NEET Paper Leak Rumour: सोशल मीडिया पर NEET UG 2026 की पुन: परीक्षा के पेपर लीक होने के दावे वायरल हो रहे थे, जिसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। NTA ने स्पष्ट किया है कि ये दावे निराधार और अफवाह हैं। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर फर्जी वीडियो बनाना या फैलाना एक गंभीर अपराध है।
NTA ने कहा कि वे वायरल इमेज की जांच कर रहे हैं ताकि पता लगाया जा सके कि यह प्रश्न पत्र किस छात्र को जारी किया गया था। एजेंसी ने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बिहार में 'मुन्ना भाई' घोटाले का पर्दाफाश जहां एक ओर NTA पेपर लीक की खबरों को नकार रहा है, वहीं बिहार के लखीसराय जिले में NEET UG पुन: परीक्षा के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां असली परीक्षार्थी की जगह दूसरे व्यक्ति (सॉल्वर) को बैठाने का मामला प्रकाश में आया है, जिसे 'मुन्ना भाई' घोटाले के रूप में देखा जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने 12 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व DIG रैंक के अधिकारी कर रहे हैं, जिसमें एक SP, पाँच DSP और पाँच इंस्पेक्टर शामिल हैं।
क्या है '220' कोड का राज? जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के लिए '220' कोड का इस्तेमाल किया गया था। कार्यप्रणाली के अनुसार, असली उम्मीदवार परीक्षा केंद्र से करीब 100 मीटर दूर एक वाहन में बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करता था। इसके बाद डमी उम्मीदवार केंद्र के अंदर जाकर बायोमेट्रिक कर्मचारी को '220' कोड बोलता था।
???? BREAKING: Massive evidence of the NEET paper leak has surfaced. I have video proof showing clear irregularities that compromise the entire exam's integrity. NTA needs to answer for this immediately. Millions of students deserve justice. Watch below. ????#NEETPaperLeak#NTA#NMCpic.twitter.com/caSU12cJEf
इस कोड को सुनते ही कर्मचारी समझ जाता था कि सत्यापन बाहर हो चुका है और वह केवल दिखावे के लिए लैपटॉप पर बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी कर डमी उम्मीदवार को अंदर जाने देता था।
मेडिकल छात्रों की संलिप्तता की आशंका प्रारंभिक पूछताछ में कई गिरफ्तार व्यक्तियों ने दावा किया है कि वे चिकित्सा संस्थानों से जुड़े हैं। सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए संदिग्ध पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH), गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज (ANMMCH) और दिल्ली समेत अन्य संस्थानों के छात्र बताए जा रहे हैं। SIT अब इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचने के लिए गहन जांच कर रही है, ताकि इस गिरोह से जुड़े सभी लोगों को बेनकाब किया जा सके।
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