Rajasthan News: राजस्थान संपर्क पोर्टल पर वित्त विभाग की शिकायतों की हुई समीक्षा, 181 कॉल सेंटर्स का निरीक्षण
Rajasthan News: राजस्थान के वित्त विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी डॉ. भारती दीक्षित ने सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क 181 कॉल सेंटर का मंगलवार को निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने वित्त विभाग से संबंधित शिकायतों, उनके निस्तारण की स्थिति और शिकायत समाधान प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की. निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी समाधान को सुनिश्चित करना था, ताकि नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिल सके. दरअसल, बीते कुछ दिनों से शिकायतों का आंकड़ा काफी बढ़ गया था.
कौन हैं डॉ. भारती दीक्षित?
डॉक्टर भारती दीक्षित 2014 बैच की प्रमुख IAS अधिकारी है. वे फिलहाल राजस्थान कैडर में कार्यरत है. वह मूल रूप ले दिल्ली की रहने वाली है और सिविल सर्विस से पहले MBBS की पढ़ाई कर चुकी है. डॉ. भारती दीक्षित ने अपने पहले ही अटैम्पट में साल 2013 की UPSC परीक्षा में 5वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की थी. वह वर्तमान में वित्त विभाग, राजस्थान सरकार (जयपुर) में संयुक्त शासन सचिव (व्यय) के रूप में कार्यरत हैं.
शिकायतों के आंकड़ों का किया विश्लेषण
औचक निरीक्षण के दौरान डॉ. भारती दीक्षित ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज वित्त विभाग से संबंधित शिकायतों और उनके समाधान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बारीकी से ध्यान दिया. उन्होंने शिकायतों की कुल संख्या, समाधान की स्थिति, नागरिकों की संतुष्टि, शिकायतों के औसत समाधान समय और सबजेक्ट वाइस कंप्लेंट्स की श्रेणियों का भी रिव्यू किया. इसके अलावा, उन्होंने अलग-अलग अधिकारी स्तर पर लंबित कार्यों की भी ध्यान से समीक्षा की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में सबसे ज्यादा समय लगता है और उसे कैसे कम किया जा सकेगा.
लंबित मामलों के जल्द निस्तारण के दिए निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. दीक्षित ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि लंबित शिकायतों का जल्द से जल्द निपटाया जाए. उन्होंने कहा कि जिन मामलों का समाधान अभी तक नहीं हुआ है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और हर एक शिकायत के समाधान की समय-सीमा को तय की जाए. डॉ. दीक्षित ने सभी अधिकारियों को यह भी आदेश दिया है कि शिकायतों के निपटारा करने में अनावश्यक देरी से बचा जा सके और नागरिकों को समय पर सही जवाब दिया जाया सके. इससे विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों ही मजबूत होगी.
वित्त विभाग की संयुक्त शासन सचिव (व्यय) डॉ. भारती दीक्षित ने शासन सचिवालय स्थित, राजस्थान संपर्क 181 कॉल सेंटर का निरीक्षण कर, वित्त विभाग से संबंधित परिवादों एवं उनके निस्तारण की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान डॉ. दीक्षित ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज वित्त विभाग से… pic.twitter.com/JQny4a6IrO
— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) June 30, 2026
समाधान प्रक्रिया को और कार्यकुशल बनाने की तैयारी
IAS डॉ. भारती दीक्षित ने इस समीक्षा बैठक के दौरान इस बात पर ज्यादा जोर दिया है कि शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता सिर्फ समय पर निपटारे तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि इनका समाधान भी ऐसा होना चाहिए जिससे शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो सके. उन्होंने अधिकारियों को ये भी निर्देश दिए कि शिकायतों की सही वजह की पहचान कर उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित कर सके. उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी खास विषय से संबंधित शिकायतें बार-बार सामने आ रही हैं, तो उसके पीछे मौजूद कारणों का सही विश्लेषण करें और आवश्यकता के अनुसार, सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतों की संख्या कम हो.
