Atal Bihari Vajpayee को CM Yogi ने दी श्रद्धांजलि, कहा- उनका जीवन राष्ट्र प्रथम का उदाहरण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ खाते पर एक पोस्ट में कहा, “राष्ट्रनिष्ठा, लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्श राजनीति के शिखर पुरुष, पूर्व प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।” उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने ओजस्वी चिंतन, मर्यादित आचरण और कर्मनिष्ठ जीवन से भारतीय लोकतंत्र में शुचिता, राजनीति में नैतिकता और राष्ट्रसेवा के उच्च आदर्श स्थापित किए। उन्होंने कहा कि वाजपेयी का संपूर्ण जीवन ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का जीवंत उदाहरण है।
योगी ने कहा कि राष्ट्रोन्नति के प्रति वाजपेयी का अटूट संकल्प आज भी प्रत्येक देशवासी को ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करता है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने ‘एक्स’ पर वाजपेयी की कविता की पंक्तियां—“हार नहीं मानूंगा, रार नयी ठानूंगा…काल के कपाल पर लिखता-मिटाता हूं, गीत नया गाता हूं...” साझा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने अपने ओजस्वी विचारों और दूरदर्शी नेतृत्व से भारतीय राजनीति को नयी ऊंचाई दी और उनका राष्ट्रसेवा को समर्पित जीवन सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
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उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाजपेयी को भारतीय राजनीति का अजातशत्रु, ओजस्वी कवि और पूर्व प्रधानमंत्री बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि विचारों में अडिगता, व्यवहार में विनम्रता और निर्णयों में राष्ट्रहित उनके सार्वजनिक जीवन की विशिष्ट पहचान थी। उन्होंने अपने आचरण से सिद्ध किया कि सिद्धांतों की मजबूती और लोकतांत्रिक सहमति के साथ भी देश को प्रभावी नेतृत्व दिया जा सकता है।
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मौर्य ने कहा कि पोखरण के ऐतिहासिक निर्णय से भारत को सामरिक सामर्थ्य देने से लेकर आधुनिक अवसंरचना की मजबूत नींव रखने तक वाजपेयी का योगदान अविस्मरणीय है और उनकी दूरदृष्टि, कर्मनिष्ठा तथा देश के प्रति अटूट समर्पण सदैव पथ आलोकित करते रहेंगे। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी वाजपेयी को भारतीय राजनीति का युगपुरुष, असंख्य कार्यकर्ताओं का पथप्रदर्शक और प्रेरणास्रोत बताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पाठक की देखरेख में लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में ‘अटल स्मृति संध्या’ का आयोजन किया गया है।
इसके मुख्य अतिथि योगी आदित्यनाथ होंगे। कार्यक्रम में पद्मश्री अशोक चक्रधर एकल काव्यपाठ करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त 2018 को 93 वर्ष की उम्र में हुआ था।
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उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार देश का नेतृत्व किया। वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को हुआ था।
Ashish Banerjee का शव बीरभूम के TMC कार्यालय में फंदे से लटका मिला, सुसाइड नोट बरामद
पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी का शव बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में रविवार सुबह फंदे से लटका मिला। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि रामपुरहाट के हताताला पाड़ा इलाके में बनर्जी के आवास के पास स्थित पार्टी कार्यालय से एक कथित ‘सुसाइड नोट’ भी बरामद हुआ है।
पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। सूत्रों ने बताया कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि बनर्जी की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस कथित ‘सुसाइड नोट’ में लिखी बातों की जांच कर रही है।
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तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बनर्जी ने 2001 से 2026 तक राज्य विधानसभा में रामपुरहाट निर्वाचन क्षेत्र का लगातार प्रतिनिधित्व किया था। वह विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पूर्ववर्ती सरकार में स्कूली शिक्षा एवं कृषि समेत विभिन्न विभागों के मंत्री भी रहे। उन्होंने 2026 का विधानसभा चुनाव रामपुरहाट सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ध्रुव साहा से 24,000 से अधिक मतों के अंतर से हार गए थे।
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पार्टी सूत्रों ने बताया कि चुनाव में हार के बाद बनर्जी राजनीति में खास सक्रिय नहीं थे। तृणमूल कांग्रेस के नेता अनुब्रत मंडल के पार्टी का जिलाध्यक्ष रहने के दौरान बनर्जी बीरभूम में पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब इस साल हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार और उसके 15 वर्ष के शासन का अंत होने के बाद पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है।
तृणमूल कांग्रेस के कई पूर्व विधायक और नेता भ्रष्टाचार से संबंधित जांच का सामना कर रहे हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या बनर्जी ने आत्महत्या की और यदि ऐसा है तो उन्हें किस वजह से यह कदम उठाना पड़ा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कथित ‘सुसाइड नोट’ की सामग्री से उनकी मौत से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में और जानकारी मिलने की संभावना है।
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