धामी सरकार का प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम, स्वरोजगार और कौशल विकास पर जोर
Uttarakhand News: उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है. पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में पारदर्शी तरीके से अवसर देने के बाद अब सरकार का पूरा ध्यान स्वरोजगार और कौशल विकास पर है. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं, जिनमें से ज्यादातर घोषणाएं सीधे तौर पर प्रदेश के युवाओं के भविष्य, उनके कौशल निखारने और उन्हें अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करने से जुड़ी हुई हैं. सरकार का स्पष्ट मानना है कि युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि आने वाले समय में नौकरी देने वाला सक्षम उद्यमी बनाया जाए.
पर्वतीय जिलों में खुलेंगे विशेष औद्योगिक पार्क
पहाड़ी क्षेत्रों से युवाओं के पलायन को रोकने और स्थानीय संसाधनों का सही इस्तेमाल करने के लिए सरकार ने मजबूत रणनीति तैयार की है. इसी कड़ी में चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा जिलों में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे. इन पार्कों के बनने से स्थानीय स्तर पर ही नए उद्योग लग सकेंगे और वहां के युवाओं को अपने ही घर के पास रोजगार और व्यापार के बेहतरीन अवसर मिलेंगे. पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और वहां उपलब्ध प्राकृतिक संपदा को ध्यान में रखते हुए इन औद्योगिक पार्कों की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिल सके.
आईआईटी और आईआईएम से मिलेगा मुफ्त प्रशिक्षण
प्रदेश के 18 से 30 वर्ष की आयु वाले युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है. इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें युवाओं को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आईआईटी और आईआईएम के सहयोग से बिल्कुल मुफ्त में आधुनिक कौशल और उद्यम से जुड़े गुर सिखाए जाएंगे. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद यदि कोई युवा अपना नया काम शुरू करना चाहता है, तो उसे बैंक से मिलने वाले ऋण पर सरकार 30 प्रतिशत की राशि अनुदान यानी सब्सिडी के रूप में देगी. इससे नए कारोबारियों को शुरुआती पूंजी जुटाने में बड़ी राहत मिलेगी.
प्रदेश में पहली बार बनेगा युवा आयोग
युवाओं से जुड़े तमाम मामलों, उनकी समस्याओं और उनकी अपेक्षाओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए एक समर्पित मंच तैयार किया जा रहा है. इसके लिए राज्य में पहली बार युवा आयोग का गठन करने की घोषणा की गई है. यह आयोग एक संस्थागत मंच के रूप में कार्य करेगा, जहां शिक्षा, कौशल विकास, खेल, रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े विषयों पर नीतियां तय करने के लिए सुझाव लिए जाएंगे. इससे युवाओं की वास्तविक जरूरतों के आधार पर योजनाएं बनाना शासन के लिए और अधिक आसान हो जाएगा.
सीमांत के युवाओं और अग्निवीरों को विशेष प्रोत्साहन
राज्य के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए भी सरकार ने विशेष आर्थिक मदद और प्रोत्साहन देने की पहल की है. सीमांत क्षेत्रों में मजबूत आजीविका के साधन खड़े होने से न केवल पलायन की समस्या पर रोक लगेगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्र भी सुरक्षित और समृद्ध बनेंगे. इसके अलावा देश सेवा से लौटने वाले अग्निवीरों और भूतपूर्व सैनिकों के अनुशासन और तकनीकी अनुभव को उद्यमिता के क्षेत्र में उपयोग करने के लिए सरकार उन्हें अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराएगी.
विकसित उत्तराखंड के निर्माण में युवा शक्ति का योगदान
मुख्यमंत्री का कहना है कि युवा शक्ति ही राज्य की सबसे बड़ी पूंजी है. देवभूमि उद्यमिता योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के जरिए पहले से ही हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं. अब नए कदमों से प्रदेश का युवा वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़कर राज्य की आर्थिकी को मजबूत बनाएगा. सरकार हर उस युवा के साथ खड़ी है जो अपने हुनर और मेहनत के दम पर आगे बढ़ना चाहता है.
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गेंदा से लेकर सदाबहार तक... अगस्त-सितंबर में लगाएं ये 8 फूल, गार्डन में छा जाएगी रंग-बिरंगी खूबसूरती
Gardening Tips: अगस्त और सितंबर का महीना अपने गार्डन को रंग-बिरंगे फूलों से सजाने के लिए बेहतरीन है. कृषि वैज्ञानिक के अनुसार, गेंदा, गुलदाउदी, जीनिया, पोर्टुलाका, सदाबहार, कोसमॉस, बालसम और सूरजमुखी जैसे फूल इस मौसम में आसानी से लगाए जा सकते हैं.
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