ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी में 284 पर ऑलआउट:बांग्लादेश को 57 रन का लक्ष्य, ग्रीन ने जड़ा शतक, मेहदी ने लिए 5 विकेट
डार्विन टेस्ट में कैमरन ग्रीन के शतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया पहली पारी के 228 रन के घाटे से निकलकर 56 रन की बढ़त लेने में सफल रहा। ग्रीन ने 104 रन बनाए, जबकि मेहदी हसन मिराज ने 5 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी को 284 रन पर समेट दिया। अब बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज करने के लिए 57 रन बनाने हैं। 74 रन पर चौथा विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए थे ग्रीन ग्रीन उस समय बल्लेबाजी के लिए आए थे जब ऑस्ट्रेलिया ने 74 रन पर अपना चौथा विकेट गंवा दिया था। टीम पहली पारी में 198 रन पर आउट होने के कारण बांग्लादेश से 228 रन पीछे थी। ऐसे समय में ग्रीन ने पारी को संभाला और पहले स्टीव स्मिथ के साथ 49 रन की साझेदारी की। स्मिथ के आउट होने के बाद ग्रीन ने एलेक्स कैरी के साथ भी महत्वपूर्ण साझेदारी की। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया 4 विकेट पर 161 रन बना चुका था और बांग्लादेश से 67 रन पीछे था। ग्रीन 43 और कैरी 19 रन बनाकर नाबाद थे। ग्रीन ने टिककर बल्लेबाजी की, फिर शतक पूरा किया चौथे दिन ग्रीन ने पारी को आगे बढ़ाते हुए पहले ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश की बढ़त के करीब पहुंचाया और फिर टीम को आगे भी निकाल दिया। उन्होंने लंबी पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को मैच में वापस लाया। ग्रीन ने अपना शतक पूरा किया और 104 रन बनाकर आउट हो गए। उनके शतक का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि जब वह क्रीज पर आए थे, तब ऑस्ट्रेलिया 228 रन के बड़े घाटे में था। ग्रीन ने विकेट बचाकर बल्लेबाजी की और टीम को पहले घाटे से बाहर निकाला, फिर बढ़त दिला दी। मेहदी हसन मिराज ने 5 विकेट लिए मेहदी हसन मिराज ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 5 विकेट लिए। उन्होंने एलेक्स कैरी को 30 रन पर लिटन दास के हाथों कैच कराया, इसके बाद बो वेबस्टर को 12 रन पर बोल्ड किया। फिर पैट कमिंस को 9 रन पर शॉर्ट लेग में कैच कराया। ग्रीन के 104 रन के शतक के बाद मेहदी ने उनकी पारी भी खत्म की और आखिर में नाथन लायन को 15 रन पर LBW कर ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 284 रन पर समेट दी। बांग्लादेश ने पहली पारी में 426 रन बनाए बांग्लादेश ने पहली पारी में 426 रन बनाए थे। तंजिद हसन ने 101 रन की पारी खेली थी। यह ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर किसी बांग्लादेशी बल्लेबाज का पहला टेस्ट शतक था। नजमुल हुसैन शांतो ने 84 रन बनाए, जबकि मेहदी हसन मिराज ने 65 रन की उपयोगी पारी खेली। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 198 रन पर सिमट गई थी। हसन महमूद ने 6 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी को दबाव में रखा था। बांग्लादेश ऑस्ट्रेलिया में पहली जीत के करीब बांग्लादेश ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट जीत की कोशिश में है। तीसरे दिन तक वह मैच पर मजबूत पकड़ बनाए हुए था और ऑस्ट्रेलिया 67 रन पीछे था। लेकिन ग्रीन के शतक और ऑस्ट्रेलिया की 50 रन की बढ़त ने अब बांग्लादेश के सामने चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करने की चुनौती खड़ी कर दी है। ऑस्ट्रेलिया के अभी दो विकेट बाकी हैं, इसलिए उसकी बढ़त और बढ़ सकती है।
