होर्मुज पर टकराव के बीच ट्रंप ने पेट्रोल की कीमतों को लेकर उठाया ये बड़ा कदम, ईरान पर बढ़ा आर्थिक दबाव
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार के साथ-साथ अमेरिकी उपभोक्ताओं पर भी दिखाई देने लगा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम में कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की कीमत अगर पेट्रोल के रूप में कुछ अधिक चुकानी पड़े, तो यह स्वीकार्य है.
ट्रंप ने ईरान को बेहद खतरनाक देश बताते हुए कहा कि उसका परमाणु हथियार हासिल न करना अमेरिका के लिए प्राथमिकता है. इसी दौरान उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया और संकेत दिया कि ईरान को परास्त करने के बाद अमेरिका इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपना नियंत्रण स्थापित कर सकता है.
होर्मुज़ को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ा तनाव
युद्धविराम और बातचीत की संभावनाओं के बीच हालात फिलहाल सामान्य होते नहीं दिख रहे हैं. ईरान लगातार इस बात से इनकार कर रहा है कि उसने अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू की है. इसी गतिरोध के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है.
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने सोशल मीडिया मंच X पर अमेरिका से वास्तविक स्थिति स्वीकार करने की अपील की. उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका अपनी हार को स्वीकार नहीं करता और वास्तविकता से दूर दावों को छोड़ता नहीं है, तब तक ईरान नाकेबंदी जारी रखेगा.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा कि तेहरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का कोई फैसला नहीं लिया है. उनके मुताबिक, जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए अमेरिका को ईरान की तय शर्तों को मानना होगा.
अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों पर दबाव
तनाव का सीधा असर ऊर्जा कीमतों पर पड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के आंकड़ों में शुक्रवार को अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4.08 डॉलर प्रति गैलन रही. यह एक साल पहले की तुलना में करीब 29 प्रतिशत अधिक है.
कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई. शुक्रवार को तेल वायदा भाव में लगभग एक डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हुई. सप्ताह के आधार पर ब्रेंट क्रूड करीब 6 प्रतिशत और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट लगभग 5.4 प्रतिशत ऊपर रहा.
बढ़ती ऊर्जा कीमतें अमेरिकी महंगाई पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं. इसका राजनीतिक असर भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि महंगे ईंधन से आम मतदाताओं पर सीधे असर पड़ता है.
ईरान भी आर्थिक दबाव में
दूसरी ओर, ईरान खुद भी इस टकराव की आर्थिक कीमत चुका रहा है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरानी बंदरगाहों पर दबाव के कारण देश में महंगाई बढ़ रही है.
अमेरिका की ओर से भी आर्थिक दबाव बढ़ाने के संकेत दिए गए हैं. ट्रंप और अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ नए कदम उठाने की बात कही है. बेसेंट के अनुसार, तेहरान पर अतिरिक्त आर्थिक उपायों की घोषणा अगले सप्ताह की जा सकती है.
इस तरह होर्मुज़ जलडमरूमध्य अब केवल अमेरिका और ईरान के बीच रणनीतिक टकराव का मुद्दा नहीं रह गया है. वहां तेल और गैस की आवाजाही प्रभावित होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार, महंगाई और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ने की आशंका है.
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