आज के तकनीकी दौर में हमारी लाइफ में सबसे जरुरी हिस्सा स्मार्टफोन बन गया है। फोन का इस्तेमाल काफी करते हैं। लेकिन इसकी सबसे बड़ी समस्या है बैटरी ड्रेन। अक्सर होता है कि हम फोन पूरा चार्ज करते हैं, लेकिन कुछ ही घंटों में बैटरी तेजी से नीचे आ जाती है।
कई बार हम सभी को यही लगता है कि बैटरी खराब हो गई है, लेकिन फोन के अंदर चल रही छिपी सेटिंग्स इसके लिए जिम्मेदार होती हैं। इसलिए आपको कुछ जरुरी बदलाव करने होंगे। तो चलिए आपको बताते हैं कैसे आप किन चीजों से बदलाव करने से बहुत जरुरी है। यदि आप दिन में तीन बार चार्जर ढूंढते हैं, तो ये दो सेटिंग्स बदलते ही आपके फोन की बैटरी लाइफ काफी हद तक बढ़ जाएगी।
बैटरी तेजी से खत्म होने के पीछे क्या है असली वजह?
- फोने में ऐसे कई ऐप्स होते हैं, जो सिर्फ हम बंद कर देते हैं, लेकिन वे पीछे चलते रहते हैं और इंटरनेट व जीपीएस का इस्तेमाल करते रहते हैं।
- स्क्रीन तेजी रोशनी और हर मिनट ईमेल या सोशल मीडिया डेटा को सिंक करना बैटरी का दुशमन बन जाता है।
- यदि आप किसी ऐसे इलाके में रहते हैं, जहां सिग्नल कम है, तो फोन बार-बार नेटवर्क ढूंढने में काफी ज्यादा एनर्जी खर्च रहती है।
जानिए किन सेटिंग्स को बंद करना जरुरी है?
कई सारे फोन में Location सेटिंग्स के अंदर 'Wi-Fi Scanning' और 'Bluetooth Scanning' ऑन छूट जाती है। इसका अर्थ यह है कि आपका फोन बंद होने पर भी आसपास के वाई-फाई और ब्लूटूथ सर्च करता रहता है। इसे बंद करने के लिए सबसे पहले Settings > Location > Wi-Fi and Bluetooth Scanning > दोनों को OFF कर दें। इसमें स्टैंडबाय मोड में बैटरी की बचत होगी।
अक्सर हमारा फोन हर समय गूगल अकाउंट, क्लाउड और ऐप्स को अपडेट करता रहता है। इसे मैनेज करने के लिए आप Settings > Users & Accounts > 'Auto-sync data' को ऑफ कर देता है। इसके साथ ही भारी ऐप्स की 'App info' में जाकर 'Background Data' को डिसेबल कर दें। इन सब सेटिंग को बंद करने के बाद ये ऐप्स तभी बैटरी और डेटा खर्च करेंगे जब आप इन्हें खोलेंगे।
इसके अलावा, ध्यान रखें कि कभी भी फोन की बैटरी 0% तक न जाने दें और न ही हमेशा 100 % चार्ज करें। खासतौर पर बैटरी को हमेशा 20% से 80% के बीच रखना काफी जरुरी है।
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केरल के त्रिशूर ज़िले में शुक्रवार को दो प्राइवेट बसों की आमने-सामने की टक्कर में कई यात्री घायल हो गए और एक ड्राइवर अपनी केबिन में फँस गया। 30 मिनट तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद ड्राइवर को बाहर निकाला गया। यह हादसा तब हुआ जब अंबाल्लूर-कल्लूर और अंबाल्लूर-पलाप्पिल्ली रूट पर चलने वाली दो प्राइवेट बसें आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि दोनों गाड़ियों का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। टक्कर के बाद निर्मल नाम का ड्राइवर बुरी तरह क्षतिग्रस्त केबिन में फँस गया। फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और ड्राइवर के केबिन को काटकर उसे सुरक्षित बाहर निकालने में लगभग 30 मिनट का समय लगा। इस दुर्घटना में कई यात्रियों को मामूली चोटें आईं। एम्बुलेंस से घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पतालों में ले जाया गया।
अधिकारियों ने अभी तक दुर्घटना के सही कारण का पता नहीं लगाया है। मामले की जांच चल रही है। पुलिस ने बताया कि 23 जून को केरल के कोल्लम ज़िले में मिट्टी ले जा रही एक टिपर लॉरी बेकाबू होकर बस स्टॉप से टकरा गई, जिससे कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। टक्कर के कारण गाड़ी में लदी मिट्टी वहां इंतज़ार कर रहे लोगों पर गिर गई और कई लोग मिट्टी के ढेर के नीचे दब गए।
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