केतन की हत्या को लेकर नया एंगल सामने आया, प्रेमी के उकसावे के बाद सिया ने लिया था ये फैसला
पुणे में बिल्डर केतन अग्रवाल की हत्या मामले में एक नया एंगल सामने अया है. पुलिस के अनुसार, उसकी मंगेतर सिया गोयल को प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन की हत्या के लिए उकसाया था. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों से बातचीत के बाद यह बात सामने आई है. एक पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया, "दोनों आरोपियों से पूछताछ से बड़ी बात निकलकर सामने आई है. चेतन ने सिया को लोहागढ़ किले में अग्रवाल की हत्या को लेकर उकसाया था."
अधिकारी ने यह भी बताया कि इस मामले में सिया गोयल के भाई से भी पूछताछ हो रही थी. इसी से जुड़े एक घटनाक्रम में, महाराष्ट्र सरकार ने अग्रवाल परिवार की मांग को मान लिया है. इसमें अदालत में फास्ट-ट्रैक ट्रायल और जाने-माने वकील उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील (स्पेशल प्रॉसिक्यूटर) नियुक्त किया गया है.
25 साल के केतन अग्रवाल की हत्या
आपको बता दें कि 20 साल की सिया गोयल और 22 साल चेतन चौधरी के बीच कथित तौर पर प्रेम संबंध थे. दोनों पर 25 साल के केतन अग्रवाल की हत्या करने की साजिश रचने का आरोप है. केतन अग्रवाल को कथित तौर पर 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में एक चट्टान से नीचे धकेला गया था. जांच में अब तक यह बात सामने आई है कि गोयल अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी. उसने अग्रवाल के संग अपने परिवार को भी यह बात बता दी थी, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी.
क्या विग की वजह से नापसंद किया?
कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि सिया गोयल, केतन अग्रवाल को इसलिए पसंद नहीं करती थीं. वह विग पहनते थे. एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को जानकारी दी कि अग्रवाल विग पहनते थे, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि सिया के उन्हें पसंद न करने की यही एकमात्र वजह थी.
केतन एक छोटी विग पहनते थे
केतन के पिता, विशाल अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि यह सच है कि केतन एक छोटी विग पहनते थे और उन्होंने यह भी बताया कि सगाई से पहले ही सिया और उनके परिवार को इस बारे में बता दिया गया था. उन्होंने पूछा, "अगर उन्हें कोई दिक्कत थी, तो उन्हें मना कर देना चाहिए था. मेरे बेटे को मारने की क्या ज़रूरत थी?"
पुणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने गुरुवार को जो जांच टीम का हिस्सा हैं, ने बताया कि क्लिफ पॉइंट पर पहुंचने के बाद गोयल ने चौधरी को पहले से तय सिग्नल दिया. इसके बाद चौधरी ने कुछ भी न भांप पाने वाले अग्रवाल को धक्का देकर उनकी जान ले ली.
दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी खराबी, घंटों बंद विमान में फंसे रहे यात्री, गर्मी से बिगड़े हालात
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर शुक्रवार को रांची जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान में तकनीकी खराबी आने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. उड़ान भरने से ठीक पहले सामने आई इस समस्या के कारण विमान को रनवे की ओर जाने से रोक दिया गया. लेकिन तकनीकी दिक्कत के बावजूद यात्रियों को तुरंत विमान से बाहर नहीं निकाला गया, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच उन्हें करीब दो से तीन घंटे तक बंद केबिन में इंतजार करना पड़ा.
यात्रियों का कहना है कि विमान का एयर कंडीशनिंग सिस्टम भी बंद हो गया था, जिसके चलते अंदर का तापमान लगातार बढ़ता गया और हालात बेहद असहज हो गए.
टेकऑफ से पहले सामने आई तकनीकी खराबी
जानकारी के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट 6E-2614 को दोपहर 2:40 बजे दिल्ली से रांची के लिए उड़ान भरनी थी. सभी यात्री विमान में सवार हो चुके थे और टेकऑफ की तैयारियां चल रही थीं. इसी दौरान विमान में तकनीकी खराबी का पता चला.
सुरक्षा कारणों से विमान को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई और इंजीनियरिंग टीम को जांच के लिए बुलाया गया. हालांकि, यात्रियों का आरोप है कि इस दौरान उन्हें लंबे समय तक विमान के अंदर ही बैठाए रखा गया.
@airindia the airindia flight #AI128 from #lhr to #bom on 260626 was supposed to leave at 1230 uk and is still on tarmac at 1547 Hrs UK at T2. Please let us know what's happening and how will you explain and compensate for this inordinate delay
— Man (@ssiva77) June 26, 2026
बंद एसी ने बढ़ाई यात्रियों की मुश्किलें
यात्रियों के मुताबिक, विमान का एसी बंद होने से केबिन में तेज गर्मी और उमस फैल गई. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी हुई.
कई यात्रियों ने सीट के सामने रखी मैगजीन से हवा करनी शुरू कर दी, जबकि कुछ लोग कपड़ों और हाथों से खुद को राहत देने की कोशिश करते रहे. लंबे इंतजार के दौरान केबिन का माहौल लगातार असहज होता गया.
आक्रोश के बाद विमान से बाहर निकाले गए यात्री
जब काफी देर तक न तो तकनीकी समस्या दूर हुई और न ही यात्रियों को बाहर निकाला गया, तो लोगों ने विमान के अंदर ही विरोध जताना शुरू कर दिया. यात्रियों ने क्रू मेंबर्स से सवाल किए और सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें तुरंत बाहर निकालने की मांग की.
विरोध बढ़ने के बाद एयरलाइन प्रबंधन ने कार्रवाई की. विमान के दरवाजे खोले गए और सभी यात्रियों को एप्रन बसों के जरिए वापस टर्मिनल भवन में ले जाया गया.
कई घंटे देरी से रवाना हुई उड़ान
तकनीकी जांच पूरी होने और आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं के बाद विमान को दोबारा उड़ान की अनुमति दी गई. इस पूरी प्रक्रिया में कई घंटे लग गए.
निर्धारित समय के अनुसार फ्लाइट को शाम 4:35 बजे रांची पहुंचना था, लेकिन देरी के कारण उसके रात करीब 8:15 बजे पहुंचने की संभावना जताई गई.
Hi, we sincerely regret the inconvenience you have experienced. We understand how concerning this must have been for you. Please be assured that the matter has been highlighted to the concerned team for a thorough review. We truly value your feedback and remain committed to…
— IndiGo (@IndiGo6E) June 26, 2026
एयरलाइन ने माना, तकनीकी दिक्कत बनी देरी की वजह
रांची स्थित इंडिगो के अधिकारी सम्यक चक्रवर्ती ने स्वीकार किया कि विमान में तकनीकी खराबी आने के कारण उड़ान में विलंब हुआ. हालांकि, उन्होंने तकनीकी समस्या की प्रकृति या अन्य विवरण साझा नहीं किए.
यह घटना एक बार फिर विमानन कंपनियों की आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी, यात्रियों को समय पर जानकारी देने की व्यवस्था और तकनीकी खराबी के दौरान उनकी सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है. यात्रियों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में पारदर्शिता और त्वरित निर्णय ही असुविधा और तनाव को कम कर सकते हैं.
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