झाझरा के Doon Sanskriti School में मना स्वतंत्रता दिवस, जनजातीय बच्चों की देशभक्ति ने जीता दिल
झाझरा स्थित जनजातीय गुरुकुल दून संस्कृति स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस खास मौके पर देश और समाज के कई मूर्धन्य विद्वान शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में साइंस सिटी के प्रमुख डॉ. दुर्गेश पंत, उत्तराखण्ड सब एरिया के डिप्टी जीओसी व कैंट बोर्ड प्रमुख ब्रिगेडियर आर. एस. थापा, मसूरी प्रशासनिक अकादमी के पूर्व निदेशक संजीव चोपड़ा, उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर, जर्मनी की प्रसिद्ध लेखिका मारिया वर्थ और दिव्यांग विकास संगठन सक्षम के उत्तराखंड अध्यक्ष श्री ललित पंत मौजूद रहे।
जनजातीय बच्चों के देशभक्ति गीतों ने मोह लिया मन
समारोह के दौरान उत्तराखण्ड की थारू और बुक्सा जनजाति के बच्चों के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, असम और मणिपुर के छात्रों ने देशभक्ति से भरे लोकगीत और समूह नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं। विशेष रूप से अरुणाचल के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए गढ़वाल रेजिमेंट के मशहूर गीत “बढ़े चलो गढ़वालियों” ने वहां मौजूद सभी अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में आए विद्वानों ने प्रतिभावान छात्रों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
विज्ञान और तकनीक का सीमांत युवाओं तक विस्तार: डॉ. दुर्गेश पंत
साइंस सिटी के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विस्तार अब सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं तक तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि दूरदराज के जनजातीय बच्चों को तकनीक से जोड़कर ही देश और प्रदेश का सर्वांगीण विकास संभव है।
जनजातीय युवा देश का प्रथम रक्षक: ब्रिगेडियर आर. एस. थापा
उत्तराखण्ड सब एरिया के डिप्टी जी ओ सी और कैंट बोर्ड प्रमुख ब्रिगेडियर आर. एस. थापा ने अपने संबोधन में कहा कि देश की सीमाओं और संस्कृति का असली रक्षक जनजातीय युवा ही है। उन्होंने बच्चों के जज्बे और देशभक्ति की जमकर सराहना की। कार्यक्रम की शुरुआत में निदेशक ऋत्विक विजय ने सभी अतिथियों का स्वागत किया, वहीं विद्यालय प्रबंध समिति के प्रमुख और संघ विचारक श्री नीरज मित्तल ने समारोह के अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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