हर समय अकेले रहने का करता है मन, इन संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, बढ़ सकता है तनाव
नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां, आर्थिक चिंताएं और लगातार बदलती जीवनशैली लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रही है। ऐसे माहौल में बहुत से लोग कुछ समय अकेले बिताना पसंद करते हैं। कई लोगों को लगता है कि अकेले रहना उन्हें सुकून देता है।
इसे अगर मनोविज्ञान के नजरिए से देखें तो हर व्यक्ति का स्वभाव अलग होता है। कुछ लोग दोस्तों या सगे-संबंधियों से मिलकर अच्छा महसूस करते हैं, जबकि कुछ लोग अकेले समय बिताकर खुद को बेहतर महसूस करते हैं। ऐसे लोगों के लिए अकेलापन नहीं, बल्कि एकांत जरूरी होता है।
मनोवैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, सीमित समय का स्वस्थ एकांत तनाव कम करने, भावनाओं को समझने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि समस्या तब शुरू होती है, जब अकेले रहने की आदत धीरे-धीरे सामाजिक दूरी में बदलने लगे। अगर कोई व्यक्ति लगातार दोस्तों, परिवार या सहकर्मियों से मिलने से बचने लगे, फोन उठाना बंद कर दे, बातचीत में रुचि न ले या पहले जिन लोगों के साथ समय बिताना पसंद करता था, उनसे भी दूरी बनाने लगे, तो इसे सामान्य व्यवहार नहीं माना जाता। यह मानसिक तनाव, चिंता या डिप्रेशन जैसी समस्याओं का शुरुआती संकेत हो सकता है।
साइकोलॉजिस्ट के अनुसार, स्वस्थ एकांत और नुकसानदायक सोशल आइसोलेशन में फर्क समझना बेहद जरूरी है। स्वस्थ एकांत में व्यक्ति अकेला जरूर होता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर लोगों से जुड़ने में उसे कोई परेशानी नहीं होती। वह अपने काम, परिवार और रिश्तों की जिम्मेदारियां सामान्य तरीके से निभाता रहता है। वहीं, सामाजिक अलगाव में व्यक्ति धीरे-धीरे रिश्तों से दूरी बना लेता है, दूसरों से मिलने की इच्छा खत्म होने लगती है और कई बार जीवन के प्रति उत्साह भी कम हो जाता है। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है।
मेडिकल और साइकोलॉजी रिसर्च बताती हैं कि लंबे समय तक सोशल आइसोलेशन शरीर को भी प्रभावित करता है। लगातार अकेले रहने से तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन, खासतौर से कोर्टिसोल का स्तर बढ़ सकता है। इसका असर नींद, याददाश्त, ध्यान लगाने की क्षमता और प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी पड़ सकता है। कई अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि लंबे समय तक सामाजिक दूरी बनाए रखने वाले लोगों में चिंता और डिप्रेशन का खतरा ज्यादा देखा जाता है।
रोजाना कुछ समय खुले वातावरण में टहलना, प्रकृति के बीच समय बिताना और नियमित शारीरिक गतिविधियां मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती हैं। योग और श्वास संबंधी अभ्यास, जैसे भ्रामरी प्राणायाम, बालासन और सेतुबंधासन, तनाव कम करने और मन को शांत रखने में सहायक माने जाते हैं। पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और नियमित दिनचर्या भी मानसिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
--आईएएनएस
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श्रीसंत से हटा 3 साल का बैन, केरल क्रिकेट एसोसिएशन ने पूर्व भारतीय पेसर को दी राहत, जानें पूरा मामला
Sreesanth : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर एस. श्रीसंत और उनके फैंस के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. उन पर लगाए गए तीन साल के बैन को हटाने का फैसला किया है. इस फैसल के बाद अब श्रीसंत राहत की खबर लेंगे. केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) ने एस. श्रीसंत पर लगाए गए तीन साल के बैन को हटा दिया है. ये उनके और उनके क्रिकेट फैंस के लिए राहत की खबर है. इस खबर में श्रीसंत के फैंस को खुशी से झूमने पर मजबूर कर दिया है. ये पूरा मामला क्या है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
श्रीसंत पर लगा बैन हटाया गया
आपको बता दें कि, केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) ने भारत के पूर्व क्रिकेटर एस. श्रीसंत पर लगा तीन साल का बैन हटाने का फैसला किया है. श्रीसंत को पहले विजुअल और सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के लिए तीन साल के लिए सस्पेंड किया गया था, जिसके बारे में KCA ने कहा था कि इससे एसोसिएशन की बदनामी हुई है'.
