हर महीने बढ़ रही रॉयल एनफील्ड की दीवनागी, जून में 1.14 लाख से ज्यादा लोगों ने खरीदी; EV की सेल भी शुरू
फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में अब तक रॉयल एनफील्ड ने 3,30,427 मोटरसाइकिलें बेची हैं, जो फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की इसी अवधि में बेची गई 2,65,528 यूनिट्स से 24% ज़्यादा है। घरेलू बाजार में अब तक की बिक्री 32% बढ़कर 301,174 यूनिट्स हो गई, जबकि एक्सपोर्ट 20% घटकर 29,253 यूनिट्स रह गया।
नीतीश कुमार बनेंगे डिप्टी पीएम? जानें क्यों हो रही ये चर्चा
बिहार की राजनीति में एक बार फिर नीतीश कुमार का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के बाद अब जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू ने भी खुलकर मांग की है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को केंद्र सरकार में उप-प्रधानमंत्री (डिप्टी पीएम) बनाया जाए. केंद्र में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच इस मांग ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है.
जेडीयू विधायक ने उठाई डिप्टी पीएम बनाने की मांग
जेडीयू विधायक पंकज मिश्रा ने कहा कि नीतीश कुमार का लंबा प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव देश के लिए उपयोगी साबित हो सकता है. उनका कहना है कि नीतीश कुमार करीब दो दशक तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं और इससे पहले केंद्र सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उन्हें केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिलनी चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि यदि केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल का विस्तार होता है तो नीतीश कुमार को उप-प्रधानमंत्री का पद देना उनके अनुभव और योगदान का उचित सम्मान होगा.
आरजेडी भी कर चुकी है ऐसी मांग
दिलचस्प बात यह है कि जेडीयू से पहले आरजेडी भी नीतीश कुमार को केंद्र में अहम भूमिका देने की वकालत कर चुकी है. आरजेडी के वरिष्ठ नेता मुकेश रोशन ने कहा था कि नीतीश कुमार को कृषि या रेलवे जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए. उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि उन्हें उप-प्रधानमंत्री बनाया जाए, जिससे बिहार का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व और मजबूत होगा.
हालांकि दोनों दलों की राजनीतिक सोच अलग-अलग है, लेकिन इस मुद्दे पर समान राय सामने आने से चर्चा और तेज हो गई है.
मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच बढ़ी हलचल
केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट विस्तार की अटकलों के बीच जेडीयू की यह मांग सामने आई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सहयोगी दल अपने वरिष्ठ नेताओं के लिए बेहतर प्रतिनिधित्व और बड़ी जिम्मेदारी की उम्मीद कर रहे हैं. हालांकि अभी तक केंद्र सरकार की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार या किसी नए पद को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
राज्यसभा पहुंचने के बाद बदली भूमिका
नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था. इससे पहले वे राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद उनकी सक्रिय भूमिका राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ी है. वर्तमान में वे राज्यसभा के सदस्य हैं और जेडीयू के प्रमुख नेता के रूप में पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं.
उनके इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जिसके साथ राज्य में नई राजनीतिक व्यवस्था की शुरुआत हुई.
अनुभव बना चर्चा का आधार
नीतीश कुमार भारतीय राजनीति के उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर लंबे समय तक काम किया है. मुख्यमंत्री के रूप में उनका लंबा कार्यकाल और केंद्रीय मंत्री के रूप में अनुभव उनके समर्थकों के लिए सबसे बड़ा आधार है. इसी अनुभव का हवाला देते हुए जेडीयू नेताओं का कहना है कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिलनी चाहिए.
फिलहाल कोई आधिकारिक संकेत नहीं
हालांकि डिप्टी पीएम बनाए जाने की मांग राजनीतिक रूप से चर्चा में है, लेकिन केंद्र सरकार या सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है. ऐसे में यह मांग फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी और संभावनाओं तक ही सीमित है.
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि यदि केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो क्या नीतीश कुमार को कोई नई जिम्मेदारी मिलती है या फिर यह चर्चा केवल राजनीतिक बयान तक ही सीमित रह जाती है.
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