गॉल में ये कारनामा करने वाले सिर्फ तीसरे भारतीय बने देवदत्त पडिक्कल, पुजारा, रहाणे और विराट कोहली सब रह गए पीछे
Devdutt Padikkal: भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में इतिहास रच दिया है. भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से पहला टेस्ट मैच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. इस मैच में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. मैच के पहले ही दिन देवदत्त पडिक्कल ने शानदार शतक जड़ दिया. इसके बाद दूसरे दिन उन्होंने 167 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली और एक बड़ा कीर्तिमान बना दिया. उन्होंने एक मामले में चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे और विराट कोहली को भी इस मामले में पीछे छोड़ दिया है.
गॉल में सबसे बड़ी टेस्ट पारी खेलने वाले तीसरे भारतीय बने देवदत्त पडिक्कल
श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में 167 रनों की पारी खेलकर देवदत्त पडिक्कल ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है. पडिक्कल अब गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में एक टेस्ट पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले सिर्फ तीसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं. उनसे आगे अब वीरेंद्र सहवाग और शिखर धवन हैं. बता दें कि पडिक्कल का यह पहला टेस्ट शतक भी है. सहवाग ने 2008 में गॉल के मैदान पर दोहरा शतक लगाया था. उन्होंने नाबाद 201 रनों की पारी खेली थी. जबकि शिखर धवन ने 2017 में 190 रन बनाए थे.
देवदत्त पडिक्कल ने कोहली, रहाणे और पुजारा को छोड़ा पीछे
अब गॉल की एक टेस्ट पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट देखें तो चौथे नंबर पर चेतेश्वर पुजारा हैं, जिन्होंने 2017 में 153 रनों की पारी खेली थी. वहीं शिखर धवन ने 2015 में 134 रन बनाए थे. जबकि अजिंक्य रहाणे ने साल 2015 में ही 126 रनों की पारी खेली थी. वहीं विराट कोहली ने 2017 में एक पारी में 3 रन और दूसरी पारी में नाबाद 103 रन बनाए थे. बता दें कि विराट कोहली और शिखर धवन ही ऐसे भारतीय हैं, जिन्होंने गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में 2-2 शतक लगाने का कारनामा किया है. हालांकि अब पडिक्कल कोहली, रहाणे और पुजारा से सबसे बड़ी पारी खेलने के मामले में आगे निकल गए हैं.
गॉल में भारतीय बल्लेबाजों द्वारा बनाए गए एक टेस्ट पारी में सर्वाधिक स्कोर
| बल्लेबाज | रन | साल |
|---|---|---|
| वीरेंद्र सहवाग | 201* | 2008 |
| शिखर धवन | 190 | 2017 |
| देवदत्त पडिक्कल | 167 | 2026 |
| चेतेश्वर पुजारा | 153 | 2017 |
| शिखर धवन | 134 | 2015 |
| अजिंक्य रहाणे | 126 | 2015 |
| विराट कोहली | 103* | 2017 |
| विराट कोहली | 103 | 2015 |
देवदत्त पडिक्कल की पारी के दम पर मजबूत स्थिति में भारत
1⃣6⃣7⃣ Runs
— BCCI (@BCCI) August 16, 2026
2⃣3⃣0⃣ Balls
1⃣5⃣ Fours
1⃣ Six
That was a top-tier knock from Devdutt Padikkal ???? ????
Scorecard ▶️ https://t.co/WHXkfnivbw#TeamIndia | #SLvIND pic.twitter.com/nJRvxurRBt
तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव के बावजूद चेन्नई में नीट विरोधी प्रदर्शन जारी
चेन्नई, 16 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा द्वारा नीट के खिलाफ पारित किए गए नए प्रस्ताव के बावजूद चेन्नई में विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को पूरी तरह खत्म किए बिना वंचित और कमजोर वर्ग के छात्रों के हितों की रक्षा नहीं की जा सकती।
तिरुवोट्टियूर और एग्मोर में दो अलग-अलग आंदोलन जारी हैं।
तिरुवोट्टियूर में पूर्व भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी बालामुरुगन 27 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। रविवार को उनका अनशन 20वें दिन में प्रवेश कर गया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
बालामुरुगन तमिलनाडु के लिए नीट से छूट की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने दो अन्य मांगें भी रखी हैं। उन्होंने कथित तौर पर कॉकरोच संबंधी टिप्पणी को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के इस्तीफे की मांग की है। साथ ही, दिल्ली में छात्रों पर कथित हमले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की है।
अनशन लंबा खिंचने के कारण बालामुरुगन के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
दिवंगत मेडिकल अभ्यर्थी एस. अनीता के भाई मणिरत्नम ने उनसे मुलाकात की और राज्य सरकार से उनके स्वास्थ्य की जांच कराने तथा आंदोलन के लिए एक निर्धारित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की।
अब तक कोई स्थान उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण बालामुरुगन अपने घर से ही विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।
मणिरत्नम और एंटी-नीट फेडरेशन-तमिलनाडु के सदस्यों ने विधानसभा द्वारा प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद अपना 12 दिन का भूख हड़ताल आंदोलन समाप्त कर दिया था। उनका कहना था कि सरकार ने उनकी एक मांग पूरी कर दी है।
इस संगठन ने शिक्षा को फिर से राज्य सूची में शामिल करने की मांग भी की है, ताकि राज्य अपनी प्रवेश नीतियां स्वयं तय कर सकें। साथ ही उन्होंने नीट को पूरी तरह समाप्त करने की भी मांग की है।
एक अलग प्रदर्शन एग्मोर के रुक्मणी लक्ष्मीपति रोड स्थित थायगम कॉम्प्लेक्स में पिछले 24 दिनों से जारी है।
ओजी तमिजा समूह द्वारा आयोजित यह धरना रोजाना दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक चलता है। इसमें छात्र, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता हिस्सा लेते हैं। संगठन संगीत, नाटक, नृत्य और अन्य कला रूपों के माध्यम से आइए प्रतिरोध का उत्सव मनाएं नारे के साथ जनसमर्थन जुटा रहा है।
शिक्षाविद प्रिंस गजेंद्र बाबू और मणिरत्नम ने भी प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन जताया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि समस्या का समाधान केवल नीट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने से ही संभव है। उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से विधानसभा के प्रस्ताव को मंजूरी देने की अपील भी की है।
इससे पहले 2024 में तत्कालीन डीएमके सरकार द्वारा नीट से छूट देने के लिए पारित विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिली थी।
नवीनतम प्रस्ताव पेश करते हुए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री केजी अरुणराज ने कहा कि नीट उन छात्रों को फायदा पहुंचाती है जो महंगी कोचिंग का खर्च उठा सकते हैं, और इससे स्कूल शिक्षा के पाठ्यक्रम पर ध्यान कम होता है।
उन्होंने कहा कि इस परीक्षा के कारण ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब और सामाजिक रूप से वंचित छात्रों के लिए मेडिकल शिक्षा में अवसर कम हुए हैं, जिससे मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में समानता का सिद्धांत कमजोर पड़ रहा है।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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