Thiruvananthapuram: The Kerala Cricket Association (KCA) has decided to revoke the three-year ban imposed on former India cricketer S. Sreesanth. Sreesanth was earlier suspended for three years over remarks made through visual and social media that the KCA said had brought… pic.twitter.com/IM09wiljWx
— ANI (@ANI) July 1, 2026
एस. श्रीसंत को मिली राहत
श्रीसंत ने तिरुवनंतपुरम मुंसिफ कोर्ट में डिसिप्लिनरी एक्शन को चुनौती दी थी, लेकिन याचिका खारिज कर दी गई थी. इसके बाद, श्रीसंत ने केरल क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ अपनी टिप्पणियों पर अफसोस जताते हुए बिना शर्त ऑफिशियल माफी मांगी थी. बैन हटने के बाद श्रीसंत केरल क्रिकेट लीग (KCL) सीजन 3 में एरीज कोल्लम सेलर्स फ्रेंचाइजी के को-ओनर के तौर पर काम करते रहेंगे. KCA ने पिछले KCL सीजन से पहले बैन लगाया था.
क्या है पूरा मामाल
श्रीसंत पर बैन तब लगाया गया था, जब उन्होंने कथित तौर पर विजुअल और सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी बातें की थीं जिन्हें एसोसिएशन के लिए अपमानजनक माना गया था. उन्होंने इस फैसले को तिरुवनंतपुरम मुंसिफ कोर्ट में चुनौती दी थी. कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद श्रीसंत ने केसीए के खिलाफ कही गई अपनी बातों पर अफसोस जताते हुए बिना शर्त आधिकारिक तौर पर माफी मांग ली थी.
अब 1 जुलाई, 2026 को हुई केसीए की स्पेशल जनरल बॉडी मीटिंग में सदस्यों ने उनकी माफी पर विस्तृत चर्चा की. उनके बिना शर्त अफसोस जताने पर विचार करते हुए, जनरल बॉडी ने एकमत से उन पर लगाया गया प्रतिबंध हटाने का फैसला किया. हालांकि, एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसा कोई भी व्यवहार दोहराने पर उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
प्रतिबंध हटने के बाद श्रीसंत केरल क्रिकेट लीग (केसीएसल) के सीजन 3 में एरीज कोल्लम सेलर्स फ्रेंचाइजी के सह-मालिक के तौर पर काम करते रहेंगे. केसीए ने पिछले केसीएल सीजन से पहले प्रतिबंध लगाया था. एस. श्रीसंत केरल से भारतीय टीम के लिए खेलने वाले बड़े क्रिकेटर रहे हैं. वो तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. 2005 से 2011 के बीच श्रीसंत ने भारत के लिए 27 टेस्ट, 53 वनडे, और 10 टी20 खेले। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज के नाम टेस्ट में 87, वनडे में 75, और टी20 में 7 विकेट दर्ज हैं.
आपको बात दें कि श्रीसंत टी20 विश्व कप 2007 और वनडे विश्व कप 2013 जीतने वाली भारतीय टीम का अहम सदस्य थे. उनका करियर हरभज थप्पड़ कांड़ और मैच फीक्सिंग के बाद बर्वाद हो गया था. इसके बाद उन्होंने बैन कर दिया गया और टीम इंडिया से भी उन्हें बाहर होना पड़ा था. उन पर आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खलते हुए मैच फीक्सिंग को अंजाम देने के इल्जाम लगे थे.
ये खबर आईएनएस के इनपुट से बनाई गई है......
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