Responsive Scrollable Menu

दिल्ली सरकार की ईवी पॉलिसी से उद्योग जगत हुआ खुश, इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा, प्रदूषण भी घटेगा

उद्योग मंडल फिक्की के महासचिव अनंत स्वरूप ने कहा कि सब्सिडी का यह प्रावधान आम लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा और स्वच्छ परिवहन का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाएगा.

Continue reading on the app

Kotak Bank में Ashok Vaswani का दौर खत्म, नए CEO के सामने निवेशकों के भरोसे की सबसे बड़ी चुनौती

देश के निजी बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कोटक महिंद्रा बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक अशोक वासवानी ने वर्ष के अंत में दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है। इसके साथ ही बैंक में नए नेतृत्व की तलाश शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। करीब 35 वर्षों का अनुभव रखने वाले अशोक वासवानी का कार्यकाल कई महत्वपूर्ण घटनाओं और चुनौतियों से भरा रहा, जिसमें बैंक ने कारोबार का विस्तार तो किया, लेकिन मुनाफे और निवेशकों को मिलने वाले प्रतिफल में अपेक्षित मजबूती नहीं दिखा सका।

बता दें कि अशोक वासवानी ने बैंक की कमान संभालने के कुछ ही महीनों बाद बैंक को एक बड़े नियामकीय झटके का सामना करना पड़ा। अप्रैल 2024 में भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक की तकनीकी प्रणालियों में पाई गई कमियों को लेकर डिजिटल माध्यम से नए ग्राहकों को जोड़ने और नए ऋण कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी थी। यह प्रतिबंध लगभग दस महीने तक लागू रहा और बाद में हटाया गया। गौरतलब है कि इस कार्रवाई का असर बैंक की छवि और मुनाफे पर भी देखने को मिला था।

इसी दौरान पश्चिम एशिया में संघर्ष भी शुरू हुआ, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी। मौजूद जानकारी के अनुसार अशोक वासवानी ने कहा था कि बैंक इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। हालांकि बैंक ने इस संकट को देखते हुए कोई अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान नहीं किया, लेकिन वित्त वर्ष 2027 के दौरान लाभ के अंतर में दबाव बने रहने की संभावना जरूर जताई थी।

इन चुनौतियों के बावजूद बैंक का कुल कारोबार लगातार बढ़ता रहा। वित्त वर्ष 2024 के अंत तक बैंक की कुल परिसंपत्तियां लगभग 3.76 लाख करोड़ रुपये थीं, जो वित्त वर्ष 2025 के अंत तक बढ़कर 4.26 लाख करोड़ रुपये हो गईं। इसके बाद वित्त वर्ष 2026 के अंत तक बैंक की ऋण पुस्तिका बढ़कर 4.96 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। यानी केवल एक वर्ष में करीब 70 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2024 से 2026 के बीच बैंक के कुल ऋण वितरण में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

बता दें कि वर्ष 2025 में स्टैंडर्ड चार्टर्ड इंडिया की 3,330 करोड़ रुपये की व्यक्तिगत ऋण पुस्तिका का अधिग्रहण भी बैंक के विस्तार में सहायक साबित हुआ। वहीं बैंक की जमा राशि भी लगातार बढ़ी। वित्त वर्ष 2024 के अंत में जहां कुल जमा राशि 4.48 लाख करोड़ रुपये थी, वहीं वित्त वर्ष 2026 तक यह बढ़कर 5.72 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई, जो करीब 27 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।

अगर मुनाफे की बात करें तो इसमें लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मार्च 2024 तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 4,133 करोड़ रुपये और शुद्ध ब्याज आय 6,909 करोड़ रुपये रही थी। इसके बाद जून 2025 तिमाही में शुद्ध लाभ बढ़कर 6,249 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि बाद की तिमाहियों में इसमें गिरावट दर्ज की गई।

मार्च 2025 तिमाही तक बैंक का शुद्ध लाभ घटकर 3,551 करोड़ रुपये रह गया, जबकि शुद्ध ब्याज आय बढ़कर 7,283 करोड़ रुपये हो गई। विशेषज्ञों के अनुसार इसका प्रमुख कारण सूक्ष्म वित्त और बिना गारंटी वाले खुदरा ऋणों के लिए अधिक प्रावधान करना तथा भारतीय रिजर्व बैंक की तकनीकी रोक का प्रभाव रहा। हालांकि वित्त वर्ष 2026 के अंत तक बैंक ने कुछ सुधार करते हुए 4,026 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ और 7,875 करोड़ रुपये की शुद्ध ब्याज आय दर्ज की।

गौरतलब है कि इस दौरान बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता मजबूत बनी रही। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात वित्त वर्ष 2024 के 1.39 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2026 के अंत तक 1.20 प्रतिशत पर आ गया, जिसे बैंक के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

इस बीच एक्सिस सिक्योरिटीज ने अपनी एक शोध रिपोर्ट में कहा है कि कोटक महिंद्रा बैंक अब विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। संस्था का मानना है कि बैंक जोखिम प्रबंधन से समझौता किए बिना आगे तेज विकास की स्थिति में दिखाई दे रहा है।

