दिल्ली में हुई मानसून की एंट्री, 5 दिन की देरी से पहुंचा राजधानी, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट
Delhi Monsoon 2026: दिल्ली वालों के लिए खुशखबरी है। राष्ट्रीय राजधानी में मानसून की एंट्री हो चुकी है। 2 जुलाई को सुबह से ही राजधानी में काले बादल छा गए और कुछ ही देर में झूमकर बारिश हो गई। IMD ने दिल्ली-एनसीआर के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
दिल्ली में आखिरकार मॉनसून की एंट्री हो गई है। सुबह से ही कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मॉनसून के आने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर का मौसम पूरी तरह बदल गया है। सुबह से आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और कई जगह अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस बार मॉनसून दिल्ली में सामान्य तारीख से 5 दिन देरी से पहुंचा है। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए IMD ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
The monsoon has arrived over Delhi today (2 July 2026), compared with its onset date of 27th June: IMD pic.twitter.com/Bngme9EYfq
— ANI (@ANI) July 2, 2026
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मेहली मिस्त्री का टाटा के फैमिली ऑफिस से इस्तीफा:टाटा ट्रस्ट्स से हटाए जाने के कुछ महीने बाद उठाया कदम, टाटा ग्रुप से दूरियां बढ़ीं
मेहली मिस्त्री ने उनके फैमिली इन्वेस्टमेंट ऑफिस 'आरएनटी एसोसिएट्स' के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। टाटा ट्रस्ट्स से बाहर किए जाने के कुछ महीने बाद मिस्त्री का यह इस्तीफा सामने आया है। इस कदम से टाटा ग्रुप और उससे जुड़ी संस्थाओं के साथ मेहली मिस्त्री की दूरियां और ज्यादा बढ़ गई हैं। 3 साल पहले बोर्ड में शामिल हुए थे मिस्त्री, व्यस्तता का दिया हवाला मेहली मिस्त्री मार्च 2023 में आरएनटी एसोसिएट्स के बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर शामिल हुए थे। बोर्ड को भेजे अपने त्यागपत्र में मिस्त्री ने लिखा, "मेरी अन्य प्रतिबद्धताओं और व्यस्तताओं के कारण, मैं आरएनटी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर पद से अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।" मिस्त्री ने यह पत्र 30 जून को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को लिखा था। आरएनटी एसोसिएट्स का पेटीएम जैसे स्टार्टअप्स में निवेश टाटा ट्रस्ट्स से हटाए जाने के बाद विवाद कोर्ट तक पहुंचा यह इस्तीफा नवंबर 2025 में टाटा ट्रस्ट्स से मिस्त्री को हटाए जाने के बाद आया है। टाटा ट्रस्ट्स वही संस्था है जो टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी 'टाटा संस' में मेजॉरिटी हिस्सेदारी रखती है। मिस्त्री ने खुद को ट्रस्ट से हटाए जाने के फैसले को महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के सामने चुनौती दी है। मिस्त्री का कहना है कि वे ट्रस्ट में अपनी वापसी नहीं चाहते, बल्कि वे केवल उन कथित गड़बड़ियों को उजागर करना चाहते हैं जिसके कारण उन्हें बाहर किया गया। फिलहाल सिर्फ एक एफिलिएट ट्रस्ट के बोर्ड में शामिल आरएनटी एसोसिएट्स से हटने के बाद भी मेहली मिस्त्री फिलहाल 'टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट' के बोर्ड मेंबर बने हुए हैं। यह ट्रस्ट टाटा ट्रस्ट्स की सबसे अमीर एफिलिएट संस्थाओं में से एक माना जाता है। हालांकि, ग्रुप के मुख्य बिजनेस और इन्वेस्टमेंट फैसलों से वे अब पूरी तरह दूर हो चुके हैं। क्या है आरएनटी एसोसिएट्स और कौन हैं इसके वर्तमान सदस्य? आरएनटी एसोसिएट्स की स्थापना मार्च 2009 में की गई थी। इसके जरिए रतन टाटा नए स्टार्टअप्स में निवेश करते थे। वर्तमान में इसके बोर्ड में रतन टाटा की दो बहनें शिरीन जेजीभॉय और डीना जेजीभॉय, टाटा संस के सीनियर एग्जीक्यूटिव जमशेद पोंचा और टाटा संस के जनरल काउंसिल सिद्धार्थ शर्मा शामिल हैं। पेटीएम और ओला जैसे दो दर्जन स्टार्टअप्स में है निवेश आरएनटी एसोसिएट्स का मुख्य काम डिविडेंड और कंसल्टेंसी सर्विसेज के जरिए कमाई करना है। मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹36 करोड़ रहा था, जिसमें से आधी कमाई डिविडेंड से हुई थी। इस इन्वेस्टमेंट ऑफिस ने पेटीएम , ओला और ऑनलाइन ज्वेलरी ब्रांड ब्लूस्टोन समेत करीब दो दर्जन स्टार्टअप्स में छोटा निवेश कर रखा है। रतन टाटा ने बनाया था नया शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर शुरुआत में रतन टाटा और उनके एक और भरोसेमंद सहयोगी दिवंगत आर. के. कृष्ण कुमार इस कंपनी के दो मुख्य शेयरहोल्डर्स थे। अक्टूबर 2024 में रतन टाटा के निधन से पहले, उन्होंने साल 2022 में 'रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन' (RTEF) और 'रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट' (RTET) की स्थापना की थी। अब यही दोनों संस्थाएं आरएनटी एसोसिएट्स की शेयरहोल्डर हैं। RTEF के बोर्ड में टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन शामिल हैं, जबकि RTET में टाटा ट्रस्ट्स के मौजूदा चेयरमैन नोएल टाटा के साथ प्रमित झावेरी जैसे दिग्गज शामिल हैं।

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