Vijay Wadettiwar बोले, Census में ओबीसी कॉलम बिना जनगणना अधूरी रहेगी
महाराष्ट्र में कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने रविवार को दावा किया कि यदि केंद्र सरकार जनगणना के प्रश्नावली में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग से एक कॉलम शामिल नहीं करती है, तो जनगणना अधूरी रहेगी। वडेट्टीवार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि केवल जाति के बारे में पूछे जाने से ओबीसी की वास्तविक संख्या का पता नहीं चलेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सही आंकड़े जुटाने के लिए सरकार पर लगातार दबाव बनाए रखने की जरूरत है।
शुक्रवार को केंद्र सरकार ने जनगणना के दौरान लोगों से पूछे जाने वाले 40 सवालों को अधिसूचित किया। एक सरकारी आदेश के अनुसार, इनमें जाति और कोविड-19 टीकाकरण का स्थान भी शामिल है। बर्फ से ढके रहने वाले क्षेत्रों में जनगणना का चरण एक सितंबर से शुरू होगा।
देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना अगले वर्ष शुरू होगी। यह पहली बार होगा जब जनगणना के दौरान जाति से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी। जारी आदेश के मुताबिक, जनगणना के दौरान पूछा जाएगा कि व्यक्ति अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंधित है या नहीं और उसकी जाति क्या है।
राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के अध्यक्ष बाबन तयवाड़े के इस बयान का जिक्र करते हुए कि अन्य पिछड़ा वर्ग ने अपनी आधी लड़ाई जीत ली है, वडेट्टीवार ने कहा कि ओबीसी समुदाय के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए जाति आधारित जनगणना बेहद महत्वपूर्ण है। कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘हालांकि, यदि केंद्र सरकार की ओर से जारी जनगणना प्रश्नावली में ओबीसी के लिए अलग से कोई कॉलम नहीं है, तो यह जनगणना अधूरी रहेगी।’’ उन्होंने कहा कि केवल जाति के बारे में पूछने से ओबीसी की वास्तविक संख्या का पता नहीं चलेगा, इसलिए यह कहना सही नहीं है कि ओबीसी ने अपनी लड़ाई जीत ली है।
इटली से आई हैं... BJP नेता सुमित्रो चटर्जी का Sonia Gandhi और Congress पर हमला
स्वतंत्रता दिवस समारोह में वंदे मातरम के गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीजेपी नेता लगातार सोनिया गांधी पर हमला बोल रहे हैं और उनसे माफी की मांग कर रहे हैं। अब वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज और बीजेपी नेता सुमित्रो चटर्जी ने भी इस मामले में सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
सोनिया गांधी से माफी की मांग, बताया ऐतिहासिक भूल
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर घटना पर गहरा दुख और गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि 15 अगस्त को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जो हुआ, वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि एक ऐतिहासिक भूल का शर्मनाक दोहराव भी है। सुमित्रो चटर्जी ने कहा कि वे एक सच्चे देशभक्त और बंकिम बाबू के परिवार के सदस्य होने के नाते यह पत्र लिख रहे हैं और कांग्रेस मुख्यालय में जो कुछ हुआ, उससे उन्हें भारी ठेस पहुंची है। इसे भी पढ़ें: माफी का सवाल नहीं, Vande Mataram Controversy पर Amit Shah के आरोपों पर Congress का पलटवार
सोनिया गांधी इटली से आईं, उन्हें महत्व नहीं पता
मीडिया से बातचीत के दौरान सुमित्रो चटर्जी ने काफी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "सोनिया गांधी इटली से आई हैं, उन्हें शायद वंदे मातरम का असली महत्व और इसकी भावना नहीं पता। लेकिन मल्लिकार्जुन खरगे तो भारत के ही हैं, उन्हें तो सब समझ आना चाहिए था और सोनिया जी को रोकना चाहिए था।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के इस रवैये से न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे बंगाल और देश भर के लोगों को बहुत बुरा लगा है। इसे भी पढ़ें: Vande Mataram Controversy: राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप, चित्तौड़गढ़ में Amit Shah ने Sonia Gandhi पर साधा निशाना
सोनिया और खरगे को भेजा मेल
सुमित्रो चटर्जी ने बताया कि उन्होंने सोनिया गांधी को मेल भेजकर वंदे मातरम के ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व के बारे में विस्तार से समझाया है। इस मेल की एक कॉपी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी भेजी गई है। चटर्जी ने कहा कि राष्ट्रगीत के दौरान सोनिया गांधी का बॉडी लैंग्वेज और बर्ताव बिल्कुल भी बर्दाश्त करने लायक नहीं था। जब उनसे आगे के विरोध-प्रदर्शन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अनुशासन से चलती है और वे प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। पार्टी जैसा फैसला लेगी, आगे वैसा ही कदम उठाया जाएगा।
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