने के बाद कर्टिस कैम्फर ने टी-20 अंदाज में बैटिंग की। उन्होंने 46 गेंदों पर 84 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 5 छक्के शामिल थे। कैम्फर ने सीधे बल्ले से तेज शॉट लगाकर रन बनाए। वे 48वें ओवर में आयरलैंड के नौवें बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। उनकी पारी से आयरलैंड 300 रन के पार पहुंच सका। ----------------------------------------- अफगानिस्तान क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अफगानिस्तान वनडे वर्ल्डकप 2027 के लिए क्वालिफाई अफगानिस्तान ने तीसरे वनडे में आयरलैंड को 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ टीम ने अफगानिस्तान ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया। अफगानिस्तान वनडे वर्ल्डकप 2027 के लिए क्वालिफाई:आयरलैंड को तीसरे वनडे में 3 विकेट से हराया, राशिद खान प्लेयर ऑफ द मैच 2 दिन पहले अफगानिस्तान ने तीसरे वनडे में आयरलैंड को 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ टीम ने अफगानिस्तान ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया। पढ़ें पूरी खबर
4 साल की उम्र में फिल्मों में आईं श्रीदेवी: 1 करोड़ फीस लेने वाली पहली एक्ट्रेस, 300+ फिल्मों का सफर; दो बच्चों के पिता से शादी
Sridevi Birthday Special: हिंदी सिनेमा की पहली फीमेल सुपरस्टार कही जाने वाली श्रीदेवी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका नाम और उनका काम हमेशा याद किया जाएगा। अपनी खूबसूरती, शानदार डांस और दमदार एक्टिंग से उन्होंने कई दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। 13 अगस्त को उनके 63वें जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं उनके परिवार, फिल्मी सफर और जिंदगी से जुड़े कुछ खास किस्से।
श्रीदेवी का असली नाम था श्रीअम्मा यंगर अयप्पन
श्रीदेवी का जन्म 13 अगस्त 1963 को तमिलनाडु के शिवकाशी में हुआ था। उनका पूरा नाम श्रीअम्मा यंगर अयप्पन था। उनके पिता अय्यपन पेशे से वकील थे, जबकि उनकी मां राजेश्वरी आंध्र प्रदेश से थीं।
श्रीदेवी के परिवार में उनकी बहन श्रीलता और दो सौतेले भाई आनंद और सतीश थे। बचपन से ही उनका झुकाव फिल्मों की तरफ हो गया था। यही वजह रही कि वह आम बच्चों की तरह अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं।
4 साल की उम्र में शुरू हुआ फिल्मी सफर
श्रीदेवी ने बेहद कम उम्र में एक्टिंग शुरू कर दी थी। तमिल फिल्म 'थुनाइवान' में उन्होंने पहली बार चाइल्ड एक्टर के तौर पर काम किया था। इसके बाद उन्होंने मलयालम, तमिल और तेलुगु फिल्मों में भी काम मिलने लगा।
मलयालम फिल्म 'पूमबत्ता' के लिए उन्हें केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड भी मिला। इतनी कम उम्र में मिलने वाला यह सम्मान उनके टैलेंट की झलक दिखाता है। बचपन से ही कैमरे के सामने रहने वाली श्रीदेवी ने आगे चलकर भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी एक्ट्रेस के तौर पर अपनी जगह बनाई।
'सोलहवां सावन' से बॉलीवुड में की एंट्री, 'हिम्मतवाला' ने बनाया स्टार
श्रीदेवी ने 'सोलहवां सावन' से हिंदी फिल्मों में बतौर लीड एक्ट्रेस कदम रखा, लेकिन असली पहचान उन्हें 'हिम्मतवाला' से मिली। इसके बाद 'तोहफा', 'नगीना', 'मिस्टर इंडिया', 'चांदनी' और 'चालबाज' जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस में शामिल कर दिया।
'मिस्टर इंडिया' का 'हवा हवाई' गाना आज भी यादगार है, वहीं 'चालबाज' में डबल रोल ने उनकी एक्टिंग का अलग अंदाज दिखाया। 1983 की 'सदमा' में कमल हासन के साथ उनके अभिनय ने साबित किया कि श्रीदेवी सिर्फ ग्लैमरस स्टार नहीं, बल्कि बेहद दमदार एक्ट्रेस भी थीं।
300 से ज्यादा फिल्मों में किया काम
