रसोई गैस की सप्लाई को लेकर भारत सरकार ने अब बड़ा कदम उठाया है। मध्य पूर्व में हालिया संकट के दौरान आयात प्रभावित होने के बाद पहली बार देश में अलग-अलग सरकारी और निजी क्षेत्र की रिफाइनरियों तथा तेल-गैस कंपनियों के लिए एलपीजी उत्पादन की अधिकतम सीमा तय की गई है। इसका मकसद संकट के समय घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए देश के भीतर पर्याप्त गैस उपलब्ध रखना है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 21 रिफाइनरियों और तेल-गैस कंपनियों के लिए प्रतिदिन कुल 63,810 टन एलपीजी उत्पादन की क्षमता तय की गई है। यह मात्रा वित्त वर्ष 2025-26 में देश के कुल घरेलू एलपीजी उत्पादन की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है और रोजाना खपत का करीब 70 प्रतिशत है। जरूरत पड़ने पर इन कंपनियों को तय सीमा तक उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा जा सकेगा।
इस सूची में सबसे बड़ा लक्ष्य रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर स्थित घरेलू बाजार के लिए काम करने वाली रिफाइनरी को दिया गया है। कंपनी को प्रतिदिन 18,000 टन तक एलपीजी उत्पादन का लक्ष्य मिला है। जामनगर में मौजूद उसकी दूसरी 3.52 करोड़ टन सालाना क्षमता वाली रिफाइनरी मुख्य रूप से निर्यात के लिए है, इसलिए उसके लिए कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया है। नायरा एनर्जी की गुजरात के वाडीनार स्थित रिफाइनरी के लिए रोजाना 4,480 टन का लक्ष्य रखा गया है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की 18 रिफाइनरियों को मिलाकर प्रतिदिन 31,470 टन एलपीजी उत्पादन का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, प्राकृतिक गैस से एलपीजी बनाने वाली ओएनजीसी और गेल जैसी कंपनियों के लिए कुल 6,460 टन प्रतिदिन का लक्ष्य तय किया गया है।
बता दें कि भारत एलपीजी की जरूरत पूरी करने के लिए काफी हद तक दूसरे देशों पर निर्भर है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश में करीब 3.32 करोड़ टन एलपीजी की खपत हुई थी, जबकि घरेलू उत्पादन लगभग 1.31 करोड़ टन रहा। बाकी करीब 2.13 करोड़ टन जरूरत आयात से पूरी की गई। यानी देश की कुल एलपीजी जरूरत का 64 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा विदेशों से आया था।
मध्य पूर्व में संकट के दौरान यह निर्भरता बड़ी चुनौती बन गई थी। ईरान से जुड़े युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति प्रभावित हुई, जबकि भारत को सऊदी अरब जैसे देशों से आने वाली एलपीजी का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से मिलता है। इसके बाद सरकार ने रिफाइनरियों को पेट्रो रसायन में इस्तेमाल होने वाली कुछ धाराओं को एलपीजी उत्पादन की ओर मोड़ने के निर्देश दिए थे। संकट के दौरान घरेलू उत्पादन बढ़कर करीब 55,000 टन प्रतिदिन तक पहुंच गया था।
नई व्यवस्था में कंपनियों को एलपीजी के भंडारण, परिवहन और दूसरे स्थानों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त ढांचा बनाए रखने को भी कहा गया है। साथ ही, जहां तकनीकी और आर्थिक रूप से संभव हो, वहां नैफ्था से एलपीजी बनाने और उत्पादन इकाइयों में तकनीकी बदलाव जैसे कदम उठाने होंगे।
गौरतलब है कि सरकार जरूरत पड़ने पर कंपनियों को एक निश्चित अवधि के लिए तय मात्रा में एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश भी दे सकेगी। इससे घरेलू बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने और कीमतों पर दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मौजूदा व्यवस्था के तहत उत्पादन लक्ष्यों की समीक्षा हर छह महीने में होगी। सरकार हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को नई सूची जारी कर सकती है। इसमें नई रिफाइनरियों, नई तकनीक और बढ़ी हुई उत्पादन या परिवहन क्षमता को शामिल किया जा सकेगा। इस तरह आपूर्ति संकट के समय केवल आपात आदेशों पर निर्भर रहने के बजाय भारत ने अब एलपीजी उत्पादन के लिए पहले से तैयार ढांचा खड़ा करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
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पंजाब पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने एक साथ 12 आईपीएस अधिकारियों का स्थानांतरण (IPS Transfer) किया गया है। सभी को तत्काल प्रभाव से नया पदभार सौंपा गया है। डीआईजी, एएसपी, एसपी, डीसीपी समेत कई पदों के प्रभार में बदलाव हुआ है। तबादले और नियुक्ति से संबंधित आदेश 16 अगस्त को जारी किया गया है।
बैच 1994 के आईपीएस अधिकारी स्पेशल डीजीपी साइबर क्राइम पंजाब SAS नगर को स्थानांतरित करके स्पेशल डीजीपी एनआरआई, एसएएस नगर पद पर नियुक्त किया गया है। वात्सल्य गुप्ता को एआईजी पर्स- पंजाब चंडीगढ़ पद पर नियुक्त किया गया है। अरविंद मीणा, एसपी हेडक्वार्टर रोपड़ को डीसीपी, लॉ एंड ऑर्डर लुधियाना पद पर तैनात किया गया है
इन 3 अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया
राजेश कुमार जयसवाल एडीजीपी एनआरआई पंजाब एसएएस नगर और एडीजीपी जेल पंजाब चंडीगढ़ को स्थानांतरित करके एडीजीपी साइबर क्राइम एसएएस नगर पद पर नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें एडीजीपी, जेल चंडीगढ़ पद का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। नानक सिंह, डीआईजी रोपड़ रेंज को डीआईजी इंटरनल विजिलेंस सेल पंजाब चंडीगढ़ पद पर नियुक्त किया गया है। साथ ही वह डीआईजी रोपड़ रेंज का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। प्रज्ञा जैन एआईजी, कानून एवं व्यवस्था को स्थानांतरित करके एएएनटीएफ लुधियाना रेंज पद पर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा उन्हें एआईजी, आंतरिक सुरक्षा पंजाब लुधियाना पद का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
इन आईपीएस अफसरों का भी तबादला हुआ
एडीसीपी-1 जालंधर पद पर कार्यरत आकर्षि जैन को डीसीपी हेडक्वार्टर अमृतसर पद की जिम्मेदारी दी गई है। डीसीपी, कानून एवं व्यवस्था जालंधर पद पर जसरूप कौर बठ्ठ ठाकुर को नियुक्त किया गया है। आदित्य एस वारियर, एसपी इन्वेस्टिगेशन अमृतसर ग्रामीण को स्थानांतरित करके डीसीपी सिटी जालंधर पद की जिम्मेदारी दी गई है। जयंत पुरी, एडीसीपी इन्वेस्टिगेशन जालंधर को एडीसीपी इन्वेस्टिगेशन अमृतसर पद पर नियुक्त किया गया है। अशोक मीणा को एसपी इन्वेस्टिगेशन श्री मुक्तसर साहिब पद पर नियुक्त किया गया है। धरावथ साईं प्रकाश को एडीसीपी-3 लुधियाना पद की जिम्मेदारी दी गई है।
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