JPSC-JSSC Protest: जेपीएससी-जेएसएससी धांधली पर छात्रों का अल्टीमेटम; 20 अगस्त को सीएम हेमंत सोरेन के आवास का होगा घेराव
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ राजधानी रांची में चल रहा छात्र आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। शांतिपूर्ण सत्याग्रह और विधानसभा घेराव के बाद भी सरकार द्वारा मांगों पर ठोस कार्रवाई न किए जाने से आक्रोशित छात्रों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक विवादित परीक्षाएं रद्द कर पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच के आदेश नहीं दिए जाते, तब तक आंदोलन थमेगा नहीं।
16 अगस्त को 24 जिलों में पुतला दहन, राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
आंदोलनकारी छात्र मंच के प्रवक्ताओं ने बताया कि 16 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिलों में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका जाएगा। राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर बड़ी संख्या में छात्र एकत्रित होकर विरोध जताएंगे। इसके साथ ही मंच ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी पुतला दहन करने की घोषणा की है।
छात्र नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी एक तरफ छात्रों के समर्थन की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी पार्टी राज्य सरकार में साझीदार है। यदि वे सच में छात्रों के साथ हैं, तो उन्हें सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए, अन्यथा छात्रों को भ्रमित करना बंद करें।
परीक्षाएं रद्द हों, सीबीआई जांच हो या सीएम इस्तीफा दें
छात्र मंच ने पहली बार सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग उठाई है। अभ्यर्थियों का स्पष्ट कहना है कि JPSC 11वीं से 13वीं और JSSC CGL परीक्षाओं को तुरंत रद्द किया जाए और पेपर लीक व धांधली के संगठित सिंडिकेट की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए।
छात्र नेताओं ने कहा कि यदि सरकार छात्रों के सवालों की जवाबदेही तय करने और पारदर्शी व्यवस्था बनाने में असमर्थ है, तो मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
'अब गांधीवादी रास्ता छोड़कर भगत सिंह और सुभाष बोस की राह चुनेंगे'
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि उन्होंने पिछले कई हफ्तों से गांधीवादी और लोकतांत्रिक तरीके से अनशन, धरने और तिरंगा यात्रा के जरिए अपनी आवाज उठाई, लेकिन सरकार ने इसे अनसुना कर दिया। अब छात्रों को अपने हक के लिए आक्रामक संघर्ष का रास्ता चुनने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
20 अगस्त को राज्य के सभी जिलों और गांवों से हजारों की संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री आवास का पूर्ण घेराव करेंगे।
सीएम आवास छावनी में तब्दील, कांके रोड पर मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग
छात्रों के घेराव और आंदोलन के उग्र रुख को देखते हुए रांची जिला प्रशासन और पुलिस मुख्यालय अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री आवास और उसके आसपास के पूरे कांके रोड क्षेत्र को भारी सुरक्षा घेरे में लेकर किले में तब्दील कर दिया गया है।
संवेदनशील रास्तों पर तीन लेयर की बैरिकेडिंग और कंटीले तार लगाए गए हैं तथा 100 से अधिक अतिरिक्त सुरक्षा बलों और खुफिया जवानों की तैनाती की गई है। मोरहाबादी और कचहरी चौक से आने वाले वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है, जिसके कारण शहर के मुख्य चौराहों पर लंबा जाम लग रहा है।
Northeast Flood Fury: पूर्वोत्तर में बाढ़ और भूस्खलन से हाहाकार; अरुणाचल प्रदेश में सेना के 5 जवान लापता, 4 लोगों की मौत
देशभर में सक्रिय मानसून के कारण मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों तक भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की गंभीर चेतावनी जारी की है।
पूर्वोत्तर के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
अरुणाचल प्रदेश में सैलाब का कहर, सेना के 5 जवान लापता और 4 की मौत
अरुणाचल प्रदेश में बादल फटने और भारी बारिश के कारण भयावह हालात पैदा हो गए हैं। राज्य के दिबांग घाटी जिले में सेना के एक शिविर में अचानक आई बाढ़ के तेज बहाव में दो आश्रय स्थल बह गए, जिससे सेना के 5 जवान लापता हो गए हैं।
सेना और स्थानीय प्रशासन द्वारा लापता जवानों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसके अलावा, ऊपरी सुबनसिरी जिले में एक सड़क निर्माण स्थल पर भीषण भूस्खलन होने से 4 श्रमिकों की मलबे में दबकर मौत हो गई है।
असम और सिक्किम में नदियां उफान पर, जनजीवन प्रभावित
पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों—असम, मेघालय और सिक्किम में भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। मूसलाधार बारिश के चलते ब्रह्मपुत्र सहित कई प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर या उसके करीब पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। असम में कई बस्तियां जलमग्न हो गई हैं, जबकि सिक्किम में जगह-जगह भूस्खलन की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग और मुख्य संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं।
मौसम विभाग ने उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 60 से 70 किमी/घंटा की आंधी और भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने भारी मानसूनी बारिश और तेज आंधी को लेकर सतर्कता जारी की है। राज्य के मेरठ, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, कानपुर, बिजनौर, सहारनपुर, शामली, बदायूं, शाहजहांपुर, इटावा, लखीमपुर खीरी, औरैया, जालौन, हमीरपुर, फिरोजाबाद, अयोध्या, बस्ती, बुलंदशहर, गाजीपुर, गोरखपुर, प्रयागराज और देवरिया जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।
इस दौरान पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चलने की आशंका है।
दिल्ली-एनसीआर में तूफानी हवाओं के साथ बारिश के आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में बादलों की आवाजाही के साथ कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज किए जाने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान दिल्ली-एनसीआर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
इस मौसमी हलचल के बीच अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
बिहार में व्यापक बारिश का अनुमान, पहाड़ी राज्यों में यात्रा न करने की सलाह
बिहार के पश्चिमी चंपारण, सीवान, गोपालगंज, सारण, पूर्वी चंपारण, पटना, गया, भोजपुर, बक्सर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार, भागलपुर, खगड़िया और बेगूसराय जिलों में भारी बारिश और आंधी का येलो/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में व्यापक बारिश और लैंडस्लाइड का भारी खतरा बना हुआ है।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील पहाड़ी और नदी तटीय इलाकों में पर्यटकों व आम नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सख्त सलाह दी है।
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