श्रीदेवी का फिल्मी करियर सिर्फ हिंदी सिनेमा तक सीमित नहीं था। उन्होंने तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया। अपने लंबे करियर में उन्होंने करीब 300 फिल्मों में काम किया। उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और हर भूमिका में खुद को नए अंदाज में पेश किया।
1 करोड़ फीस लेने वाली पहली एक्ट्रेस
80 और 90 के दशक में श्रीदेवी का स्टारडम ऐसा था कि वह फिल्मों के हीरो को भी कड़ी टक्कर देती थीं। उस दौर में जहां फिल्मों के हीरो सबसे ज्यादा फीस लेने के लिए जाने जाते थे, वहीं श्रीदेवी ने अपनी फीस को लेकर नया मुकाम बनाया।
कहा जाता है कि वह 1 करोड़ रुपये फीस लेने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री थीं। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए निर्माता उन्हें फिल्म की सफलता की गारंटी के तौर पर देखते थे। श्रीदेवी ने सिर्फ फीस के मामले में ही नया ट्रेंड नहीं बनाया, बल्कि वह अपनी पर्सनल वैनिटी वैन रखने वाली शुरुआती एक्ट्रेस में भी शामिल थीं।
दो बच्चों के पिता बोनी कपूर से की शादी
श्रीदेवी की निजी जिंदगी की बात हो तो बोनी कपूर के साथ उनकी प्रेम कहानी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। बोनी कपूर पहली बार श्रीदेवी से 'मिस्टर इंडिया' के सिलसिले में मिले थे। वह फिल्म में श्रीदेवी को कास्ट करना चाहते थे। कहा जाता है कि श्रीदेवी को पहली बार देखने के बाद ही बोनी कपूर उनपर अपना दिल हार बैठें थे।
फिल्म में श्रीदेवी को लेने के लिए बोनी कपूर उनकी मां से भी मिले थे। फीस को लेकर बातचीत हुई और बाद में उन्होंने श्रीदेवी को तय रकम से ज्यादा फीस दी। बोनी कपूर उस समय पहले से शादीशुदा थे और उनके दो बच्चे अर्जुन कपूर और अंशुला कपूर थे। बाद में उनका मोना कपूर से तलाक हुआ और 1996 में उन्होंने श्रीदेवी से शादी कर ली। श्रीदेवी और बोनी कपूर की दो बेटियां हैं जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर।
15 साल सिनेमा से रही दूर
श्रीदेवी ने 1997 में आई फिल्म 'जुदाई' के बाद फिल्मों से दूरी बना ली थी। करीब 15 साल तक वह बड़े पर्दे से दूर रहीं। फिर 2012 में 'इंग्लिश विंग्लिश' के साथ उन्होंने शानदार वापसी की। फिल्म में उन्होंने एक साधारण महिला का किरदार निभाया, जो अंग्रेजी सीखकर अपने आत्मविश्वास को वापस हासिल करती है।
श्रीदेवी की वापसी को दर्शकों ने खुले दिल से स्वीकार किया और फिल्म को भी काफी पसंद किया गया।
'मॉम' के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
श्रीदेवी की आखिरी लीड़ रोल वाली फिल्म 'मॉम' थी। 2017 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने एक मां का दमदार किरदार निभाया। उनके निधन के बाद उन्हें 'मॉम' में शानदार अभिनय के लिए मरणोपरांत राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके लंबे और शानदार फिल्मी सफर की बड़ी उपलब्धियों में से एक था। श्रीदेवी को 2013 में पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उनके नाम कई फिल्मफेयर और दूसरे पुरस्कार रहे।
54 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा
श्रीदेवी की अचानक मौत ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया था। 24 फरवरी 2018 को दुबई में एक शादी समारोह में शामिल होने के दौरान उनका निधन हो गया। उस वक्त वह 54 साल की थीं। मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पति बोनी कपूर ने उन्हें मुखाग्नि दी।
पांच दशक से लंबा करियर
श्रीदेवी का करियर पांच दशक से ज्यादा लंबा रहा। उन्होंने बतौर बाल कलाकार शुरुआत की और फिर लीड एक्ट्रेस, सुपरस्टार और नेशनल अवॉर्ड विनर तक का सफर तय किया। उन्होंने यह साबित किया कि एक अभिनेत्री भी फिल्म की सबसे बड़ी स्टार हो सकती है और अपने दम पर किसी फिल्म को बॉक्स ऑफिस तक पहुंचा सकती है।
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