वेनेजुएला भूकंप- 3 दिन में मौत का आंकड़ा 920 पहुंचा:करीब 3300 घायल; लोग खुद मलबा हटाकर अपनों की तलाश में जुटे
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 25 जून को आए दो भूकंप के तीन दिन बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 920 हो गई है। 3360 से ज्यादा लोग घायल हैं, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सरकारी राहत टीमों की कमी के कारण लोग अपने परिजनों को ढूंढ़ने के लिए खुद मलबा हटाने में जुटे हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 243 लोगों को जिंदा बचाया गया है। राहत और बचाव अभियान जारी है, इसलिए मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने कहा कि मलबे से जिंदा निकाला गया हर व्यक्ति किसी चमत्कार से कम नहीं है। इससे पहले सरकार ने बताया था कि 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। भूकंप की भयावहता की असल तस्वीर अभी आना बाकी है। इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को 9.5 लाख करोड़ रुपए के नुकसान हो सकता है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने आपातकाल लगा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड्रिग्ज से बात की। भारत ने वेनेजुएला के लिए राहत सामग्री भेजी है। परिवार खुद मलबा हटाकर तलाश कर रहे सबसे ज्यादा तबाही ला गुआइरा राज्य में हुई है। यहां कई परिवार हथौड़ों और अन्य औजारों से इमारतों का मलबा हटाकर अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में सरकारी बचाव दल बहुत कम पहुंचे हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, भूकंप के बाद पहले 48 से 72 घंटे मलबे में दबे लोगों को जिंदा निकालने के लिए सबसे अहम होते हैं। ऐसे में हर घंटे के साथ लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। 67 लाख लोग प्रभावित, हजारों बेघर इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, भूकंप से वेनेजुएला में करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें लगभग 20 लाख लोग राजधानी कराकस में रहते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के घर ढह गए हैं और वे खुले आसमान के नीचे या अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। दुनिया के कई देशों से पहुंची राहत टीमें वेनेजुएला सरकार के अनुसार, अमेरिका, मेक्सिको, कोलंबिया, अल सल्वाडोर, स्विट्जरलैंड समेत कई देशों के 861 बचावकर्मी राहत कार्य में जुटे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी 25 अंतरराष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू टीमों के करीब 1000 आपातकर्मी भेजने की घोषणा की है। राहत कार्य के लिए भारी मशीनें, दमकलकर्मी और आपातकालीन टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। अमेरिका ने भी भूकंप राहत कार्य के लिए वेनेजुएला पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने का फैसला किया है।
न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में 12,000 लोगों ने योग किया:इंडियन कॉन्सुलेट में कई देशों के राजनयिक शामिल हुए
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में शनिवार को 12 हजार से ज्यादा लोगों ने योग किया। दुनिया के सबसे व्यस्त चौराहों में गिने जाने वाले इस जगह पर अलग-अलग देशों और समुदायों के लोग योग करने के लिए जुटे। इस कार्यक्रम का आयोजन इंडियन कॉन्सुलेट न्यूयॉर्क ने किया। इस दौरान उत्तर अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भंडारी के कहा कि 12 हजार से ज्यादा लोगों ने कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। टाइम्स स्क्वायर जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर योग करना एक अनोखा अनुभव है और इससे लोगों को शांति का एहसास होता है। संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। तब से दुनिया के कई देशों में हर साल बड़े पैमाने पर योग दिवस मनाया जाता है। न्यूयॉर्क में योग गुरु एचआर नागेंद्र का ध्यान सत्र अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित इंडियन कॉन्सुलेट में योग गुरु एच आर. नागेंन्द्र के नेतृत्व में विशेष ध्यान सत्र आयोजित किया गया। बेंगलुरु स्थित एस-व्यासा यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग गुरु के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस साल योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ और लंबी उम्र के लिए योग’ है। योग गुरु नागेंद्र ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं, लेकिन योग और विशेष प्राणायाम की मदद से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है। उन्होंने कहा कि योग एक प्राचीन विज्ञान है, जो केवल शरीर ही नहीं बल्कि मन, प्राण, भक्ति और बुद्धि को भी समझने का रास्ता दिखाता है। कॉन्सुल जनरल बोले- अमेरिका में योग की लोकप्रियता बढ़ रही भारत के कॉन्सुल जनरल बिनय प्रधान ने कहा कि अमेरिका में योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, जिसका प्रमाण योग केंद्रों और कार्यक्रमों में बढ़ती भागीदारी है। उत्तर अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत के लिए भारत के प्रधानमंत्री का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था और आज यह 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है। प्रेम भंडारी पिछले एक दशक से संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय और अमेरिकी संसद परिसर कैपिटल हिल जैसे प्रतिष्ठित स्थानों पर भी योग कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं। 3 लोगों के साथ योग शुरू हुआ, 12 हजार तक पहुंचा टाइम्स स्क्वायर में योग कार्यक्रम की शुरुआत 21 जून 2003 को सिर्फ तीन लोगों के साथ हुई थी। बाद में यह आयोजन धीरे-धीरे दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक योग आयोजनों में शामिल हो गया। आज यहां पूरे दिन सात मुफ्त योग सत्र आयोजित किए जाते हैं। एक प्रतिभागी ने कहा कि टाइम्स स्क्वायर में योग करना एक जादुई अनुभव है, जहां अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के लोग एक साथ आकर सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देते हैं। वहीं एक अन्य प्रतिभागी ने कहा कि दुनिया के सबसे व्यस्त स्थानों में से एक पर योग करना यह महसूस कराता है कि भागदौड़ और शोर के बीच भी शांति और स्थिरता हासिल की जा सकती है। यह कार्यक्रम इंडियन कॉन्सुलेट और उत्तर अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन (RANA) के सहयोग से हुआ। इसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, योग संस्थानों, आध्यात्मिक संगठनों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संयुक्त अरब अमीरात, सर्बिया, नेपाल, रोमानिया और मलेशिया के राजनयिकों समेत कई देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम योग और ध्यान के जरिए देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने में मदद करते हैं।