Udhayanidhi Stalin ने TVK सरकार को बताया फासीवादी, विरोधियों की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने राजनीतिक विरोधियों, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और युवा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर की जा रही गिरफ्तारियों के बढ़ते चलन को लेकर रविवार को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार की आलोचना की। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की कानूनी शाखा की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रशासन के कदमों को फासीवादी बताया और अधिकारियों पर भाषण और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण लोगों को हिरासत में लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘ अगर आप बोलते हैं तो गिरफ्तारी हो जाती है।
अगर आप सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट करते हैं तो गिरफ्तारी हो जाती है। यह सरकार अपनी गहरी असुरक्षा की भावना के कारण फासीवादी शासन की तरह काम कर रही है। ऐसा लगता है जैसे वे हर सुबह एक कार्य सूची और समय-सारणी के साथ उठते हैं कि अगला किसे गिरफ्तार करना है।
अपनी हालिया गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए उदयनिधि ने कहा, जब पुलिस सुबह आठ बजे मेरे घर पहुंची, तब मैं अखबार पढ़ रहा था। मुझे लगा कि वे इस अक्षम सरकार की आलोचना करने के कारण मुझे गिरफ्तार करने आए हैं, लेकिन उनके पास कोई ठोस जवाब नहीं था। हमारी कानूनी टीम त्वरित गति से मद्रास उच्च न्यायालय पहुंची और सुनिश्चित किया कि न्याय मिले।
तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री को लोकप्रिय अभिनेत्री तृशा के संदर्भ में कथित द्विअर्थी टिप्पणी करने और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में चार अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। द्रमुक नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जान-बूझकर युवा कार्यकर्ताओं और जेन-जेड युवाओं को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा, यह सरकार जेन-जेड युवाओं से डरी हुई है जो हमारी विचारधारा के पक्ष में आवाज उठा रहे हैं।
वे उनके परिवारों में डर पैदा करने के लिए उन्हें निशाना बनाते हैं। हमारी कानूनी शाखा को इन युवा आवाजों की सुरक्षा के लिए एक अभेद्य किले की तरह काम करना चाहिए। इस बीच, द्रमुक की कानूनी इकाई ने एक प्रस्ताव पारित कर हाल ही में तंजावुर में किसानों के समर्थन में बोलने पर उदयनिधि की गिरफ्तारी के लिए टीवीके सरकार की कड़ी निंदा की।
एक और प्रस्ताव में सोशल मीडिया मंच पर विपक्ष के नेता के बारे में अपमानजनक बातें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए राज्य सरकार की निंदा की गई।
Amit Shah ने Alwar में कहा: 2047 तक विकसित भारत के लिए गरीब, युवा और नारी को सशक्त बनाना होगा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि 2047 तक भारत को पूरी तरह विकसित राष्ट्र बनाने के लिए गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सहकारिता और डेरी क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने तथा पशुपालक किसानों के जीवन में सुधार लाने की क्षमता है। अलवर में एक समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘ज्ञान’ की अवधारणा का आशय गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी से है।
शाह ने कहा, ‘‘अगर भारत को 2047 तक पूरी तरह विकसित राष्ट्र बनाना है तो युवाओं, गरीबों, किसानों और महिलाओं को सशक्त करना होगा।’’ उन्होंने बताया कि राजस्थान में वर्तमान में करीब 44 हजार सहकारी समितियां हैं और सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी गांव ऐसा न हो, जहां कोई सहकारी समिति नहीं हो। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के लिए हर साल महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने दावा किया कि 2014 से 2026 तक खेती-किसानी से जुड़ी कोई बड़ी पहल किए बिना एक भी वर्ष नहीं गुजरा है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सबसे अधिक मात्रा में खाद्यान्न की खरीद की है। शाह ने कहा, ‘‘हम हर गांव को समृद्ध बनाएंगे।’’ कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शाह ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष समेत पार्टी के नेता आपसी कलह में उलझे हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘राजस्थान की जनता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनने का मन बना लिया है।
आपकी हार निश्चित है।’’ इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया और कई अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री एवं अलवर से सांसद भूपेंद्र यादव, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा के अन्य नेता मौजूद थे।
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