सागर पुलिस ने सायबर अपराध के लिए म्यूल बैंक खातों का नेटवर्क संचालित करने वाली गैंग का किया पर्दाफाश
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सायबर अपराध एवं सायबर ठगी के नेटवर्क को समाप्त करने के लिए तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन के विश्लेषण एवं डिजिटल इन्वेस्टिगेशन के माध्यम से लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सागर पुलिस ने बेरोजगार एवं सामान्य व्यक्तियों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनके नाम से फर्जी फर्में एवं म्यूल बैंक खाते खुलवाकर सायबर अपराध एवं अन्य संदिग्ध गतिविधियों से प्राप्त राशि का सर्कुलेशन करने वाले संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 03 अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
“ग्लैमर इंटरप्राइजेस” नामक फर्म तैयार कर करंट अकाउंट खुलवाया
13 अगस्त को थाना मकरोनिया में फरियादी रोहित पिता रूपराज पटेल द्वारा शिकायत प्रस्तुत की गई कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम से फर्जी फर्म तैयार की गई तथा उसके आधार पर फेडरल बैंक, शाखा मकरोनिया में करंट अकाउंट खुलवाया गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संबंधित बैंक खाते का तत्काल परीक्षण एवं तकनीकी-आर्थिक विश्लेषण कराया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि फरियादी के नाम से “ग्लैमर इंटरप्राइजेस” नामक फर्म तैयार कर करंट अकाउंट खुलवाया गया था। इस खाते में फरवरी 2026 से अब तक लगभग छह माह की अवधि में करीब 90 लाख रुपये का लेन-देन पाया गया।
टीम की गई गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर बैंक खातों में हुए लेन-देन, संबंधित फर्मों, बैंकिंग चैनल एवं उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों से की गई गहन पूछताछ एवं तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में गिरोह के नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।
बेरोजगार और गरीब युवकों को कमीशन,आसान कमाई का लालच देते थे आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेरोजगार एवं सामान्य व्यक्तियों को कमीशन तथा आसान कमाई का लालच देकर उनके आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज प्राप्त करते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम से फर्जी फर्म तैयार कर विभिन्न निजी बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे। बाद में इन बैंक खातों को गिरोह अपने नियंत्रण में लेकर म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करता था। इन खातों के माध्यम से सायबर ठगी तथा अन्य संदिग्ध गतिविधियों से प्राप्त राशि को विभिन्न खातों में भेजने एवं उसका सर्कुलेशन करने का कार्य किया जा रहा था।
16 से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा
आरोपियों से प्राप्त जानकारी तथा तकनीकी एवं बैंकिंग विश्लेषण के आधार पर अब तक 16 से अधिक फर्जी फर्मों का पता लगाया गया है। इन फर्मों से संबंधित बैंक खातों के प्रारंभिक वित्तीय विश्लेषण में 5 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन का पता चला है। पुलिस द्वारा सभी खातों के लेन-देन का विस्तृत तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण किया जा रहा है।
पुलिस द्वारा फर्जी फर्मों के पंजीयन एवं संबंधित बैंक खातों को खोलने की पूरी प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्मों के पंजीयन तथा बैंक खातों के संचालन में किन-किन व्यक्तियों अथवा संस्थाओं की भूमिका रही है। यदि जांच में किसी व्यक्ति अथवा संस्था की लापरवाही या आपराधिक संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस की अपील
किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से फर्म अथवा बैंक खाता खुलवाकर उसका संचालन किसी और को सौंपना गंभीर कानूनी जोखिम उत्पन्न कर सकता है। ऐसे खातों का उपयोग यदि सायबर ठगी अथवा किसी अन्य अपराध से प्राप्त राशि के लेन-देन में किया जाता है तो खाताधारक भी पुलिस जांच के दायरे में आ सकता है। नागरिक किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें और सायबर अपराध से संबंधित मामलों में सतर्कता बरतें।
जयभान सिंह पवैया बोले- जब बच्चे महानायकों की भूमिका निभाते हैं तो वो चरित्र उनके जीवन में उतर जाता है
संस्कार भारती ग्वालियर एवं वंदे मातरम समूह द्वारा आयोजित व्यक्तित्व विकास शिविर एवं नाट्य कार्यशाला कला दर्शन 2026 के पुरस्कार वितरण समारोह का आज रविवार को आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया थे।
मुख्य अतिथि पवैया ने इस अवसर पर श्रेष्ठ कला गुरुओं और कलाकारों को पुरस्कृत किया, उन्होंने रानी लक्ष्मी बाई की याद में आयोजित बलिदान मेले में आयोजित महानाट्य का स्मरण करते हुए कहा यह महानाट्य नई पीढी के लिए मार्ग प्रशस्त करने में सहायक होगा। जब ये बच्चे महा नायकों के पात्र की भूमिका अदा करते हैं तो वह चरित्र उनके जीवन में उतरने लगता है। पवैया ने कहा बिना क्रांतिकारियों के बलिदान व संघर्ष के हम स्वतंत्रता का सपना नहीं देख सकते।
सूरमा कभी लकीर पर नहीं चलते: जयभान सिंह पवैया
उन्होंने कहा लकीर पर अंधे चलते हैं सूरमा कभी लकीर पर नहीं चलते वो अपनी राह खुद तय करते हैं। यह बलिदान मेला इसका बेहतरीन उदाहरण है। इसके माध्यम से कई छोटी बच्चियों ने लक्ष्मीबाई के किरदार को समझा व जिया। किसी भी अच्छे कार्य को ईश्वर स्वयं संचालित करते हैं। इस मेले की सफलता का पूरा श्रेय बाल कलाकारों को जाता है।
हम अपनी संस्कृति और विरासत के साथ समझौता नहीं करेंगे: जयभान सिंह पवैया
पवैया ने कहा स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम का पूरा गायन किया गया, इससे हमने पूरी दुनिया की बता दिया कि हम अपनी संस्कृति और विरासत के साथ समझौता नहीं करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने की। उन्होंने कहा कि संस्कार भारती एवं वंदे मातरम् समूह द्वारा संस्कृति, कला और साहित्य के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किया जा रहा है। इन संस्थाओं से जुड़े हुए कलाकार विभिन्न नाट्य एवं प्रस्तुति के माध्यम से युवाओं में देशभक्ति और संस्कृति के विकास का कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिभागियों को मंच से पुरस्कृत किया गया। साथ ही युवा कलाकारों ने व्यक्तित्व विकास शिविर,खूब लड़ी मर्दानी और वीर योद्धा महाराणा प्रताप महा नाट्य के संबंध में अपने अनुभव साझा किए।
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