गाजीपुर का बाबा कोटेश्वर नाथ मंदिर, जहां राजा गाधि की तपस्या से बनी छोटी काशी
गाजीपुर के चीतनाथ घाट के पास स्थित बाबा कोटेश्वर नाथ मंदिर को लेकर मान्यता है कि त्रेता युग में राजा गाधि ने यहां कठोर तपस्या की थी. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया और इस स्थान को छोटी काशी यानी लहुरी काशी का नाम मिला. सावन में यहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है.
सपने में मिला था संकेत और बन गया मंदिर, महराजगंज के 240 साल पुराने जगन्नाथ धाम की अनोखी है कहानी
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के बरहड़ा महंत गांव में करीब 240 साल पुराना जगन्नाथ मंदिर स्थित है. मान्यता के अनुसार, करीब 1786 में संत वैष्णव रामानुज दास को स्वप्न में इस स्थान की पवित्रता का संकेत मिला था. इसके बाद पुरी से भगवान जगन्नाथ के विग्रह लाकर मंदिर की स्थापना की गई. आज भी यहां पुरी की परंपरा के अनुसार पूजा और अनुष्ठान होते हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18








