स्कूल में टीसी लाने गया छात्र, टीचर से बहस हुई तो चाकू से सीने पर कर दिया हमला
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी किशोर को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि छात्र ने हमले में इस्तेमाल किया गया चाकू ऑनलाइन मंगाया था।
केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद लोहगढ़ किले पर उमड़ रही भीड़, लोग पूछ रहे- 'सिया स्पॉट' कहां है?
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है. जिस लोहगढ़ किले को अब तक लोग उसकी ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और ट्रैकिंग के लिए जानते थे, वही अब एक सनसनीखेज हत्या की वजह से चर्चा का केंद्र बन गया है. हैरानी की बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल केस के बाद किले पर आने वाले पर्यटकों की संख्या अचानक बढ़ गई है और बड़ी संख्या में लोग उस जगह को देखने पहुंच रहे हैं, जहां कथित तौर पर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का दिया गया था.
दुर्घटना नहीं, हत्या की कहानी ने बदला माहौल
18 जून को केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में ट्रैकिंग के दौरान हुआ हादसा माना गया था. लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ी तो मामला कथित साजिशन हत्या में बदल गया. जांच एजेंसियों का दावा है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर पूरी योजना बनाई थी. दोनों फिलहाल पुलिस जांच के दायरे में हैं और मामले में कई अहम सबूत जुटाए जा रहे हैं.
'सिया स्पॉट' देखने की जिज्ञासा
इस घटना के बाद लोहगढ़ किले पर आने वाले पर्यटकों का उद्देश्य भी बदल गया है. पहले जहां लोग ऐतिहासिक संरचनाएं, विंचू कट्टा और मानसून के खूबसूरत नजारों का आनंद लेने आते थे, अब कई लोग सुरक्षाकर्मियों से सीधे पूछते हैं, "सिया स्पॉट कहां है?" या "केतन को कहां से धक्का दिया गया था?" अधिकारियों के मुताबिक, छुट्टियों के दिनों में पहले जहां लगभग 1,000 लोग पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 1,500 तक पहुंच गई है.
पुलिस जांच के कारण किला भी हुआ बंद
लगातार बढ़ती भीड़ और जांच प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कुछ समय के लिए लोहगढ़ किले पर पर्यटकों की आवाजाही रोक दी. जांच एजेंसियां घटनास्थल से जुड़े सबूतों का दोबारा परीक्षण कर रही हैं, इसलिए आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई ताकि फोरेंसिक जांच और साक्ष्य सुरक्षित रह सकें.
जांच में सामने आ रहे नए-नए पहलू
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान कई डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य सामने आए हैं. अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों ने पहचान छिपाने, मोबाइल लोकेशन से बचने और डिजिटल सबूत मिटाने जैसी कोशिशें कीं. मामले में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन जांच जारी है. पुलिस का कहना है कि हर नए तथ्य के साथ जांच और गहरी होती जा रही है.
सोशल मीडिया ने भी बढ़ाई उत्सुकता
सोशल मीडिया पर इस मामले से जुड़े वीडियो, तस्वीरें और चर्चाएं तेजी से वायरल हुईं. इसके बाद बड़ी संख्या में लोग केवल जिज्ञासा के कारण लोहगढ़ किले तक पहुंचने लगे. विशेषज्ञ इसे "डार्क टूरिज्म" का उदाहरण मान रहे हैं, जिसमें लोग किसी दुखद या चर्चित आपराधिक घटना से जुड़े स्थानों को देखने पहुंचते हैं.
सुरक्षा और जांच दोनों पर फोकस
पुलिस प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों की सुरक्षा है. अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है. वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच लगातार आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
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