बिहार की नूतन सिंह ने दिया WPL के लिया ट्रायल:वैभव सूर्यवंशी के कोच से लिया ट्रेनिंग, बोलीं-मेरी बॉलिंग पर मारते थे चौके-छक्के; हरमनप्रीत को आउट करना सपना
वैभव सूर्यवंशी के बाद समस्तीपुर से एक नए खिलाड़ी का उदय हुआ है। विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के लिए बिहार की नूतन सिंह का ‘यूपी वॉरियर्ज’ टीम के ट्रायल के लिए चयन हुआ है। नूतन बिहार से पहली महिला क्रिकेटर हैं, जो ट्रायल के लिए WPL में गई थी। नूतन ने उसी कोच और अकादमी में ट्रेनिंग ली है, जहां से वैभव सूर्यवंशी खेला करते थे। यहां तक की नूतन ने वैभव के साथ भी प्रैक्टिस की है और उनके बॉल पर वैभव चौके-छक्के लगाए करते थे। नूतन ब्रेट ली और डेल स्टेन को अपना आइडल मानती है और उनका सपना हरमनप्रीत कौर को आउट करना है। नूतन सिंह ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की… ‘यूपी वॉरियर्ज’ टीम के लिए नूतन सिंह ने ट्रायल दिया नूतन ने 11 अगस्त से 14 अगस्त तक बेंगलुरु में आयोजित हुए ट्रायल में हिस्सा लिया था। अपने अनुभव को साझा करते हुए नूतन ने कहा, ‘काफी अच्छा एक्सपीरियंस रहा। इस WPL प्लेटफार्म से हमें आगे इंडिया टीम में खेलने का भी मौका मिलेगा। यूपी वॉरियर्ज टीम से कोच और सीनियर खिलाड़ी मौजूद थे। सभी ने ट्रायल के दौरान मदद की और मार्गदर्शन भी दिया।' CSK के मैच जीतने के बाद क्रिकेट को जानने का आया जुनून क्रिकेट को अपने पैशन के रूप में चुनने पर नूतन ने बताया कि उनके परिवार में उनके पिता को क्रिकेट काफी पसंद था और सभी लोग मिलकर मैच देखते थे। खासकर IPL में चेन्नई सुपर किंग्स के सभी फैन थे। एक साथ मिलकर टीवी पर मैच देखा करते थे। नूतन बताती हैं, ‘2018 में जब CSK ने फाइनल मैच जीता, तब मेरे मन में क्रिकेट को और जानने की इच्छा जागी। 2020 में कोविड के दौरान मैंने अकादमी में एडमिशन लिया और क्रिकेट खेलना शुरू किया था।’ जब नूतन ने क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला किया तो उनके माता-पिता ने भी उनका सपोर्ट किया। वैभव सूर्यवंशी के कोच से नूतन ने ली ट्रेनिंग नूतन ने उसी कोच और अकादमी में ट्रेनिंग ली है जहां से वैभव सूर्यवंशी खेला करते थे। समस्तीपुर क्रिकेट अकादमी में कोच ब्रजेश के अंडर उन्होंने 2 साल तक बॉलिंग की ट्रेनिंग ली। यहीं से उन्होंने पहली बार अंडर-19 भी खेला था। उसके बाद पटना के Gen X अकादमी में कोच अशोक से उन्होंने ट्रेनिंग ली। नूतन के बॉल पर वैभव सूर्यवंशी मारते थे चौके-छक्के नूतन ने आगे बताया कि जब वह अकादमी में ट्रेनिंग के लिए गई थी तो वहां पर पहले से ही वैभव सूर्यवंशी प्रैक्टिस कर रहे थे। यहां तक की दोनों ने साथ में कई बार प्रैक्टिस भी की और कई मैच भी खेले। क्रिकेट चुनने में माता-पिता का बहुत बड़ा रोल नूतन के माता-पिता दोनों मेडिकल लाइन में है। तीन बहनों में वह मंझली है। यहां तक पहुंचने की जर्नी को लेकर उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता का मेरे क्रिकेट करियर में बहुत बड़ा रोल रहा है। नूतन ने बताया, ‘मेरे पैरेट्स ने सबसे ज्यादा मुझ पर खर्च किया है। मेरे किट, जूते में काफी पैसे खर्च होते हैं, लेकिन वे मेरी हर जरूरत की चीज को पूरा करते हैं। वे मुझे बताते भी नहीं है कि चीजें कहां से आई, कैसे मैनेज किया। उनका यही कहना है कि मुझे किसी भी चीज की कमी नहीं होनी चाहिए।’ नूतन कहती हैं, ‘मैं दिन-रात मेहनत कर रही हूं, ताकि टीम इंडिया तक जाऊं। अपने परिवार और बिहार का नाम रोशन करूं।’
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