New Rules 1 July 2026: 1 जुलाई से ढीली होगी आपकी जेब! बदलने वाले हैं देश में ये नियम
New Rules 1 July 2026: हर महीने की पहली तारीख अपने साथ कुछ नए नियम लेकर आती है. जून का महीना अब खत्म होने को है और जुलाई का महीना शुरू होने की कगार पर है. भारत में 1 जुलाई 2026 से कई महत्वपूर्ण वित्तीय नियम बदल रहे हैं, जिनका ग्राहकों और करदाताओं पर सीधा असर होगा. इन नए नियमों में यूपीआई से पीएफ की निकासी से लेकर क्रेडिट कार्ड के नियम और पासपोर्ट की बढ़ी हुई फीस जैसी कई चीजें शामिल हैं. आइए विस्तार से जानते हैं कि 1 जुलाई से आपकी जेब और जिंदगी पर क्या असर पड़ने जा रहा है.
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख
नौकरीपेशा और बिना ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स के लिए सैलरीड इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. यानी कि सैलरी पाने वाले कर्मचारी और वे लोग जिनकी इनकम कैपिटल गेन्स, हाउस प्रॉपर्टी या ऐसी दूसरी नॉन-बिजनेस इनकम से होती है जिसके लिए ऑडिट की जरूरत नहीं है, उन्हें समय रहते अपना रिटर्न भर लेना चाहिए. आखिरी तारीख का इंतजार करने से बचने के लिए इसे जुलाई के महीने में ही पूरा करना समझदारी होगी.
HDFC क्रेडिट कार्ड के बदलेंगे नियम
1 जुलाई से नए वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही शुरू हो रही है. इस मौके पर एचडीएफसी बैंक अपने कुछ खास क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव करने जा रहा है. नए नियम के अनुसार, अब घरेलू एयरपोर्ट लाउंज का एक्सेस पाने के लिए हर तिमाही में खर्च की एक नई सीमा पूरी करनी होगी. इस पॉलिसी के तहत, ग्राहकों को अगली तिमाही में मुफ्त घरेलू एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस पाने के लिए पिछली तिमाही में कम से कम 60000 रुपये खर्च करने होंगे.
एलपीजी और ईंधन की कीमतों में बदलाव
हर महीने की पहली तारीख की तरह 1 जुलाई को भी तेल विपणन कंपनियां रसोई गैस सिलेंडर, सीएनजी और पीएनजी की कीमतों की समीक्षा करेंगी. इस दौरान घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दामों में बदलाव देखने को मिल सकता है. साथ ही हवाई जहाजों के ईंधन के लिए भी नए रेट जारी किए जाएंगे, जिसका सीधा असर हवाई सफर के टिकट की कीमतों पर पड़ सकता है.
यूपीआई से निकाला जा सकेगा पीएफ का पैसा
1 जुलाई से यूपीआई के जरिए पीएफ निकालना काफी आसान हो जाएगा. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के जुलाई में अपने नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने की उम्मीद है. इस सुविधा के शुरू होने के साथ खाताधारक यूपीआई के जरिए अपने पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे. इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद पीएफ का पैसा निकालने में कुछ दिन नहीं, बल्कि चंद मिनट का समय लगेगा.
पासपोर्ट बनवाना होगा काफी महंगा
विदेश मंत्रालय ने एक दशक से भी अधिक समय के बाद पासपोर्ट की फीस में भारी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. 1 जुलाई से लागू नए नियमों के तहत, 36 पेज के नए या री-इश्यू पासपोर्ट की फीस 1500 रुपये से बढ़कर 2500 रुपये हो जाएगी. यानी इसमें सीधे 1000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. वहीं, तत्काल सर्विस के लिए अब 3500 की जगह 5000 रुपये देने होंगे.
रेलवे पेनल्टी के नियमों में बड़ी सख्ती
1 जुलाई से बिना टिकट यात्रा करने पर रेलवे में डबल जुर्माना देना होगा. नए नियमों के तहत, जुर्माने की राशि को 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये किया जा रहा है. इसके साथ ही अब से अगर कोई पुरुष यात्री महिला कोच में सफर करते हुए पकड़ा गया, तो उस पर 2500 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.
फ्री में अपडेट कर सकेंगे अपना पहचान पत्र
नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने अगले कुछ महीनों के लिए ऑनलाइन पहचान दस्तावेज अपडेट करने की सुविधा को बिल्कुल मुफ्त कर दिया है. पहले अपने नाम, पते या अन्य विवरणों को पोर्टल पर ऑनलाइन सुधारने या अपडेट करने के लिए शुल्क देना पड़ता था, लेकिन अब इस मुफ्त सुविधा का लाभ उठाकर लोग अपने जरूरी पहचान पत्र को बिना किसी खर्च के आसानी से अपडेट कर सकते हैं.