हालांकि शेयर बाजार में बैंक का प्रदर्शन उसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कमजोर रहा। बैंक का मूल्यांकन अनुपात अभी भी एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक से अधिक है, लेकिन जनवरी 2024 से जून 2026 तक बैंक के शेयरों ने केवल लगभग 10 प्रतिशत का प्रतिफल दिया। इसी अवधि में आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों ने करीब 40 प्रतिशत और कुछ मध्यम आकार के निजी बैंकों, जैसे फेडरल बैंक तथा साउथ इंडियन बैंक, ने इससे भी बेहतर प्रतिफल दिया। हालांकि कोटक महिंद्रा बैंक ने एचडीएफसी बैंक के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया, जिसके शेयरों में इसी अवधि के दौरान लगभग पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मौजूद जानकारी के अनुसार अब बैंक के अगले प्रमुख के सामने केवल कारोबार बढ़ाना ही चुनौती नहीं होगी, बल्कि निवेशकों का भरोसा मजबूत करना और बेहतर प्रतिफल देना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। मीडिया रिपोर्टों में बैंक के सीनियर अधिकारियों परितोष कश्यप और अनुप साहा को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में भी देखा जा रहा हैं।

Continue reading on the app

  Sports

Ireland में इंतजार, अब England में डेब्यू! Vaibhav Suryavanshi पर Sunil Gavaskar ने जताया भरोसा

भारतीय क्रिकेट में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जिस युवा खिलाड़ी की हो रही है, वह बिहार के समस्तीपुर के 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी हैं। आयरलैंड दौरे पर उनके अंतरराष्ट्रीय पदार्पण की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन टीम प्रबंधन ने पहले मुकाबले में उन्हें अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। अब भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भरोसा जताया है कि वैभव को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली पांच टी-20 मैचों की श्रृंखला में जरूर मौका मिल सकता है।

बता दें कि वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम में जगह मिली थी। राजस्थान की टीम के लिए खेलते हुए उन्होंने पूरे सत्र में 700 से अधिक रन बनाए और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद उनका चयन राष्ट्रीय टीम में हुआ और क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद थी कि वह आयरलैंड के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करेंगे।

हालांकि पहले टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम प्रबंधन ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की सलामी जोड़ी पर भरोसा बनाए रखा। वहीं युवा खिलाड़ियों प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे को पदार्पण का अवसर मिला, जबकि वैभव को इंतजार करना पड़ा।

सुनील गावस्कर ने कहा कि जब भारतीय टीम आयरलैंड दौरे पर रवाना हुई थी, तब उन्हें पूरा विश्वास था कि अपेक्षाकृत आसान मानी जाने वाली इस श्रृंखला में वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया जाएगा। उनका मानना था कि ऐसे दौरे युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ढालने के लिए सबसे उपयुक्त होते हैं। यदि ऐसा होता तो वैभव इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ होने वाली चुनौती से पहले जरूरी अनुभव हासिल कर सकते थे।

गावस्कर ने यह भी कहा कि अब इंग्लैंड दौरे पर वैभव के खेलने की संभावना बनी हुई है। मौजूद जानकारी के अनुसार उनका मानना है कि आयरलैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले का परिणाम और भारतीय सलामी बल्लेबाजों का प्रदर्शन आगे की रणनीति तय करेगा। यदि शीर्ष क्रम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करता है तो इंग्लैंड के खिलाफ वैभव को सलामी बल्लेबाज के रूप में उतारा जा सकता है। ऐसे में मौजूदा सलामी बल्लेबाजों में से किसी एक को मध्यक्रम में भेजा जा सकता है।

सुनील गावस्कर ने कहा कि इतनी कम उम्र में इस तरह के रिकॉर्ड बनाना असाधारण उपलब्धि है। उनका मानना है कि यही वजह है कि क्रिकेट प्रेमी वैभव को जल्द से जल्द भारतीय टीम की जर्सी में खेलते हुए देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ी रोज पैदा नहीं होते और उनकी प्रतिभा को सही समय पर अवसर मिलना भी जरूरी होता है।

बता दें कि भारत इस समय टी-20 विश्व विजेता है और टीम प्रबंधन भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की रणनीति पर भी काम कर रहा है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें आयरलैंड के दूसरे मुकाबले और उसके बाद इंग्लैंड दौरे के लिए चुनी जाने वाली अंतिम एकादश पर रहेंगी, जहां यह तय हो सकता है कि भारतीय क्रिकेट का यह उभरता सितारा कब अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की पहली पारी खेलता है।
Mon, 29 Jun 2026 22:48:23 +0530

  Videos
See all

UP Politics: गरीबों के लिए SP के पास फुर्सत नहीं- CM योगी | Akhilesh Yadav | BJP | SP | CM Yogi #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-29T17:44:55+00:00

China में जिनपिंग का तख्तापलट फेल! | General Ju Qiansheng | Xi Jinping | Breaking News | #Shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-29T17:44:35+00:00

Ram Mandir Scam: असली चोरी से ध्यान हटाना है, हम ध्यान नहीं हटने देंगे-Pawan Khera,कांग्रेस नेता #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-29T17:40:04+00:00

Ram Mandir Donation Scam: कैसे होती थी राम 'दान' की चोरी?...कैसे होता था नोटों के बंडल का स्कैंडल? #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-29T17:45:36+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers