CM मोहन यादव ने किया पल्स पोलियो अभियान और सुमन पंचायत का शुभारंभ, कहा, “माता-पिता के बाद डॉक्टर ही भगवान”
मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने 28 जून को भोपाल में स्थित आर.सी.वी.पी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित एक कार्यक्रम में पल्स पोलियो अभियान और सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (SUMAN) पंचायत का शुभारंभ किया है। इस मौके पर उन्होंने विभागों के समन्वय और क्षमता संवर्धन पर आधारित स्टेट एंटी माइक्रोबॉयल रेजिस्टेंस 2.0 पॉलिसी का अनावरण भी किया है। एचपीवी टीकाकरण अभियान और स्वस्थ यकृत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित भी किया गया।
सीएम मोहन यादव ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान (Pulse Polio Abhiyan) के तहत बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने रविवार को बैतूल में स्वस्थ, सुरक्षित और उज्जवल भविष्य के संकल्प को सशक्त करने के उद्देश्य के साथ बैतूल में बच्चों को पोलियो की खुराक भी पिलाई। भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में दीप प्रज्वलित कर इस अभियान को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। वहीं सुमन पंचायत के जरिए मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी आने की उम्मीद है। इस दिशा में बेहतर काम करने वाली पंचायतों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
पल्स पोलियो अभियान के लिए 1400 मोबाइल टीमें तैयार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के लिए प्रदेश में 1400 विशेष मोबाइल टीमें बनी हैं। 43 हजार टीमें घर-घर जाकर वैक्सीनेशन करेंगी। 1 लाख 66 हजार वैक्सीनेटर्स और 26 हजार सुपरवाइजर इस अभियान में लगे हैं। प्रदेश में 83 हजार पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। उन्होंने इस अभियान के लिए शुभकामनाएं दी। साथ ही नागरिकों से 0-5 साल के बच्चों को इससे वंचित न रखने की अपील भी की है।
दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार…
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत आज बैतूल में बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाकर उनके स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प को सशक्त किया।
आइए, हम सभी सुनिश्चित करें कि 0 से 5 वर्ष का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से… pic.twitter.com/MhqqO3NUbJ
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 28, 2026
माता-पिता के बाद डॉक्टर भगवान- सीएम मोहन यादव
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा, “हमने भगवान नहीं देखा, लेकिन कष्ट से समय जब हम डॉक्टरों को अपना इलाज करते देखते हैं और ठीक होते हैं, तो हमें लगता है कि माता-पिता के बाद यही भगवान हैं, जो हमारे सामने खड़े हैं।” आगे उन्होंने कहा, “मुझे इस बात की खुशी है कि हमारे सभी फील्ड के डॉक्टरों का रिकॉर्ड तारीफ के काबिल है। हमने सरकार के गठन के साथ ही स्वास्थ्य को प्राथमिकता पर रखा। यही कारण है कि हमने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई प्रयोग भी किए। हमने दो मंत्रालयों को एक किया, भले ही यह चुनौतीपूर्ण था।”
स्टेट एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस 2.0 पॉलिसी को लेकर सीएम ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोरोना काल की चर्चा है और अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, उनका आप पर, जनता पर, देश की क्षमता पर जो विश्वास था, उसका परिणाम हमें मिला। कोविड के उस दौर में दुनिया ने भारत को इस बीमारी से निपटते भी देखा और इससे बचकर आगे बढ़ते भी देखा।” आगे सीएम यादव ने कहा, “सुरक्षा केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमाओं के पार से आने वाले स्वास्थ्य संकटों से मुकाबला करना भी उतना ही आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग की स्टेट एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस 2.0 पॉलिसी इसी सोच का सशक्त उदाहरण है और वास्तव में एक अतुलनीय पहल है।” उन्होंने कहा कि यह एक्शन प्लान एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगा।
पीएम मोदी के 12 साल हमारे लिए वरदान- मुख्यमंत्री मोहन यादव
सीएम मोहन ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष का कार्यकाल हमारे लिए वरदान है। उनके माध्यम से हमारे बड़े-बड़े लक्ष्य पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान, यकृत मिशन, सिकल सेल उन्मूलन, एक के बाद एक योजनाओं से भारत की जनता को लाभ मिला है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि HPV टीकाकरण अभियान में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सर्वाइकल कैंसर बीमारी के टीकाकरण का 96 फीसदी लक्ष्य विभाग ने हासिल कर लिया है।