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सलीम मर्चेंट, इमरान हाशमी से लेकर अली फजल तक, शिया मुस्लिम हैं ये बॉलीवुड सेलिब्रिटी
Shia Muslim Bollywood Celebrity: इंडिया में जब भी कोई बड़ा त्यौहार आता है तो इस बात की चर्चा शुरु हो जाती है कि फिल्म इंडस्ट्री में कौन-कौन त्यौहार मनाता है. आज इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक, 10 मुहर्रम है. मान्यता है कि इस दिन शिया मुस्लिम मातम मनाते हैं. वहीं, सुन्नी मुस्लिम रोजा रखते हैं. इस्लाम धर्म में शिया-सुन्नी नाम के दो सबसे बड़े समुदाय माने जाते हैं. मान्यता के मुताबिक, शिया-सुन्नी में कई चीजें अलग होती हैं. हालांकि, कई बार लोगों को पता नहीं चल पाता है कि कौन सुन्नी है और कौन शिया. हालांकि, शिया-सुन्नी दोनों ही समुदाय के लोग मुस्लिम होते हैं. बहरहाल क्या आप जानते हैं कि बॉलीवुड के कई सेलिब्रेटी शिया समुदाय से ताल्लुक रखते हैं.आइए उनके बारे में जानते हैं-
बॉलीवुड में कई सितारे शिया पंथ को मानते हैं. इनमें इमरान हाशमी, सलीम मर्चेंट, शबाना आजमी और अली फजल जैसे सितारे शामिल हैं. हालांकि, यहां दी गई जानकारी पब्लिक रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्ट्स पर बेस्ड है. इन कलाकारों ने अपनी धार्मिक पहचान को लेकर खुद कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया है. ऐसे पूरी तरह नहीं कहां जा सकता है कि वे शिया समुदाय को फॉलो करते हैं.
मीना कुमारी को आज भी लोग याद करते हैं
मीना कुमारी बॉलीवुड इंडस्ट्री की बेहतरीन एक्ट्रेस में गिनी जाती थीं. उनका असली नाम महजबीन बानो था. 'पाकीजा', 'साहिब बीवी और गुलाम' और 'बैजू बावरा' फिल्मों ने उन्हें हमेशा के लिए अमर कर दिया. मीडिया रिपोर्ट्स और पब्लिक जानकारी के अनुसार, मीना कुमारी की फैमिली शिया समुदाय से जुड़ी हुई थी. साल 1972 में उनके निधन के बाद उन्हें मुंबई के रहमताबाद शिया कब्रिस्तान में दफनाया गया था. इसी वजह से उनका नाम शिया समुदाय से जुड़े बड़े फिल्मी सितारों में लिया जाता है.
इमरान हाशमी और सलीम मर्चेंट मानते हैं शिया समुदाय
इमरान हाशमी का नाम बॉलीवुड के दमदार एक्टर की लिस्ट में आता है. उन्होंने 'मर्डर', 'जन्नत', 'वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई', 'द डर्टी पिक्चर' और 'टाइगर 3' कई फिल्मों काम किया है. उनको पसंद करने वाले लोगों की बहुत बड़ी संख्या है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान हाशमी का पूरा नाम सैयद इमरान अनवर हाशमी है और बताया जाता है कि उनका संबंध खोजा शिया समुदाय से है. हालांकि, उन्होंने अपनी धार्मिक पहचान को लेकर अलग से कोई दावा नहीं किया है. वहीं, म्यूशियन सलीम मर्चेंट भी शिया समुदाय को मानते हैं. इस बार वह मस्जिद में मुहर्रम पर इबादत करते नजर आए.
अमजद खान का गब्बर भी थे शिया
फिल्म 'शोले' में गब्बर सिंह का किरदार निभाने वाले अमजद खान को बॉलीवुड का सबसे यादगार विलेन माना जाता है.मिली जानकारी के मुताबिक, उनकी फैमिली पेशावर के एक पश्तून शिया पंथ से ताल्लुक रखती थी. उनके पिता जयंत भी एक्टर थे. अमजद खान के निधन के बाद उन्हें मुंबई के रहमताबाद शिया कब्रिस्तान में दफनाया गया था.
शबाना आजमी और अली फजल फॉले करते हैं शिया समुदाय
बॉलीवुड के जाने माने लेखक और गीतकार जावेद अख्तर की फैमिली भी शिया समुदाय से आती है. हालांकि, जावेद अख्तर कई बार पब्लिकली खुद को को नास्तिक बता चुके हैं. वहीं, एक्ट्रेस शबाना आजमी के पिता कैफी आज़मी देश के फेमस शायर थे.मिली जानकारी के मुताबिक, उनकी फैमिली भी शिया समुदाय से जुड़ी हुई है.
'मिर्जापुर' वेब सीरीज से पहचान बनाने वाले गुड्डू भैया यानी अली फजल के बारे में भी मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जाता है कि वह लखनऊ के शिया मुस्लिम परिवार से आते हैं. मुहर्रम के दौरान वह कई बार सोशल मीडिया पर इमाम हुसैन की याद में पोस्ट भी शेयर करते हैं.
शिया और सुन्नी में क्या अंतर होता है?
आपको बता दें कि इस्लाम में दो बड़े समुदाय हैं ऐक शिया और दूसरा सुन्नी समुदाय. ये दोनों समुदाय कुरान को मानते हैं, नमाज पढ़ते हैं, रोजा रखते हैं और हज करते हैं. यानी धर्म की बुनियादी बातें दोनों में एक जैसी हैं. हालांकि, इनके इबादत करने का तरीका थोड़ा अलग होता है. लेकिन इसमें सबसे बड़ा फर्क यह है कि खिलाफत को लेकर है. पैगंबर हजरत मोहम्मद के बाद लीडरशिप को लेकर शिया और सुन्नी में मतभेद पैदा हो गया था. सुन्नी समुदाय का मानना है कि पहले खलीफा हजरत अबू बकर बने, जबकि शिया समुदाय का मानना है कि लीडरशिप हजरत अली और उनके परिवार को मिलना चाहिए थी. इसी को लेकर दोनों के बीच अंतर है.
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