रक्षाबंधन पर UP रोडवेज का बहनों को बड़ा तोहफा, तीन दिन महिलाओं को मिलेंगी मुफ्त बस यात्रा
UP Roadways Buses to Run For Free on Raksha Bandhan: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने इस बार रक्षाबंधन के पावन पर्व पर महिलाओं को बड़ी राहत देने की पूरी तैयारी कर ली है. हर साल की तरह इस बार भी प्रदेशभर में महिलाओं को रोडवेज की साधारण बसों में तीन दिनों तक किसी भी प्रकार का किराया नहीं देना होगा. त्योहार के दौरान बहनों को सफर करने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए परिवहन विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं और बसों के फेरे भी बढ़ाने का निर्णय लिया है.
तीन दिनों तक महिलाएं कर सकेंगी मुफ्त सफर
रोडवेज की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, महिलाओं को यह निशुल्क यात्रा सुविधा कुल तीन दिनों के लिए दी जाएगी. इसके तहत बहनें 27 अगस्त को अपने भाइयों के पास जाने के लिए बिना किराए के सफर कर सकेंगी, 28 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार मनाएंगी और 29 अगस्त को वापस अपने घरों व गंतव्यों तक सुरक्षित लौट सकेंगी. इस पूरी यात्रा के दौरान महिला यात्रियों को टिकट काउंटर से 'शून्य रुपये' (Zero Fair) का जीरो टिकट जारी किया जाएगा.
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यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए ड्राइवरों और कंडक्टरों की छुट्टियां रद्द
रक्षाबंधन के आसपास के दिनों में बस अड्डों और सड़कों पर यात्रियों का भारी दबाव देखने को मिलता है. इस स्थिति से निपटने और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए परिवहन निगम ने कड़े कदम उठाए हैं. विभाग ने सभी चालकों (ड्राइवरों) और परिचालकों (कंडक्टरों) की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. अधिकारियों के अनुसार, आगामी करीब छह दिनों तक किसी भी बस स्टाफ को अवकाश नहीं दिया जाएगा, ताकि बसें निरंतर और सुचारू रूप से संचालित होती रहें.
यात्रियों की सुविधा के लिए कौशांबी डिपो से चलेंगी अतिरिक्त बसें
गाजियाबाद के कौशांबी डिपो से हर साल रक्षाबंधन पर मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड़ और अन्य नजदीकी जिलों के लिए भारी संख्या में महिलाएं यात्रा करती हैं. त्योहार से एक दिन पहले और मुख्य पर्व के दिन सुबह से ही बस स्टैंडों पर लंबी कतारें लग जाती हैं. महिला यात्रियों को भीड़भाड़ से बचाने और सुगम सफर देने के लिए कौशांबी डिपो द्वारा 250 अतिरिक्त बसों के बराबर फेरे बढ़ाए जाने का फैसला लिया गया है. यह विशेष अतिरिक्त संचालन 26 अगस्त से 31 अगस्त तक प्रभावी रहेगा.
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प्रमुख रूटों पर बढ़ाई जाएंगी बसों की फेरियां
यात्रियों की मांग और रूट की व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर बसों के चक्कर बढ़ाए गए हैं. इनमें प्रमुख रूप से लखनऊ रूट पर 30 फेरे, बरेली रूट पर 40 फेरे, हल्द्वानी रूट पर 10 फेरे, बदायूं रूट पर 70 फेरे और मैनपुरी रूट पर 44 फेरे बढ़ाए गए हैं. इसके अलावा कानपुर रूट पर 16 फेरे तथा एटा-अलीगढ़ रूट पर 40 अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे, जिससे यात्रियों को समय पर बसें मिल सकें. कौशांबी डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक के.एन. चौधरी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि रक्षाबंधन के त्यौहार को ध्यान में रखते हुए छह दिनों तक बसों के अतिरिक्त फेरे लगवाए जाएंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान महिला यात्रियों को रोडवेज बसों में पूरी तरह से निशुल्क सफर करने की सुविधा मिलेगी और उनसे किसी भी प्रकार का किराया नहीं वसूला जाएगा.
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चेंगलपट्टू जिले में डेंगू का डर, बच्चे अस्पताल में भर्ती
चेन्नई, 16 अगस्त (आईएएनएस)। चेंगलपट्टू जिले की कीरापक्कम पंचायत के विनायगपुरम में रहने वाले बच्चों में डेंगू बुखार की खबरों के बाद चिंता बढ़ रही है। बुखार से पीड़ित कई बच्चों को इलाज के लिए गुडुवांचेरी, चेंगलपट्टू और आस-पास के दूसरे इलाकों के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
बच्चों में बीमारी के तेजी से फैलने से माता-पिता और आम लोगों में चिंता है। डेंगू से पीड़ित या इलाज करा रहे बच्चों की सही संख्या की अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने कहा कि हाल के दिनों में बच्चों में बुखार और मच्छर से होने वाली बीमारी से जुड़े दूसरे लक्षण बढ़ रहे हैं। यह भी दावा किया कि यह स्वास्थ्य समस्या सिर्फ बच्चों तक ही सीमित नहीं है। क्षेत्र में कई बड़ों को कथित तौर पर बुखार, तेज सिरदर्द, उल्टी और सामान्य कमजोरी महसूस हो रही थी।
अलग-अलग उम्र के लोगों में एक जैसे लक्षण दिखने से यह डर बढ़ गया है कि अगर तुरंत बचाव के उपाय नहीं किए गए तो इंफेक्शन और फैल सकता है। माता-पिता ने स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर खास चिंता जताई है और इलाके में स्वास्थ्य पर कड़ी निगरानी रखने की मांग की है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से विनायगपुरम में मेडिकल कैंप लगाने, लक्षण वाले लोगों की स्क्रीनिंग करने और यह पक्का करने की अपील की कि जिन्हें आगे इलाज की जरूरत है, उन्हें बिना देर किए अस्पताल भेजा जाए।
स्थानीय लोगों ने तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य विभाग और कीरापक्कम पंचायत प्रशासन से अपील की है कि वे मिलकर काम करें और डेंगू से बचाव के तरीकों को तेज करें। लोगों ने तुरंत मच्छरों को नियंत्रित करने के ऑपरेशन शुरू करने की मांग की, जिसमें फॉगिंग और सार्वजनिक जगहों, नालियों और घरों के आस-पास जमा पानी को हटाना शामिल है।
उन्होंने मच्छरों के पनपने की संभावित जगहों की पहचान करने के लिए घर-घर जाकर जांच करने और डेंगू के लक्षण और परिवारों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, इस बारे में जागरूकता कैंपेन चलाने की भी मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि पास के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं, टेस्टिंग की सुविधाओं और मेडिकल स्टाफ को पर्याप्त मात्रा में होना चाहिए। बीमारी की तुरंत जानकारी और इलाज जरूरी है, खासकर बच्चों के मामले में।
बुखार, सिरदर्द, उल्टी या थकान महसूस करने वाले लोगों से खुद से दवा लेने के बजाय स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर दवा लेने की अपील की गई। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे इस स्थिति को सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्राथमिकता मानें और मामले सामने आने से पहले लगातार सफाई और बीमारी को नियंत्रित करने के ऑपरेशन शुरू करें। नियमित जांच और निष्पक्ष आधिकारिक अपडेट से लोगों की चिंता कम करने और संदिग्ध आउटब्रेक को और बिगड़ने से रोकने में मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
पीएके
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