आज भोपाल में पल्स पोलियो अभियान और सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) पंचायत’ का शुभारंभ किया। ‘सुमन’ पंचायत नवाचारी पहल से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी और इस दिशा में बेहतर काम करने वाली पंचायतें पुरस्कृत की जाएंगी।
एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग को रोकने के लिए… pic.twitter.com/mUqwCHnX41
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 28, 2026
अयोध्या रामलला के दर्शन करने जाएंगे सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बोले- भाजपा के लिए ‘नेशन फर्स्ट’ नहीं, बल्कि ‘डोनेशन फर्स्ट’
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रामनगरी अयोध्या में ‘गोरखधंधे’ का गंभीर आरोप लगाते हुए आगामी अयोध्या दौरे की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भगवान श्रीराम मंदिर में दर्शन के लिए जाएंगे, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके लिए ‘नेशन फर्स्ट’ नहीं, बल्कि ‘डोनेशन फर्स्ट’ है। प्रयागराज में रविवार (28 जून 2026) को आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख ने यह महत्वपूर्ण बयान दिया।
अखिलेश यादव ने अपनी पत्रकार वार्ता में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि “रामनगरी में गोरखधंधा चल रहा है,” जिसकी जानकारी समाजवादी पार्टी ने पहले भी सार्वजनिक की थी। उनका यह बयान अयोध्या में मंदिर निर्माण और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन पर सवाल खड़े करता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे मर्यादा पुरुषोत्तम राम मंदिर के दर्शन करने अवश्य जाएंगे, लेकिन वे उन अनियमितताओं को भी उजागर करते रहेंगे जो उनके अनुसार पवित्र रामनगरी में हो रही हैं।
सपा प्रमुख ने भाजपा पर लगाया परीक्षाओं में मनमानी करने का आरोप
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर परीक्षाओं में मनमानी करने का आरोप लगाते हुए युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से 69 हजार शिक्षक भर्ती का जिक्र किया, जहां ओबीसी को 27 प्रतिशत, एससी को 21 प्रतिशत और एसटी को 2 प्रतिशत आरक्षण मिलना था, लेकिन अखिलेश यादव के अनुसार, इन निर्धारित आरक्षण मानकों का पालन नहीं किया गया। यह आरोप सरकार की भर्ती प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठाता है और लाखों युवाओं को प्रभावित करता है।
पेपर लीक मुद्दे को लेकर भाजपा पर भड़के अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने पेपर लीक के लगातार हो रहे मामलों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि “अगर हम पेपर लीक की बात न करें, छात्रों की बात न करें, तो बात अधूरी रह जाएगी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि “नौजवान छात्र हमारा भविष्य हैं, ये देश का फाउंडेशन हैं।” पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें हाल ही में महाराष्ट्र में पेपर लीक की खबर मिली है, और उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में भी कई पेपर लीक हुए हैं। अखिलेश यादव ने 2017 से लेकर अब तक के ऐसे मामलों का विस्तृत उल्लेख किया, जिससे सरकार पर छात्रों के भविष्य के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप और पुख्ता होता है।
सनातन धर्म की आड़ में ‘गोरखधंधे’ नहीं होने चाहिए: अखिलेश यादव
सनातन धर्म की आड़ में हो रहे कथित ‘गोरखधंधे’ पर भी अखिलेश यादव ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि समाजवादी लोग सनातन धर्म की रक्षा चाहते हैं, लेकिन वे यह भी चाहते हैं कि सनातन धर्म की आड़ में किसी भी प्रकार का ‘गोरखधंधा’ न हो। इस बयान के माध्यम से उन्होंने धर्म का राजनीतिकरण करने और कथित अनियमितताओं को छिपाने के प्रयासों पर सवाल उठाया। अंत में, उन्होंने भाजपा के नाम को व्यंग्यात्मक रूप से ‘भाचपा’ रखने का सुझाव दिया, जिसका अर्थ उन्होंने ‘चतुराई, चंदा, चोरी, चालबाजी’ बताया। यह टिप्पणी भाजपा की कार्यप्रणाली और राजनीतिक रणनीतियों पर उनके गहरे असंतोष को दर्शाती है। अखिलेश यादव के इन बयानों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें अयोध्या, धार्मिक आस्था, सरकारी भर्ती और छात्रों के मुद्दे एक साथ उठ खड़े हुए हैं।
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) June 28, 2026
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