Varanasi Airport पर पिस्तौल से गोली चलने से 2 कर्मी घायल, यात्री पर केस दर्ज
उत्तर प्रदेश में वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल भवन में रविवार सुबह जांच के दौरान एक यात्री की लाइसेंसी पिस्तौल से कथित तौर पर गलती से गोली चल गई, जिसमें एक महिला कर्मचारी और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। नागर विमानन मंत्रालय ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मामले में संबंधित यात्री के खिलाफ फूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रहा है। इसमें हवाईअड्डों पर लाइसेंसी हथियार ले जाने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन की भी जांच की जा रही है। मंत्रालय ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रालय के अनुसार, दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचना दी गई और यात्री को जांच के लिए हिरासत में लिया गया है। घटना के तुरंत बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और हवाईअड्डे पर परिचालन बिना किसी बाधा के जारी रहा। पुलिस के अनुसार, आजमगढ़ निवासी कमलेश राय अपनी पत्नी के साथ मुंबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान से यात्रा करने के लिए हवाईअड्डे पहुंचे थे।
उनके पास लाइसेंसी पिस्तौल थी। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पिस्तौल और उसमें मौजूद कारतूसों की गिनती की जा रही थी, तभी अचानक गोली चल गई। गोली लगने से जांच कर रही महिला कर्मचारी के पैर में चोट लगी, जबकि पास खड़ा एक अन्य व्यक्ति भी घायल हो गया।
दोनों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस बीच, वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (बाबतपुर) के निदेशक पुनीत गुप्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘आज, 16 अगस्त 2026 को सुबह लगभग साढ़े नौ बजे, उड़ान आईएक्स-1810 से अपनी पत्नी के साथ मुंबई जा रहे एक यात्री ने विमान में ले जाने के लिए एक हथियार की जानकारी दी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हथियार की जांच के दौरान गलती से एक गोली चल गई, जिससे एएआई कार्गो लॉजिस्टिक एंड अलाइड सर्विसेज कंपनी लिमिटेड के दो कर्मचारी घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया गया है और जांच जारी है।’’ गोमती जोन के पुलिस उपायुक्त के अनुसार, यात्री की पहचान आजमगढ़ जिले के निवासी कमलेश राय के रूप में हुई है।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस उपायुक्त (गोमती जोन), सहायक पुलिस आयुक्त (पिंडरा) समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गोली पहले फर्श से टकराई और फिर पास में मौजूद महिला कर्मचारी सुमन कुमारी के पैर में लगी, जबकि गोली के छर्रे रोहित नामक कर्मचारी के हाथ में लगे। पुलिस के अनुसार, कमलेश राय के खिलाफ फूलपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 125(ए) और 125(बी) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिस्तौल के चैंबर में एक कारतूस मौजूद था, जो कथित तौर पर ट्रिगर दबने से चल गया। गोली चेकिंग ड्यूटी पर तैनात सहायक सुमन कुमारी के पैर और पास खड़े रोहित राज के अंगूठे में लगी।
Hyderabad के EFLU में 14 छात्र गिरफ्तार, ABVP और NSUI में हुई थी झड़प
हैदराबाद स्थित ‘अंग्रेजी एवं विदेशी विश्वविद्यालय’ (ईएफएलयू) परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) से जुड़े छात्र गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में कम से कम सात छात्र घायल हो गए। इस संबंध में दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, यह झड़प 14 अगस्त को हुई थी, जो एक दिन पहले एक महिला छात्रावास के बाहर अभाविप सदस्यों के प्रदर्शन के दौरान दोनों छात्र गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच हुई बहस के बाद शुरू हुई थी। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि अभाविप कार्यकर्ताओं ने एक छात्र के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी की और ईएफएलयू छात्र संघ के उपाध्यक्ष के साथ मारपीट की। एनएसयूआई का यह भी आरोप है कि अभाविप सदस्यों के एक समूह ने उन पर लाठियों और कांच की बोतलों से हमला किया, जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
दूसरी ओर, अभाविप (ईएफएलयू इकाई) का दावा है कि 13 अगस्त को छात्रावास के वार्डन में से एक ने दो छात्रा से अभद्रता की थी जो वहां रहने दिये जाने का अनुरोध कर रही थी। इसके विरोध में अभाविप ने छात्रावास की बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। अभाविप का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने अशोभनीय का इस्तेमाल किया और बहस करके व्यवधान डालने की कोशिश की।
पुलिस ने रविवार को जानकारी दी कि इस झड़प में कुल सात छात्र घायल हुए हैं, जिनमें चार एनएसयूआई और तीन अभाविप के सदस्य हैं। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण एनएसयूआई के चार सदस्यों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उस्मानिया विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने दोनों छात्र संगठनों की ओर से मिली शिकायतों और जवाबी शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि मामले में कार्रवाई करते हुए अभाविप के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, एनएसयूआई के सात गिरफ्तार सदस्यों को थाने से ही जमानत दे दी गई है।
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