कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, देखें किस राज्य में क्या है दाम
ब्रेंट क्रूड एक बार फिर से 73 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। उत्तराखंड में एक लीटर पेट्रोल का दाम अब ₹100.96 है। उत्तर प्रदेश में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.76 और पश्चिम बंगाल में ₹114.20 पर पहुंच गई है।
US Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच थमेगी जंग, कतर में होने वाली हाई-लेवल मीटिंग पर बनी बात
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी घातक मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई के सिलसिलों पर फिलहाल अस्थाई रूप से ब्रेक लग गया है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच मंगलवार को कतर में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक होने जा रही है।
'एक्सियोस' की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रस्तावित वार्ता से ठीक पहले दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से एक-दूसरे के खिलाफ सभी प्रकार के सैन्य अभियानों को अस्थाई रूप से रोकने का फैसला किया है। तनाव के चरम पर पहुंचने के बाद दोनों सेनाओं द्वारा कदम पीछे खींचने के इस निर्णय को खाड़ी क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
स्विट्जरलैंड की जगह अब दोहा में होगी बैठक, एजेंडे का दायरा हुआ सीमित
शुरुआती योजना के अनुसार, यह बैठक स्विट्जरलैंड में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करने के हिस्से के रूप में प्रस्तावित थी। लेकिन हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए ड्रोन और हवाई हमलों के बाद बदले हालातों को देखते हुए राजनयिकों ने बैठक का स्थान बदलकर कतर की राजधानी दोहा कर दिया है।
इसके साथ ही बैठक के एजेंडे को भी सीमित कर दिया गया है। अब इस पूरी बातचीत का मुख्य फोकस केवल होर्मुज जलमार्ग से जुड़े विवादों को सुलझाने और वहां सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा। इस वार्ता में अमेरिकी तकनीकी टीम के प्रमुख निक स्टीवर्ट के भी शामिल होने की पूरी संभावना है, जो अपनी टीम के साथ जमीनी सुरक्षा मानकों की समीक्षा करेंगे।
होर्मुज में कमर्शियल जहाजों का रूट रहेगा चालू, वार्ता तक हमले नहीं करेंगे दोनों देश
दोनों देशों के बीच बनी नई सहमति के तहत जब तक कतर में बातचीत की प्रक्रिया जारी रहेगी, तब तक होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य बनी रहेगी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड और ईरानी अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।
इससे पहले, होर्मुज में सिंगापुर और पनामा के तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने 24 घंटे में दो बार ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, जिसके जवाब में ईरान की सेना आईआरजीसी ने भी कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर तबाही का दावा किया था। इन हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को सख्त चेतावनी दी थी, जिसके बाद वैश्विक स्तर पर कतर ने मध्यस्थता की कमान संभाली।
ईरान की इस मुख्य मांग पर फंसा है पेच, बातचीत से सुलझेगा विवाद
इस पूरे विवाद को स्थाई रूप से सुलझाने की राह में ईरान की एक मुख्य मांग सबसे बड़ा पेंच बनी हुई है। दरअसल, ईरान का कहना है कि होर्मुज जलमार्ग से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों को सीधे ईरानी अधिकारियों और तटरक्षक बल के साथ समन्वय करना चाहिए और उनकी निगरानी में ही आगे बढ़ना चाहिए। दूसरी तरफ, अमेरिका का तर्क है कि ईरान की यह मांग पूर्व में हुए मूल शांति समझौते की सीमा से बहुत आगे की है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा, भविष्य में ऐसे सीधे सैन्य टकरावों से बचने के लिए पिछले सप्ताह स्विट्जरलैंड में अमेरिकी सेना और आईआरजीसी के बीच एक हॉटलाइन स्थापित करने पर भी सहमति बनी थी, जो किन्हीं तकनीकी कारणों से अब तक शुरू नहीं हो सकी है। कतर की इस बैठक में इन सभी लंबित तकनीकी मुद्दों और हॉटलाइन को तुरंत एक्टिव करने पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।
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