नागरिक सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में पहल
राजस्थान संपर्क 181 पोर्टल राज्य सरकार का एक जरूरी शिकायक केंद्र है, जहां नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कर संबंधित विभागों से उसका समाधान प्राप्त करते हैं. वित्त विभाग द्वारा इस तरह की नियमित समीक्षा का उद्देश्य शिकायत निवारण प्रणाली को ज्यादा प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेही बनाना है. डॉ. भारती दीक्षित के निरीक्षण और समीक्षा से यह बात साफ हो गई है कि वित्त विभाग नागरिकों की शिकायतों के तुरंत समाधान को प्राथमिकता दे रहा है. अधिकारियों को दिए गए निर्देशों से उम्मीद लगाई जा रही है कि लंबित मामलों का अब जल्द निस्तारण होगा और शिकायत समाधान प्रणाली पहले से और अधिक मजबूत और प्रभावी बन जाएगी.
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सिया-चेतन का नया वीडियो आया सामने, ऐसी हालत में दिखे दोनों
Ketan Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं. अब इस मामले में मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने जांच को नई दिशा दे दी है. वीडियो में दोनों एक कैफे में साथ बैठे नजर आ रहे हैं और सामान्य बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं. पुलिस इस फुटेज की सत्यता और इसकी जांच में उपयोगिता का परीक्षण कर रही है.
घटना से एक महीने पहले का बताया जा रहा वीडियो
सूत्रों के अनुसार, यह वीडियो 23 मई की रात करीब 9:30 बजे का है. इसमें सिया गोयल और चेतन चौधरी एक कैफे में साथ बैठे दिखाई देते हैं. दोनों बातचीत में व्यस्त और सहज नजर आ रहे हैं. चूंकि यह फुटेज कथित हत्या से लगभग एक महीने पहले की है, इसलिए जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों के बीच उस समय किस तरह के संबंध थे और क्या यह वीडियो कथित साजिश से जुड़ी किसी कड़ी की ओर इशारा करता है.
पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के साथ इस वीडियो का भी तकनीकी परीक्षण कर रही है ताकि इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि की जा सके.
मोबाइल फोन बना जांच का अहम हिस्सा
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कारोबारी केतन अग्रवाल का मोबाइल फोन कुछ समय तक उसकी मंगेतर सिया गोयल के पास था. बाद में यह फोन केतन के परिवार को सौंप दिया गया, लेकिन अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उस दौरान मोबाइल से कोई महत्वपूर्ण डेटा हटाया गया या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ की गई थी.
जांच अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल फोन में मौजूद चैट, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन हिस्ट्री और अन्य डिजिटल जानकारी इस मामले में अहम भूमिका निभा सकती है. इसी कारण फोन की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है.
पुलिस को साजिश की कड़ी तलाशने की कोशिश
पुलिस का दावा है कि जांच में चेतन चौधरी की भूमिका भी सामने आई है. अधिकारियों के मुताबिक, मामले में दोनों आरोपियों की गतिविधियों, आपसी संपर्क और घटनाक्रम को जोड़कर पूरी साजिश की तस्वीर तैयार की जा रही है.
इसी सिलसिले में पुलिस दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है.
घटनास्थल पर कराया गया सीन रीक्रिएशन
जांच के दौरान पुलिस सिया गोयल को पहले ही लोहगढ़ किले के घटनास्थल पर ले जा चुकी है. वहां अधिकारियों ने एक डमी की मदद से पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन कराया, ताकि यह समझा जा सके कि घटना किस तरह हुई होगी और उपलब्ध साक्ष्य घटनास्थल की परिस्थितियों से मेल खाते हैं या नहीं.
इस प्रक्रिया के दौरान फॉरेंसिक विशेषज्ञों और जांच अधिकारियों ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया.
डिजिटल सबूतों पर विशेष फोकस
पुलिस अब इस मामले में केवल प्रत्यक्ष साक्ष्यों पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल सबूतों पर भी विशेष ध्यान दे रही है. मोबाइल फोन, सीसीटीवी फुटेज, कैफे का वीडियो, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच की जा रही है.
अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्य यह स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं कि कथित वारदात से पहले और बाद में आरोपियों की गतिविधियां क्या थीं.
#WATCH | Ketan Agarwal Murder Case | Lonavala, Maharashtra: Accused Siya Goyal brought to Lonavala Rural Police Station. Earlier today, accused Chetan Chaudhary was brought back to Police Station after Pune Rural Police took him to Lohagad Fort for crime scene reconstruction.… pic.twitter.com/RPr1nuoYXX
— ANI (@ANI) July 1, 2026
जांच अभी जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है. सामने आए नए वीडियो और मोबाइल फोन से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. जांच एजेंसियों का उद्देश्य उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना और मामले की वास्तविकता को अदालत के सामने प्रस्तुत करना है.
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